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सीसीएसयू : एआई से मूल्यांकन के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
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- चौधरी चरण सिंह विवि में कुलसचिव कार्यालय पर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में मूल्यांकन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से कराने के प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ छात्रों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय के समक्ष नारेबाजी की और आक्रोश जताया।
छात्र नेता अक्षय बैंसला सहित अन्य ने कहा कि विश्वविद्यालय के इस फैसले को छात्र किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नियमित कक्षाएं नहीं चल रही हैं। शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होते हैं और शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। ऐसे में एआई से मूल्यांकन का निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है। छात्रों ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय को अपनी बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए। शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य हो और शैक्षणिक माहौल ठीक किया जाए। इसके बाद ही किसी नई तकनीक को लागू करने पर विचार किया जा सकता है। बिना उचित तैयारी और बुनियादी सुधारों के एआई आधारित मूल्यांकन लागू करना छात्रों के साथ अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है।
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प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एआई से मूल्यांकन का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। ऐसी स्थिति में आने वाली किसी भी परेशानी की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस मौके पर छात्र नेता अक्षय बैंसला, शुभम भड़ाना, विशाल, आलोक बैंसला, शान मोहम्मद, पवनीश यादव, शिवम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में मूल्यांकन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से कराने के प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ छात्रों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय के समक्ष नारेबाजी की और आक्रोश जताया।
छात्र नेता अक्षय बैंसला सहित अन्य ने कहा कि विश्वविद्यालय के इस फैसले को छात्र किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नियमित कक्षाएं नहीं चल रही हैं। शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होते हैं और शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। ऐसे में एआई से मूल्यांकन का निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है। छात्रों ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय को अपनी बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए। शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य हो और शैक्षणिक माहौल ठीक किया जाए। इसके बाद ही किसी नई तकनीक को लागू करने पर विचार किया जा सकता है। बिना उचित तैयारी और बुनियादी सुधारों के एआई आधारित मूल्यांकन लागू करना छात्रों के साथ अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है।
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प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एआई से मूल्यांकन का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। ऐसी स्थिति में आने वाली किसी भी परेशानी की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस मौके पर छात्र नेता अक्षय बैंसला, शुभम भड़ाना, विशाल, आलोक बैंसला, शान मोहम्मद, पवनीश यादव, शिवम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।