{"_id":"687f4460e653ff223c0b45cf","slug":"bulandshahr-scrap-trader-accused-of-23-crore-gst-fraud-bail-rejected-by-court-2025-07-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: बुलंदशहर के स्क्रैप ट्रेडर ने की 23 करोड़ की जीएसटी चोरी, अदालत ने जमानत याचिका की खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: बुलंदशहर के स्क्रैप ट्रेडर ने की 23 करोड़ की जीएसटी चोरी, अदालत ने जमानत याचिका की खारिज
Tue, 22 Jul 2025 01:27 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Tue, 22 Jul 2025 01:27 PM IST
सार
बुलंदशहर के स्क्रैप ट्रेडर पर नौ फर्जी फर्मों के जरिए 23 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आरोप है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
जिला बुलंदशहर निवासी मैसर्स न्यू ग्लोबल स्क्रैप ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर पर 23 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप लगाए है। अभियुक्त ने नौ फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना बिल और इनवॉइस के फर्जी बिलों के आधार पर माल की आपूर्ति किए बिना यह कर चोरी की। गौतम बुद्ध नगर जीएसटी विभाग ने अभियुक्त को 13 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे उसी दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
अभियुक्त ने अपनी रिहाई के लिए सत्र न्यायालय में 14 जुलाई 2025 को जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश अचल नारायण सकलानी की अदालत में हुई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 22 जुलाई को आपके शहर में क्या हुआ
विज्ञापन
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। जीएसटी विभाग की ओर से लक्ष्य कुमार सिंह और उनकी सहयोगी वंदना सिंह ने प्रभावी ढंग से पैरवी की। लक्ष्य कुमार सिंह ने बताया कि परिणामस्वरूप जमानत याचिका निरस्त हो गई।
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियुक्त ने फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी की। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। विभाग ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को हिरासत में लिया और जांच को आगे बढ़ाया।
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियुक्त ने फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी की। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। विभाग ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को हिरासत में लिया और जांच को आगे बढ़ाया।
लक्ष्य कुमार सिंह ने बताया कि न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि मामले की गंभीरता और सबूतों के आधार पर अभियुक्त को जमानत देना उचित नहीं है।
जीएसटी विभाग ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वे ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रखेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होगी लेकिन तिथि निर्धारित नहीं की गई है। विभागीय अधिकारी और तथ्य जुटा रहे हैं। जीएसटी चोरी के बार बार शहर में भी मामले सामने आ रहे हैं।
जीएसटी विभाग ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वे ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रखेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होगी लेकिन तिथि निर्धारित नहीं की गई है। विभागीय अधिकारी और तथ्य जुटा रहे हैं। जीएसटी चोरी के बार बार शहर में भी मामले सामने आ रहे हैं।