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इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सराफा बाजार को हुआ 30 करोड़ का नुकसान

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Sun, 14 Jul 2019 02:00 AM IST
bullion market in 30 caror loss
bullion market in 30 caror loss
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मेरठ। सोने पर आयात शुल्क की दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.50 प्रतिशत की जाने से सराफा कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। सत्र 2019-20 का बजट आने के बाद से पिछले दस दिनों में सराफा बाजार को 100 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद पीली धातु की कीमतों में अस्थिरता जारी है। प्रतिदिन कीमतों में अंतर बढ़ रहा है जिस कारण ग्राहकी भी कमजोर हुई है। कम ग्राहकी के चलते बाजार उठ नहीं रहा और व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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सोना कारोबारी सरकार से लगातार सोने पर आयात शुल्क की दर कम करने की मांग उठा रहे थे। केंद्र सरकार ने सरकार ने कारोबारियों की मंाग से इतर आयात शुल्क को घटाने के बजाय और बढ़ा दिया। इस बार बजट में सोने पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.50 फीसदी कर दिया है। आयात शुल्क बढ़ने के कारण बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ गई है। कारोबारियों के अनुसार बाजार में स्मगलिंग के सोने की आवक बढ़ी है। कारोबारी अपना हित देखते हुए सस्ता सोना खरीदने के चक्कर में कैश में खरीदारी का रुख कर रहे हैं। बाजार में सोने के दो दाम चल रहे हैं। पहला दाम दो नंबर के सोने का है जो 34,200 रुपए पर स्थिर है। दूसरा दाम 35,800 रुपए है जिसमें आयात शुल्क की बढ़ी दर का दाम है जो लगातार घट-बढ़ रहा है। कीमतों में सीधे 1600 रुपए का अंतर है। इस अंतर को देखते हुए कारोबारी आरटीजीएस बुक से नहीं बल्कि कैश से दो नंबरी सोना लेकर बेच रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार इससे जहां बाजार में तस्करी वाले सोने की आवक बढ़ी है। वहीं दाम भी बिखर गए हैं। ग्राहक को अलग-अलग दुकानों पर अलग दाम मिल रहे हैं जिसकी वजह से ग्राहक बाजार नहीं आ रहा। पिछले दस दिनों में ही मेरठ सराफा मंडी को 100 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। मेरठ में प्रतिदिन 10 करोड़ रुपए का सोने का कारोबार है जिस पर अब संकट मंडरा रहा है।
वर्जन-
अपना पक्ष रखेंगे हम
इंपोर्ट ड्यूटी को घटाने के लिए सरकार से जल्द मुलाकात कर कारोबारी अपना पक्ष रखेंगे। ताकि सरकार कारोबारियों क ा पक्ष सुने और हमारे अधिकारों पर भी विचार करे। - रविप्रकाश अग्रवाल सराफा, कारोबारी
बाजार नीचे चला गया
पिछले दस दिनों मे ंआयात शुल्क बढ़ने का असर कारोबार पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। बाजार नीचे चला गया है। निगेटिव रिपोर्ट के कारण अब ग्राहक भी बाजार में आने से कतराने लगा है। जो सराफा कारोबार के लिए अच्छा नहीं है। विजय आनंद अग्रवाल, कारोबारी
यह कारोबारियों का उत्पीड़न है
सराफा कारोबारी तो पहले ही सरकार से आयात शुल्क की दरें कम करने की मांग कर रहे थे सरकार ने मनमाने ढंग से आयात शुल्क बढ़ा दिया है। यह कारोबारियों का उत्पीड़न है। - मुकु ल जैन, कारोबारी

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