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Meerut News: हस्तिनापुर में चला बंदर पकड़ो अभियान, 60 पकड़े
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नगर पंचायत क्षेत्र में शुरू हुए बंदर पकडने के अभियान में पहले दिन पकड़े गए 60 बदर स्रोत संवाद
ऐतिहासिक नगरी में उत्पाती बंदरों से लोग काफी परेशान हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी में उत्पाती बंदरों से लोग काफी परेशान थे। इसकी शिकायत चेयरपर्सन सुधा खटीक से की गई थी। बुधवार को नगर पंचायत ने बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया। पहले दिन 60 बंदर पकड़े गए। अभियान निरंतर जारी रहेगा।
वन आरक्षित क्षेत्र होने के कारण ऐतिहासिक नगरी में बंदरों के उत्पात से कस्बे के लोग काफी परेशान हैं। बंदरों ने हजारों लोगों को नुकसान पहुंचाया जिसकी शिकायत नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक से की जा रही थी। शिकायत मिलते ही उन्होंने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी और प्रशासनिक अधिकारियों से एक हजार बंदरों को पकड़ने की अनुमति ली। इसके बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई।
चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि ऐतिहासिक नगरी में बंदरों के उत्पात की लगातार शिकायत मिल रही थी। इसके निस्तारण का प्रयास नगर पंचायत द्वारा किया गया है। बंदरों को पकड़ने के लिए करीब ढाई लाख रुपये की टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके अनुसार एक हजार बंदर संबंधित ठेकेदार द्वारा पहले चरण में पकड़े जाएंगे। बुधवार को पहले दिन करीब 60 बंदर पकड़े गए। इन्हें वन आरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा जिससे यह वापस ऐतिहासिक नगरी में न पहुंच सकें।
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चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि तीन चरणों में बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में एक हजार बंदर और दूसरे चरण में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी में उत्पाती बंदरों से लोग काफी परेशान थे। इसकी शिकायत चेयरपर्सन सुधा खटीक से की गई थी। बुधवार को नगर पंचायत ने बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया। पहले दिन 60 बंदर पकड़े गए। अभियान निरंतर जारी रहेगा।
वन आरक्षित क्षेत्र होने के कारण ऐतिहासिक नगरी में बंदरों के उत्पात से कस्बे के लोग काफी परेशान हैं। बंदरों ने हजारों लोगों को नुकसान पहुंचाया जिसकी शिकायत नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक से की जा रही थी। शिकायत मिलते ही उन्होंने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी और प्रशासनिक अधिकारियों से एक हजार बंदरों को पकड़ने की अनुमति ली। इसके बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई।
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चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि ऐतिहासिक नगरी में बंदरों के उत्पात की लगातार शिकायत मिल रही थी। इसके निस्तारण का प्रयास नगर पंचायत द्वारा किया गया है। बंदरों को पकड़ने के लिए करीब ढाई लाख रुपये की टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके अनुसार एक हजार बंदर संबंधित ठेकेदार द्वारा पहले चरण में पकड़े जाएंगे। बुधवार को पहले दिन करीब 60 बंदर पकड़े गए। इन्हें वन आरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाएगा जिससे यह वापस ऐतिहासिक नगरी में न पहुंच सकें।
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चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि तीन चरणों में बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में एक हजार बंदर और दूसरे चरण में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।