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सीसीटीवी कैमरे में कैद हत्यारे नहीं हत्थे चढ़े
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:21 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परतापुर के सोहरका गांव में मां-बेटे की हत्या कर दहशत फैलाने वाले हत्यारों को 36 घंटे बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। तीन हत्यारे सरेआम गोलियां बरसाते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए है। मुख्य आरोपी मांगे उर्फ विनय के साथ गोलियां चलाने वाले दोनों हत्यारे मुजफ्फरनगर के बताए गए है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के भांजे गोलू उर्फ तरुण को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया।
सोहरका गांव में नरेंद्र सांगवान की हत्या के चश्मदीद गवाह उसके बेटे भोलू उर्फ बलविंद्र और पत्नी निछत्तर कौर उर्फ निचित्रा की बुधवार दिनदहाडे़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। निचित्रा पर गोलियां बरसाते तीन हत्यारे घर पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गये थे। इनमें मुख्य आरोपी गांव का ही मांगे उर्फ विनय था। मांगे के साथ गोलियां बरसाने वाला एक बदमाश मुजफ्फरनगर जिले के भोपा क्षेत्र में आने वाले बसेड़ा गांव का है जबकि दूसरा मुजफ्फरनगर शहर का बताया गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद तीनों हत्यारों की तलाश में पुलिस ने मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत समेत कई जनपदों में दबिश दी, लेकिन हत्थे नहीं चढ़े। तीनों हत्यारों के फरार होने से सोहरका गांव में दहशत बरकरार है। पीड़ित परिवार को अभी खतरा बना हुआ है। एसएसपी ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा में एक गारद लगा दी है। गांव में पुलिस का पहरा अलग से लगा है।
जंगल में नहीं की कांबिंग
ग्रामीणों का कहना है कि गोलियां बरसाने के बाद तीनों हत्यारे जंगल की तरफ भागे थे। हत्यारे अभी भी जंगल में छिपे हो सकते हैं। पुलिस ने खेतों में कोई कांबिंग नहीं की। तीनों हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार ही नहीं, ग्रामीण भी दहशत में हैं। उनको अंदेशा है कि जंगल में उनके साथ वारदात हो सकती है। शायद यही वजह है कि पुलिस के सामने गांव को कोई शख्स बोलने को तैयार नहीं है।
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भाई से जेल में मिला था मांगे
नरेंद्र की हत्या 19 अक्तूबर 2016 को प्रधानी चुनाव को लेकर गांव के सौबिर उर्फ मानु ने की थी। सौबिर जेल में बंद है। नरेंद्र का बेटा भोलू और पत्नी निछत्तर कौर उसके खिलाफ गवाही देंगे। इसकी जानकारी सौबिर को थी। 21 जनवरी को सौबिर से मुलाकात करने उसका भाई मांगे जेल में गया था। वहीं पर दोनों की हत्या की प्लानिंग की गयी। उसके बाद मांगे ने मुजफ्फरनगर के बदमाशों से संपर्क किया। भाई को जेल से छुड़ाने के लिए मांगे चश्मदीद गवाह भोलू व निचित्रा की हत्या कर सकता है, इसकी आशंका ग्रामीणों को भी थी।
मुख्य आरोपी का भांजा जेल भेजा
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर भोलू की पत्नी व बहन ने दावा किया था कि गोलियां चलाने वाले मांगे व उसका भांजा गोलू उर्फ तरुण है। तीसरा हत्यारा उनकी पहचान में नहीं आया। इसी आधार पर पुलिस ने मांगे व गोलू को नामजद किया था। पुलिस ने गोलू को गंगानगर में गंगासागर कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। गोलू ने मां-बेटे की हत्या में शामिल न होने की बात कही। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर एक बाइक मिली थी। जो कि गोलू की थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मांगे के घर पर दबिश दी, जहां कोई नहीं मिला। रिश्तेदार भी ताला लगाकर घर से गायब थे। सौबिर की पत्नी भी 20 दिन पहले घर से कहीं चली गई थी। जिससे पुलिस अंदेशा लगा रही है कि हत्या की प्लानिंग में मुख्य आरोपी मांगे का परिवार व रिश्तेदार भी शामिल है।
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सोहरका गांव में नरेंद्र सांगवान की हत्या के चश्मदीद गवाह उसके बेटे भोलू उर्फ बलविंद्र और पत्नी निछत्तर कौर उर्फ निचित्रा की बुधवार दिनदहाडे़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। निचित्रा पर गोलियां बरसाते तीन हत्यारे घर पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गये थे। इनमें मुख्य आरोपी गांव का ही मांगे उर्फ विनय था। मांगे के साथ गोलियां बरसाने वाला एक बदमाश मुजफ्फरनगर जिले के भोपा क्षेत्र में आने वाले बसेड़ा गांव का है जबकि दूसरा मुजफ्फरनगर शहर का बताया गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद तीनों हत्यारों की तलाश में पुलिस ने मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत समेत कई जनपदों में दबिश दी, लेकिन हत्थे नहीं चढ़े। तीनों हत्यारों के फरार होने से सोहरका गांव में दहशत बरकरार है। पीड़ित परिवार को अभी खतरा बना हुआ है। एसएसपी ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा में एक गारद लगा दी है। गांव में पुलिस का पहरा अलग से लगा है।
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जंगल में नहीं की कांबिंग
ग्रामीणों का कहना है कि गोलियां बरसाने के बाद तीनों हत्यारे जंगल की तरफ भागे थे। हत्यारे अभी भी जंगल में छिपे हो सकते हैं। पुलिस ने खेतों में कोई कांबिंग नहीं की। तीनों हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार ही नहीं, ग्रामीण भी दहशत में हैं। उनको अंदेशा है कि जंगल में उनके साथ वारदात हो सकती है। शायद यही वजह है कि पुलिस के सामने गांव को कोई शख्स बोलने को तैयार नहीं है।
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भाई से जेल में मिला था मांगे
नरेंद्र की हत्या 19 अक्तूबर 2016 को प्रधानी चुनाव को लेकर गांव के सौबिर उर्फ मानु ने की थी। सौबिर जेल में बंद है। नरेंद्र का बेटा भोलू और पत्नी निछत्तर कौर उसके खिलाफ गवाही देंगे। इसकी जानकारी सौबिर को थी। 21 जनवरी को सौबिर से मुलाकात करने उसका भाई मांगे जेल में गया था। वहीं पर दोनों की हत्या की प्लानिंग की गयी। उसके बाद मांगे ने मुजफ्फरनगर के बदमाशों से संपर्क किया। भाई को जेल से छुड़ाने के लिए मांगे चश्मदीद गवाह भोलू व निचित्रा की हत्या कर सकता है, इसकी आशंका ग्रामीणों को भी थी।
मुख्य आरोपी का भांजा जेल भेजा
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर भोलू की पत्नी व बहन ने दावा किया था कि गोलियां चलाने वाले मांगे व उसका भांजा गोलू उर्फ तरुण है। तीसरा हत्यारा उनकी पहचान में नहीं आया। इसी आधार पर पुलिस ने मांगे व गोलू को नामजद किया था। पुलिस ने गोलू को गंगानगर में गंगासागर कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। गोलू ने मां-बेटे की हत्या में शामिल न होने की बात कही। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर एक बाइक मिली थी। जो कि गोलू की थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मांगे के घर पर दबिश दी, जहां कोई नहीं मिला। रिश्तेदार भी ताला लगाकर घर से गायब थे। सौबिर की पत्नी भी 20 दिन पहले घर से कहीं चली गई थी। जिससे पुलिस अंदेशा लगा रही है कि हत्या की प्लानिंग में मुख्य आरोपी मांगे का परिवार व रिश्तेदार भी शामिल है।