यूपी: चीनी मिल प्रबंधक के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट, किसानों का 81.88 करोड़ रुपये बकाया
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सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने पर उत्तम शुगर मिल शेरमऊ प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी। गन्ना विभाग की तरफ से मिल के चेयरमैन/मैनेजिंग डायरेक्टर, अध्यासी एवं प्रबंधक (लेखा) के खिलाफ गंगोह कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। उसमें कृषकों के साथ विश्वासघात, धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण करना और विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
जिला गन्ना अधिकारी केएमएम त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में बताया कि शेरमऊ उत्तम शुगर मिल्स द्वारा पेराई सत्र 2018-19 में समयान्तर्गत गन्ना मूल्य भुगतान न करने के कारण किसान एवं अनेक संगठन आए दिन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे जनपद की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनती है। बताया कि चीनी मिल शेरमऊ द्वारा पेराई सत्र 2018-19 में 83.02 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई। जिसका मूल्य 265.62 करोड़ रुपये था। गत तीन मई 2019 को चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र 2018-19 का समापन किया गया। नियमानुसार 14 दिन के भीतर अर्थात 17 मई 2019 तक समस्त देय गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाना था, परन्तु चीनी मिल द्वारा भुगतान नहीं किया। 4 सितंबर 2019 तक मात्र 183.74 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया। वर्तमान में चीनी मिल पर 81.88 करोड़ रूपये बकाया हैं।
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इसके अलावा पेराई सत्र 2018-19 में कुल गन्ना खरीद पर समिति/परिषद का 2.71 करोड़ रुपये का विकास अंशदान भी बकाया है। जिस पर नियमानुसार ब्याज की वाजिब देयता भी भुगतान हेतु अवशेष है। चीनी मिल पर विलम्बित गन्ना मूल्य का 6.98 करोड़ रुपये और विकास अंशदान ब्याज के देय है। चीनी मिल शेरमऊ द्वारा मंडलायुक्त सहारनपुर द्वारा 31 अगस्त तक सम्पूर्ण गन्ना भुगतान के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया। विकास अंशदान का भुगतान न करने से विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके विरोध में गन्ना किसानों एवं किसान संगठनों द्वारा आए दिन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे कानून एवं शान्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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शेरमऊ मिल का उपरोक्त कृत्य यूपी वैक्यूम पैन शुगर फैक्ट्रीज लाइसेंसिंग, 1969 की अनुसूची-1 की शर्त संख्या-4 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो इसी ऑर्डर के उपबंध-8 में प्राविधानित व्यवस्था के अन्तर्गत आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में दंडनीय हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने उत्तम शुगर मिल्स शेरमऊ के चेयरमैन/मैनेजिंग डायरेक्टर राजकुमार अधलखा, अध्यासी अशोक कुमार अग्रवाल एवं प्रबंधक (लेखा) मदन कुमार चतुर्वेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने कार्रवाई की संस्तुति कर दी। इसके अनुपालन में सरसावा सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव प्रभारी ओमवीर सिंह ने बुधवार को ही आरोपियों के खिलाफ गंगोह कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाली निरीक्षक भगवत सिंह ने तहरीर प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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