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सीसीएसयू : उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग में लापरवाही पर केंद्रों पर होगी कार्रवाई
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- चौधरी चरण सिंह विवि ने केंद्र व्यवस्थाओं को दिए दिशा-निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग और प्रेषण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले कई सत्रों से मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की कमी, गलत पैकिंग, ओवरराइटिंग और अनुपस्थिति चिह्न नहीं लगाने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे मूल्यांकन कार्य बाधित होता रहा है।
अब विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार यादव की ओर से जारी पत्र में परीक्षा केंद्रों के प्राचार्यों व केंद्र अधीक्षकों को 12 बिंदुओं में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। इनमें उपस्थिति पत्रक से मिलान कर ही पैकेट सील करना, एक पेपर कोड के सभी कॉलेजों की उत्तर पुस्तिकाएं एक ही बंडल में रखना, 200 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं होने पर एक से अधिक बंडल बनाना और उन्हें 1/2, 2/2 की तरह क्रमांकित करना, मारकीन के कपड़े का अनिवार्य उपयोग, लिफाफे में पैकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित करना, गोंद से कागज चिपकाने पर सख्त मनाही और ओएमआर शीट के साथ मूल ओएमआर ही भेजना शामिल है।
विशेष रूप से संस्थागत परीक्षाओं के बंडल पर लाल स्याही से (आर) और निजी परीक्षार्थियों के बंडल पर नीली स्याही से (पी) अंकित करना अनिवार्य किया गया है। यूएफएम वाले मामलों की उत्तर पुस्तिकाएं अलग बंडल में रखकर उस पर यूएफएम स्पष्ट लिखना होगा। इन निर्देशों का पालन न करने वाले परीक्षा केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन नियमों से न सिर्फ मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी बल्कि समय की भी बचत होगी और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बरकरार रहेगी। परीक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही यह आदेश सभी कॉलेजों को भेज दिया गया है।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग और प्रेषण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले कई सत्रों से मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की कमी, गलत पैकिंग, ओवरराइटिंग और अनुपस्थिति चिह्न नहीं लगाने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे मूल्यांकन कार्य बाधित होता रहा है।
अब विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार यादव की ओर से जारी पत्र में परीक्षा केंद्रों के प्राचार्यों व केंद्र अधीक्षकों को 12 बिंदुओं में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। इनमें उपस्थिति पत्रक से मिलान कर ही पैकेट सील करना, एक पेपर कोड के सभी कॉलेजों की उत्तर पुस्तिकाएं एक ही बंडल में रखना, 200 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं होने पर एक से अधिक बंडल बनाना और उन्हें 1/2, 2/2 की तरह क्रमांकित करना, मारकीन के कपड़े का अनिवार्य उपयोग, लिफाफे में पैकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित करना, गोंद से कागज चिपकाने पर सख्त मनाही और ओएमआर शीट के साथ मूल ओएमआर ही भेजना शामिल है।
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विशेष रूप से संस्थागत परीक्षाओं के बंडल पर लाल स्याही से (आर) और निजी परीक्षार्थियों के बंडल पर नीली स्याही से (पी) अंकित करना अनिवार्य किया गया है। यूएफएम वाले मामलों की उत्तर पुस्तिकाएं अलग बंडल में रखकर उस पर यूएफएम स्पष्ट लिखना होगा। इन निर्देशों का पालन न करने वाले परीक्षा केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन नियमों से न सिर्फ मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी बल्कि समय की भी बचत होगी और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बरकरार रहेगी। परीक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही यह आदेश सभी कॉलेजों को भेज दिया गया है।
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