फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   CAA Meerut violence: Chargesheet in one night in twenty three cases in Meerut violence case

मेरठ हिंसा मामले में 23 मुकदमों में एक रात में चार्जशीट, आज हाईकोर्ट में प्रस्तुत होगी जांच रिपोर्ट

Thu, 19 Mar 2020 02:47 AM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 19 Mar 2020 02:47 AM IST
सार

  • 173 नामजद हुए थे, 76 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।
  •  20 दिसंबर 2019 को लिसाड़ीगेट और हापुड़ रोड पर हिंसा में पांच लोगों की  हुई थी मौत।

विज्ञापन
CAA Meerut violence: Chargesheet in one night in twenty three cases in Meerut violence case
Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को हिंसा करने के आरोपियों के खिलाफ एक ही रात में मेरठ पुलिस ने 23 मुकदमों में चार्जशीट लगा दी। जेल में 76 आरोपियों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं।

विज्ञापन


उपद्रव के आरोपियों के खिलाफ पूरी की गई जांच रिपोर्ट को एसपी क्राइम आज हाईकोर्ट में पेश करेंगे। विवेचक ने फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट को आधार बनाकर हिंसा में मरने वालों को हत्यारोपी बनाया है। हिंसा के दौरान गोली चलाने के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जो सुबूत जुटाए हैं, जिनको चार्जशीट में शामिल किया गया है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


20 दिसंबर 2019 को जुमे की नमाज के बाद मेरठ में लिसाड़ी गेट क्षेत्र और हापुड़ रोड पर हुई हिंसा पांच लोगों की गोली लगने से मौत हुई थी। इस हिंसा में लिसाड़ी गेट, नौचंदी, ब्रह्मपुरी, मवाना, जानी, सरधना थाने में 23 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें 173 आरोपी नामजद हुए थे। 76 आरोपी जेल भेजे गए थे।

एसपी क्राइम रामअर्ज को हिंसा के दर्ज मुकदमों की जांच के लिए गठित एसआईटी का प्रभारी बनाया गया था। एसएसपी ने अभी तक चार्जशीट न होने पर विवेचकों को सोमवार को फटकार लगाई थी। जिसके बाद सोमवार रात ही सभी मुकदमों में चार्जशीट लगा दी गई।

गौरतलब है कि आरोपियों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें हिंसा को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिए 18 मार्च 2020 नियत की है। जिसमें मेरठ पुलिस को जवाब दाखिल करना है। जिसके चलते एसपी क्राइम रामअर्ज मंगलवार रात मुकदमों से जुड़ी जांच रिपोर्ट लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए, जिसे बुधवार को दाखिल किया जाएगा।

पुलिस का दावा कि हिंसा में जिन पांच लोगों की मरने की पुष्टि हुई, उनके खिलाफ विवेचक ने जांच पड़ताल के बाद हत्या की धारा लगाई है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में भी इसका दावा किया गया कि मरने वाले युवकों ने भी हिंसा में गोली चलाई थी। सुबूतों के आधार पर विवेचक ने इसको चार्जशीट में शामिल करना बताया है। 

76 आरोपियों पर लगी चार्जशीट 
हिंसा के मामले में मेरठ पुलिस ने 76 लोगों को आरोपी बनाकर चार्जशीट तैयार की है। पुलिस का दावा है कि हिंसा में प्रयुक्त पिस्टल, तमंचे और खोखे बरामद हुए थे। आरोपियों से जेल में जाकर भी उनके बयान दर्ज किए गए थे।

फुटेज और वीडियो सुबूत 
हिंसा में अवैध असलहों से गोली चलाते लोग सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कैद हुए थे। लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो भी पुलिस के पास हैं। फुटेज और वीडियो की सीडी बनाकर एसआईटी प्रभारी को सौंपी गई थी। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि हिंसा के मामले में पुलिस ने गंभीरता से जांच की है। आरोपी बचेंगे नहीं और बेगुनाह को कुछ नहीं कहा जाएगा। 

पुख्ता सुबूतों के आधार पर लगी चार्जशीट
20 दिसंबर को हुई हिंसा की जांच रिपोर्ट पुलिस ने तैयार कर ली है। जेल भेजे गए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। जांच रिपोर्ट और पुख्ता सुबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। एसपी क्राइम बुधवार को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करेंगे। -प्रवीण कुमार, आईजी रेंज मेरठ 

अनीस खलीफा समेत आठ आरोपियों ने चलाई थी गोली 
मेरठ हिंसा में अनीस खलीफा, अनस, परवेज, मोहसिन, नदीम सहित आठ आरोपियों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर गोलियां चलाई थीं। इस दावे की पुष्टि सोमवार को आगरा की फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट ने की है।

पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों से बरामद पिस्टल और तमंचों से चलाईं गोलियों के खोखे घटनास्थल से ही बरामद हुए थे। 20 दिसंबर की हिंसा में गोलियां चलाने वाले 12 लोगों की पहचान होने की पुष्टि पुलिस ने की थी। आरोपियों से बरामद हथियारों और घटनास्थल से बरामद खोखे पुलिस ने आगरा लैब जांच के लिए भेजे थे। सोमवार देर रात लैब से रिपोर्ट आ गई।

पुलिस के मुताबिक अनीस खलीफा समेत आठ आरोपियों से बरामद हथियारों और मौके से बरामद खोखे का मिलान फोरेंसिक लैब ने किया है। इसे पुलिस मान रही है कि उक्त आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस के मुताबिक इन्हीं आरोपियों द्वारा चलाए गए हथियारों से निकलीं गोलियां से पांच लोगों की मौत हुई थी। इसको देखते आरोपियों पर हत्या का आरोप बनाया गया।

पुलिस ने इसे भी चार्जशीट में शामिल किया है। आगरा फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद पुलिस की जांच लगभग पूरी हो गई है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पुख्ता सुबूत जुटाए हैं। कोई आरोपी बच नहीं पाएगा। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद आरोपों की पुष्टि हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed