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शिक्षण संस्थानों में खुलेंगे स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सेंटर
Updated Fri, 29 Jan 2016 02:08 AM IST
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यूजीसी ने छात्रों के हितों में एक नई पहल की है। देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम डवलेप करने को कहा है। छात्रों की तमाम समस्याओं का समाधान इस सिस्टम से किया जाए।
शिक्षक, छात्र और परिजनों के बीच की दूरी कम हो। छात्र दिल खोलकर अपनी बात कर सकें और समस्या बता सकें। बात सिर्फ रैगिंग रोकने तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों का सही मार्गदर्शन देने की भी है। शिक्षकों से काउंसलर की भूमिका अदा करने को कहा है।
विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को यूजीसी सचिव प्रो. जसपाल एस संधू की ओर से जारी पत्र में छात्रों की समस्या और चुनौती से निपटने के लिए स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम बनाने को कहा है। शिक्षक, छात्र और परिजन आपस में बात करेंगे। रैगिंग, घबराहट, तनाव, फेल होने का डर और होम सिकनेस जैसे मुद्दों पर सिस्टम काम करेगा।
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इसके लिए शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सेंटर बनाने को कहा है। शिक्षक काउंसलर को रोल अदा करेंगे। वह पैरेंट्स से बातचीत करेंगे। जिस हॉस्टल में छात्र रहता है तो वहां से उसकी पर्सनल डिटेल, एकेडमिक रिकॉर्ड और व्यवहार की जानकारी लेंगे। जरूरत पड़ने पर शिक्षक पैरेंट्स को भी गाइड करेंगे। कॉलेजों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी। यूजीसी ने छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया है।
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शिक्षक, छात्र और परिजनों के बीच की दूरी कम हो। छात्र दिल खोलकर अपनी बात कर सकें और समस्या बता सकें। बात सिर्फ रैगिंग रोकने तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों का सही मार्गदर्शन देने की भी है। शिक्षकों से काउंसलर की भूमिका अदा करने को कहा है।
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विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को यूजीसी सचिव प्रो. जसपाल एस संधू की ओर से जारी पत्र में छात्रों की समस्या और चुनौती से निपटने के लिए स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम बनाने को कहा है। शिक्षक, छात्र और परिजन आपस में बात करेंगे। रैगिंग, घबराहट, तनाव, फेल होने का डर और होम सिकनेस जैसे मुद्दों पर सिस्टम काम करेगा।
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इसके लिए शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सेंटर बनाने को कहा है। शिक्षक काउंसलर को रोल अदा करेंगे। वह पैरेंट्स से बातचीत करेंगे। जिस हॉस्टल में छात्र रहता है तो वहां से उसकी पर्सनल डिटेल, एकेडमिक रिकॉर्ड और व्यवहार की जानकारी लेंगे। जरूरत पड़ने पर शिक्षक पैरेंट्स को भी गाइड करेंगे। कॉलेजों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी। यूजीसी ने छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया है।