फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   CCSU: 152 centers will be less for examination, and will have to increase

सीसीएसयू : परीक्षा के लिए कम पडेंगे 152 सेंटर, और बढ़ाने होंगे

Sat, 20 Jun 2020 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 02:00 AM IST
विज्ञापन
CCSU: 152 centers will be less for examination, and will have to increase
सीसीएसयू : परीक्षा के लिए कम पडेंगे 152 सेंटर, और बढ़ाने होंगे
विज्ञापन

मेरठ। शासन ने 30 जून के बाद कैंपस और कॉलेजों में परीक्षाएं कराने के लिए हरी झंडी तो दे दी है, लेकिन विवि प्रशासन के लिए ये बड़ी चुनौती है। सीसीएसयू प्रशासन को नए विकल्प तलाशने होंगे। जिस तरह से सोशल डिस्टेसिंग रखनी होगी उससे एक परीक्षा कक्ष से एक तिहाई छात्र-छात्राएं बाहर हो जाएंगे। 152 सेंटर पर परीक्षा नहीं कराई जा सकती हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्घ मेरठ-सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में वार्षिक प्रणाली की 89 पालियों के पेपर बचे हैं। ऐसे में विवि प्रशासन को सबसे पहले बीए, बीएससी, बीकॉम रेग्युलर एवं बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम प्राइवेट आदि कोर्सों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं ही करानी होंगी। फिलहाल विवि प्रशासन 152 सेंटरों पर परीक्षा करा रहा था, लेकिन अब सेंटरों की संख्या बढ़ानी होगी। सीसीएसयू के सारे कॉलेजों की बात करें तो इनकी संख्या एक हजार से भी अधिक है। ऐसे में अगर विवि अधिक से अधिक सेंटर बनाकर सेल्फ सेंटरों पर ही कड़ी निगरानी में परीक्षा करा दे तो भी आसानी हो सकती है। यानी जिन कॉलेजों में छात्र पढ़ रहे हैं, उनमें ही दूसरे कॉलेज का स्टाफ लगाकर परीक्षाएं कराईं जाएं तो काफी राहत मिलेगी। ऐसे में दूूूरी के साथ परीक्षाएं निपटाई जा सकती हैं। वर्तमान केंद्रों पर परीक्षा कराना इतना आसान नहीं होगा।
संस्थानों को करना होगा खाली
विवि प्रशासन को वार्षिक प्रणाली के साथ ही सेमेस्टर कोर्सों के फाइनल ईयर की परीक्षाएं भी करानी होंगी। वार्षिक प्रणाली में प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं विवि बाद में करा सकता है। अगर सेमेस्टर फाइनल ईयर की परीक्षाएं जल्द कराकर रिजल्ट नहीं दिया गया तो एमफिल, एलएलएम, एमपीएड समेत दूसरे कोर्सों में एडमिशन अक्तूबर तक भी नहीं हो पाएंगे। ऐसे में प्रशासन को सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाई गई अस्थाई जेल को यहां से शिफ्ट करना पड़ेगा। दूसरे शैक्षिक संस्थानों में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर भी प्रशासन को खाली करने होंगे।
विज्ञापन

प्रैक्टिकल पर लेना होगा जल्द निर्णय
विवि को प्रैक्टिकल पर भी जल्द निर्णय लेना होगा। प्रैक्टिकल इस बार समाप्त भी किया जा सकता है या फिर ऑनलाइन कराए जा सकते हैं। क्योंकि परीक्षा से पहले तो प्रैक्टिकल संभव नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed