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बुखार का कहर, स्कूल भी खाली

Tue, 20 Sep 2016 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Tue, 20 Sep 2016 02:27 AM IST
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bukahar ka kahar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शहर में बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। स्कूली बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। हर पब्लिक स्कूल के 45 से 50 प्रतिशत बच्चे बीमार हैं। शास्त्रीनगर, जागृति विहार से लेकर बागपत रोड, दिल्ली रोड, कैं ट, बाईपास और गंगानगर स्थित सभी विद्यालयों के बच्चे वायरल, चिकनगुनिया और डेंगू से जूझ रहे हैं। बच्चे परीक्षा भी नहीं दे पा रहे हैं।
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पिछले एक महीने से बुखार का कहर जारी है। पहले जागृति विहार और शास्त्रीनगर में इसका असर अधिक था, लेकिन अब पूरा शहर बुखार से तप रहा है। हर घर में एक न एक सदस्य बीमार है। कहीं-कहीं तो पूरा परिवार ही बुखार की चपेट में है।
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इस समय पब्लिक स्कूलों में समेटिव असेसमेंट यानि एसए वन की परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन बीमारी के कारण बच्चे परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं। शहर के अधिकांश स्कूल आधे खाली हैं। पेपर छूटने के कारण अभिभावक और छात्र परेशान हैं। लेकिन सीबीएसई की गाइडलाइन के मुताबिक अगर छात्र की बीमारी के कारण परीक्षा छूटती है तो स्कूल को दोबारा से करानी होगी। मार्च के बाद पेपर दोबारा होंगे। ये मार्क्स छात्र के फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे।
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स्कूलों को कराना होगा एग्जाम
बोर्ड की ओर से पेपर के दो सेट आते हैं। सीबीएसई द्वारा दो सेट आने का विशेष उद्देश्य यही है कि अगर कोई छात्र किसी कारणवश या आकस्मिक परिस्थिति में पेपर नहीं दे पाता तो उसका पेपर बाद में दूसरा सेट देकर कराया जाए। सीबीएसई की यह गाइडलाइन है। एसए वन का जब रिजल्ट आता है तो उसके 10 दिनों में स्कूल पेपर करा सकते हैं।

स्कूल को दें तुरंत सूचन
कोशिश करें कि बच्चा पेपर दे। तबियत ज्यादा खराब होने के कारण अगर बच्चा पेपर देने स्कूल नहीं जा पा रहा तो अभिभावक छुट्टी की एप्लीकेशन तुरंत स्कूल को दें। साथ ही डॉक्टर क ा पूरा प्रिस्क्रिप्शन, मेडिकल सर्टिफिकेट साथ रखें। स्कूल में डॉक्यूमेंट जरूर जमा कराएं।
 
हर स्कूल में बीमार हैं बच्चे
शहर के हर छोटे-बड़े स्कूल में बेहद सफाई और फॉगिंग के बाद भी बच्चे और स्टाफ वायरल की चपेट में आ रहे हैं। एक स्कूल संचालक ने बताया कि पिछले 10 दिनों में उनके यहां 50 फीसदी छात्र वायरल के कारण छुट्टी ले चुके हैं। 89 में से 35 स्टाफ पर्सन छुट्टी पर जा चुके हैं। शहर के अन्य स्कूलों में भी यही हालात हैं।
 
स्कूल कर रहे हैं अलर्ट
स्कूलों में पिछले 15 दिनों से अलर्ट जारी है। बच्चों को डेंगू, मलेरिया से बचने के लिए कहा जा रहा है। फॉगिंग कराई जा रही है। बच्चों को फुल बाजू के कपड़े पहनकर आने के लिए कहा जा रहा है। घर के आसपास या घर में पानी न जमा न होंने दे, हल्का खाना खाएं। आयुर्वेद क ो फॉलो करें। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के न जाएं।


शहर में स्कूल      
पब्लिक स्कूल 200, 5 लाख छात्र
केंद्रीय विद्यालय  3, 10 हजार छात्र
आईसीएसई स्कूल  5, 12 हजार छात्र
 
मूकबधिर विद्यालय के छात्र वायरल की चपेट में
कैं ट स्थित मूकबधिर विद्यालय क े हॉस्टल में रहने वाले 40 बच्चे इस समय वायरल की चपेट में हैं। प्रिंसिपल अमिता कौशिक और स्टाफ के सदस्य भी बीमार हैं। प्रिंसिपल ने बताया कि बीमार बच्चों को घर भेज दिया गया है। आर्मी एरिया में ग्रीनरी काफी है, इसके कारण मच्छर पनपते हैं। फॉगिंग के बाद भी बच्चे बुखार की चपेट में हैं।
 
 
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