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बसपा के पूर्व एमएलसी और दो अधिकारियों समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, 4.26 करोड़ से जुड़ा है मामला

Mon, 12 Aug 2019 09:39 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 12 Aug 2019 09:39 PM IST
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Case registered against Former MLC muhammad iqbal and three officers at Saharanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो

सहारनपुर जनपद में बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारी और खनिज विभाग कार्यालय के लिपिक के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में आरोप है कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने पर पूर्व प्रधान को खनन माफिया बताकर 4.26 करोड़ रुपये के नोटिस जारी किए और भूमि कुर्क करने का आदेश कराया गया। 

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यह रिपोर्ट बेहट तहसील क्षेत्र के गांव असलमपुर बरथा के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह की तरफ से 2017 में न्यायालय में 156(3) के तहत डाले गए प्रार्थना पत्र पर हुए आदेश के आधार पर हुई है। उसमें रणवीर सिंह ने बताया कि खनिज विभाग की तरफ से 2012, 2014 में एक और 2015 में दो नोटिस उनके खिलाफ जारी किए, जो अवैध खनन का आरोप लगाते हुए राजस्व हानि के रूप में करीब 4.26 करोड़ रुपये की रिकवरी के थे। इसके अलावा उनकी भूमि कुर्क करने का आदेश भी कराया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली, जिस पर नोटिस निरस्त कर दिए गए।

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रणवीर सिंह ने बताया कि वह सेव इंडिया सोसाइटी के सचिव हैं और अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसी कारण तत्कालीन खान अधिकारी समरेंद्र कुमार दास (वर्तमान में ज्येष्ठ खान अधिकारी उन्नाव), तत्कालीन खान अधिकारी राजकुमार संगम (वर्तमान में भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ) और खनिज विभाग सहारनपुर कार्यालय में तैनात लिपिक अफजाल अहमद ने खनन माफिया मोहम्मद इकबाल को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर नोटिस जारी किए। 2017 में ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन आरोपी अफजाल ने निगरानी दायर करके सीजेएम का आदेश निरस्त कराने की मांग की थी। उस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या 10) राजेश कुमार- तृतीय की अदालत ने गत 29 जुलाई को सीजेएम कोर्ट का आदेश बहाल करते हुए निगरानी को निरस्त कर दिया था। 

इसी के चलते सोमवार को सदर बाजार कोतवाली में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर आरोपी मोहम्मद इकबाल, अफजाल अहमद, समरेंद्र कमार दास, राजकुमार संगम के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सदर बाजार कोतवाली प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।

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