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जातिवाद न वेद में दिखता है और न गीता में: मनोज जोशी

Mon, 03 Apr 2023 02:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2023 02:42 AM IST
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Casteism is neither seen in Vedas nor in Gita: Manoj Joshi
मेरठ। जातिवाद के नाम पर आक्रांताओं ने देश को बांटने का काम किया है। जातिवाद न वेद में है और न गीता में। ऐसा होता तो आचार्य चाणक्य सम्राट होते क्योंकि ब्राह्मण थे। उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया, जो दासी पुत्र थे। यह बात चाणक्य की भूमिका निभाने वाले कलाकार मनोज जोशी ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
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उन्होंने कहा कि ढाई हजार साल पहले चाणक्य ने राजनीति के बारे में बताया। उन्होंने बताया मंत्री कैसे निष्ठावान होने चाहिए। प्रजा का सुख ही राजा का सुख है। प्रजा से कैसा बर्ताव करना चाहिए। नागरिक को कैसे जीना चाहिए। जब देश खंड-खंड में बंटा था। हर राजा का अपना राज्य था। तब चाणक्य ने एक राष्ट्र का सपना देखा। यही वजह रही कि चाणक्य ने अपना संकल्प पूरा करने के लिए मगध को केंद्र बनाया। लोग जातिवाद के नाम पर एक-दूसरे को गिराने का काम करते हैं जबकि यह न वेद में हैं और न गीता में। इसका प्रमाण चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाकर दिया। यह नाटक नहीं बल्कि मेरा मिशन है, जो समर्पित भाव से करता हूं।
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उन्होंने कहा कि वह 1794 बार नाटक का मंचन कर चुके हैं। संसद में मेरे द्वारा नाटक का मंचन कराने में मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल की मुख्य भूमिका रही। एक सवाल के जवाब में कहा कि आज सरकार आदिवासी व गरीब जनता की मदद कर रही है और कई योजनाएं चला रही हैं। मनोज जोशी ने कहा मैं देश कर पहला प्रधानमंत्री सुभाषचंद्र बोस को मानता हूं।
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