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विवि की गलती भुगत रहे विकलांग छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 05 Feb 2016 02:11 AM IST
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की गलती मेरठ और सहारनपुर मंडल में विकलांग छात्र भुगत रहे हैं। विवि की एक छोटी से गलती उन्हें भारी पड़ रही है। परीक्षा फार्म में फिजिकल एजूकेशन का पेपर भरना अब अनिवार्य नहीं होगा।
जिन्होंने भर दिया है, उसके लिए कॉलेजों को निर्देशित किया जाएगा। कॉलेजों से अलग से रिपोर्ट मांगी जाएगी। छात्रों का रिजल्ट नहीं रुकेगा।
बीए, बीएससी और बीकॉम के तीनों साल में स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एजूकेशन का पेपर क्वालीफाइंग कोर्स के रूप में शामिल है। 50 नंबर की थ्योरी और 50 नंबर का प्रैक्टिकल (इंटरनल) होता है। हर छात्र को यह देना होता है। लेकिन विकलांग छात्रों को इससे छूट है।
इस बारे में शासनादेश जारी हो चुका है। विवि की गलती यह है कि एग्जाम फॉर्म भरने के दौरान क्वालीफाइंग कोर्स होने की वजह से इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। जब फार्म भरा जाता है तो यह कोर्स खुद सेलेक्ट रहता है। छात्र को शिक्षक बताते हैं कि उन्हें यह पेपर नहीं देना, लिहाजा वह पेपर नहीं देते।
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क्योंकि एग्जाम फार्म में पेपर भरा गया था, इस वजह से गैरहाजिर होने पर उनका रिजल्ट रोक दिया जाता है। छात्रों को इस दिक्कत को दूर करने के लिए कॉलेज से लेकर विवि तक के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। मेरठ और सहारनपुर मंडल के कई हजार छात्र इस समस्या से पीड़ित हैं।
गलती में होगा सुधार : रजिस्ट्रार
विवि के रजिस्ट्रार दीपचंद्र का कहना है इस गलती को सुधारा जाएगा। फिलहाल सेमेस्टर सिस्टम के एग्जाम फार्म भरे जा चुके हैं। इनमें कॉलेजों को निर्देशित किया जाएगा कि वह ऐसे छात्रों की रिपोर्ट अलग से दे दें।
रिजल्ट में उन्हें परेशानी नहीं होगी। रेग्युलर और प्राइवेट फार्म अभी भरे जाने हैं। इसके लिए कंपनी को निर्देशित कर दिया है। विकलांग छात्रों के लिहाज से फार्म में सुधार किया जाएगा।
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जिन्होंने भर दिया है, उसके लिए कॉलेजों को निर्देशित किया जाएगा। कॉलेजों से अलग से रिपोर्ट मांगी जाएगी। छात्रों का रिजल्ट नहीं रुकेगा।
बीए, बीएससी और बीकॉम के तीनों साल में स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एजूकेशन का पेपर क्वालीफाइंग कोर्स के रूप में शामिल है। 50 नंबर की थ्योरी और 50 नंबर का प्रैक्टिकल (इंटरनल) होता है। हर छात्र को यह देना होता है। लेकिन विकलांग छात्रों को इससे छूट है।
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इस बारे में शासनादेश जारी हो चुका है। विवि की गलती यह है कि एग्जाम फॉर्म भरने के दौरान क्वालीफाइंग कोर्स होने की वजह से इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। जब फार्म भरा जाता है तो यह कोर्स खुद सेलेक्ट रहता है। छात्र को शिक्षक बताते हैं कि उन्हें यह पेपर नहीं देना, लिहाजा वह पेपर नहीं देते।
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क्योंकि एग्जाम फार्म में पेपर भरा गया था, इस वजह से गैरहाजिर होने पर उनका रिजल्ट रोक दिया जाता है। छात्रों को इस दिक्कत को दूर करने के लिए कॉलेज से लेकर विवि तक के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। मेरठ और सहारनपुर मंडल के कई हजार छात्र इस समस्या से पीड़ित हैं।
गलती में होगा सुधार : रजिस्ट्रार
विवि के रजिस्ट्रार दीपचंद्र का कहना है इस गलती को सुधारा जाएगा। फिलहाल सेमेस्टर सिस्टम के एग्जाम फार्म भरे जा चुके हैं। इनमें कॉलेजों को निर्देशित किया जाएगा कि वह ऐसे छात्रों की रिपोर्ट अलग से दे दें।
रिजल्ट में उन्हें परेशानी नहीं होगी। रेग्युलर और प्राइवेट फार्म अभी भरे जाने हैं। इसके लिए कंपनी को निर्देशित कर दिया है। विकलांग छात्रों के लिहाज से फार्म में सुधार किया जाएगा।