{"_id":"578a970d4f1c1b010513eb05","slug":"cantt-does-not-treat-employees-continue-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मानें कैंट के कर्मचारी, हड़ताल जारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मानें कैंट के कर्मचारी, हड़ताल जारी
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sun, 17 Jul 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
कर्मचारियों से बात करते सीईओ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने सीईओ की अपील ठुकरा दी है। शनिवार को कई घंटे चली वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकला। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे हड़ताल खत्म नहीं होगी। 9 जुलाई को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के पक्ष में कैंट बोर्ड की छावनी परिषद् कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस उतर आई और रविवार से ही हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल को खत्म कराने के सीईओ लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं है। शनिवार को सीईओ ने कर्मचारियों की बैठक बुलाई जिसमें जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल खत्म करने की अपील की। लेकिन कर्मचारियों ने इसे पूरी तरह से नकार दिया।
मध्य कमान की भी लगी है नजरें
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण छावनी क्षेत्र में हर तरफ गंदगी का ढेर लग रहा है। पूरी तरह से छावनी की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मामले पर सब एरिया और मध्य कमान के आला अधिकारियों की भी नजरें लगी हैं। वे सीईओ पर हड़ताल खत्म करने का दबाव बना रहे हैं।
विज्ञापन
जारी रहा धरना
कैंट बोर्ड परिसर में कर्मचारियों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान अध्यक्ष पूजेश कुमार लोहरे, योगेश भगत, पूजेश लोहरे, नवीन चंद पंत, अजीत सिंह, जयपाल तोमर, विक्रांत शर्मा, विनीत कुमार, गुरदीप कौर, सुधीर कुमार, राजीव श्रीवास्तव, गिरीश सिंह मौजूद रहे।
सुबूत लाने पर ही मिलेंगे चेक
आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान मरने वालों के परिजनों को दस्तावेज लाने पर ही चेक दिया जाएगा। कैंट बोर्ड सीईओ ने साफ कहा है कि अगर परिजन नियमानुसार पूरे कागज नहीं लाए तो मदद नहीं मिल सकेगी।
कैंट बोर्ड मॉल ध्वस्तीकरण हादसे में मरने वालों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा दे रहा है। इसमें 10-10 लाख रुपये के चेक दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दीपक शर्मा की पत्नी चित्रा शर्मा को 10 लाख रुपये का चेक दिया गया। लेकिन हनी के के स्वामित्व पर विवाद खड़ा हो गया। चेक वितरण के समय कैंट बोर्ड कार्यालय यशलोक स्थित अनाथ आश्रम में रहने वाली कृष्णा पहुंच गई। जिसने दावा किया कि हनी मेरा बेटा है और चेक की मुझे मिलना चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों से दस्तावेज लाने को कहा था। चित्रा शर्मा ने दावा कि था कि उसने हनी को गोद लिया था और उसके पास गोदनामा भी है। कृष्णा ने इस बात का खंडन किया है। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि अन्य दो मृतक के परिजनों को भी साबित करना होगा कि उनका मृतक के क्या रिलेशन है। कैंट बोर्ड नियम अनुसार पूरे दस्तावेज होने के बाद ही उन्हें चेक दिया जा सकेगा। सोमवार को जो भी अपने दस्तावेज लाएगा उन्हें चेक दे दिया जाएगा।
हर पीड़ित को मिलेगी नौकरी
मृतक दीपक शर्मा को पत्नी चित्रा शर्मा को कैंट बोर्ड ने नौकरी देने का ऑफर दिया था। जिसके बाद अन्य मृतक के परिजन और घायल बिट्टू के परिजन भी नौकरी दिए जाने की मांग करने लगे थे। इसपर सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने कहा है कि कैंट बोर्ड अन्य मृतक के परिजनों और माल माल ध्वस्तीकरण हादसे में घायल को उनकी योग्यता अनुसार नौकरी देगा।
मलबे का छोड़ेंगे टेंडर
मॉल का मलबा लगातार चोरी हो रहा है। सीईओ ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर इस मलबे को कैंट बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दिया। उन्होंने कहा है कि जो भी मलबा चोरी करता पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मलबा उठाने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा।
पीड़ितों का हाल पूछने पहुंची टीम
ऑल इंडिया कैंट बोर्ड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी के नेतृत्व में 15 सदस्य टीम मेरठ पहुंची। दीपक शर्मा की पत्नी को सांत्वना दी। अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा और देश की समस्या कैंट में रहने वाले लोग उनके साथ है। टीम बंगला नंबर 210बी पहुंचे जहां उन्होंने ध्वस्तीकरण के बारे में लोगों से पूरी जानकारी एकत्रित की।
विज्ञापन
अधिकारियों और कर्मचारियों के पक्ष में कैंट बोर्ड की छावनी परिषद् कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस उतर आई और रविवार से ही हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल को खत्म कराने के सीईओ लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं है। शनिवार को सीईओ ने कर्मचारियों की बैठक बुलाई जिसमें जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल खत्म करने की अपील की। लेकिन कर्मचारियों ने इसे पूरी तरह से नकार दिया।
विज्ञापन
मध्य कमान की भी लगी है नजरें
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण छावनी क्षेत्र में हर तरफ गंदगी का ढेर लग रहा है। पूरी तरह से छावनी की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मामले पर सब एरिया और मध्य कमान के आला अधिकारियों की भी नजरें लगी हैं। वे सीईओ पर हड़ताल खत्म करने का दबाव बना रहे हैं।
विज्ञापन
जारी रहा धरना
कैंट बोर्ड परिसर में कर्मचारियों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान अध्यक्ष पूजेश कुमार लोहरे, योगेश भगत, पूजेश लोहरे, नवीन चंद पंत, अजीत सिंह, जयपाल तोमर, विक्रांत शर्मा, विनीत कुमार, गुरदीप कौर, सुधीर कुमार, राजीव श्रीवास्तव, गिरीश सिंह मौजूद रहे।
सुबूत लाने पर ही मिलेंगे चेक
आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान मरने वालों के परिजनों को दस्तावेज लाने पर ही चेक दिया जाएगा। कैंट बोर्ड सीईओ ने साफ कहा है कि अगर परिजन नियमानुसार पूरे कागज नहीं लाए तो मदद नहीं मिल सकेगी।
कैंट बोर्ड मॉल ध्वस्तीकरण हादसे में मरने वालों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा दे रहा है। इसमें 10-10 लाख रुपये के चेक दिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दीपक शर्मा की पत्नी चित्रा शर्मा को 10 लाख रुपये का चेक दिया गया। लेकिन हनी के के स्वामित्व पर विवाद खड़ा हो गया। चेक वितरण के समय कैंट बोर्ड कार्यालय यशलोक स्थित अनाथ आश्रम में रहने वाली कृष्णा पहुंच गई। जिसने दावा किया कि हनी मेरा बेटा है और चेक की मुझे मिलना चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों से दस्तावेज लाने को कहा था। चित्रा शर्मा ने दावा कि था कि उसने हनी को गोद लिया था और उसके पास गोदनामा भी है। कृष्णा ने इस बात का खंडन किया है। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि अन्य दो मृतक के परिजनों को भी साबित करना होगा कि उनका मृतक के क्या रिलेशन है। कैंट बोर्ड नियम अनुसार पूरे दस्तावेज होने के बाद ही उन्हें चेक दिया जा सकेगा। सोमवार को जो भी अपने दस्तावेज लाएगा उन्हें चेक दे दिया जाएगा।
हर पीड़ित को मिलेगी नौकरी
मृतक दीपक शर्मा को पत्नी चित्रा शर्मा को कैंट बोर्ड ने नौकरी देने का ऑफर दिया था। जिसके बाद अन्य मृतक के परिजन और घायल बिट्टू के परिजन भी नौकरी दिए जाने की मांग करने लगे थे। इसपर सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने कहा है कि कैंट बोर्ड अन्य मृतक के परिजनों और माल माल ध्वस्तीकरण हादसे में घायल को उनकी योग्यता अनुसार नौकरी देगा।
मलबे का छोड़ेंगे टेंडर
मॉल का मलबा लगातार चोरी हो रहा है। सीईओ ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर इस मलबे को कैंट बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दिया। उन्होंने कहा है कि जो भी मलबा चोरी करता पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मलबा उठाने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा।
पीड़ितों का हाल पूछने पहुंची टीम
ऑल इंडिया कैंट बोर्ड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी के नेतृत्व में 15 सदस्य टीम मेरठ पहुंची। दीपक शर्मा की पत्नी को सांत्वना दी। अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा और देश की समस्या कैंट में रहने वाले लोग उनके साथ है। टीम बंगला नंबर 210बी पहुंचे जहां उन्होंने ध्वस्तीकरण के बारे में लोगों से पूरी जानकारी एकत्रित की।