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बिल्डिंग खाली, फिर भी मारामारी
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 09 Sep 2016 02:31 AM IST
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मेडिकल में पहुंचे सांसद राजेंद्र अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
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वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों को भर्ती होने के लिए अस्पताल में बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। जिला चिकित्सालय में एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। वहीं जिला अस्पताल में पूरी बिल्डिंग खाली पड़ी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों के इलाज के लिए उसे खोलने को तैयार नहीं है। अस्पताल प्रशासन तर्क दे रहा है कि उसके पास वार्ड के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है।
जिला अस्पताल में सीएमएस दफ्तर के पीछे पूरी बिल्डिंग खाली पड़ी है। तीन मंजिला बिल्डिंग का एक भी वार्ड वायरल से ग्रसित मरीजों के ट्रीटमेंट के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को युवा सेवा समिति की तरफ से सीएमएस डॉ. सुनील गुप्ता का घेराव भी किया गया।
जिस पर सीएमएस ने तर्क रखा कि उनके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है, अगर जिलाधिकारी स्वीकृति देते हैं तो वहां पर भी स्टाफ तैनात कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा। वहीं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 24 घंटे से कम समय में ही मरीजों को वार्ड में भेजा जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आपात स्थिति के लिए कुछ बेड खाली रखना आवश्यक है, जिस कारण मरीजों को जल्द वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।
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सांसद ने मेडिकल में जाना मरीजों का हाल
मेरठ। सांसद राजेंद्र अग्रवाल बृहस्पतिवार को मरीजों का हाल जानने और चिकित्सा सुविधा का जायजा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीजों के बीच पहुंचकर चिकित्सकों से इलाज को लेकर जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने इमरजेंसी व फार्मेसी में जाकर मरीजों का हाल जाना।
ओपीडी में डॉक्टरों ने सांसद को बताया कि अधिकांश मामले वायरल बुखार के हैं। इसके बाद चिकनगुनिया और डेंगू के मरीजों की संख्या है। सांसद ने चिकित्सकों से कहा कि अगर मरीजों के इलाज में किसी भी तरह के संसाधन और दवा की दिक्कत आ रही हो तो हमें जानकारी दें, ताकि समय रहते सारी जरूरत पूरी की जा सके। ईएमओ डॉ. अजीत चौधरी और पीआरओ डॉ. दिनेश राणा ने कहा कि मरीजों को भर्ती करने के साथ ही उचित ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में सीएमएस दफ्तर के पीछे पूरी बिल्डिंग खाली पड़ी है। तीन मंजिला बिल्डिंग का एक भी वार्ड वायरल से ग्रसित मरीजों के ट्रीटमेंट के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को युवा सेवा समिति की तरफ से सीएमएस डॉ. सुनील गुप्ता का घेराव भी किया गया।
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जिस पर सीएमएस ने तर्क रखा कि उनके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है, अगर जिलाधिकारी स्वीकृति देते हैं तो वहां पर भी स्टाफ तैनात कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा। वहीं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 24 घंटे से कम समय में ही मरीजों को वार्ड में भेजा जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आपात स्थिति के लिए कुछ बेड खाली रखना आवश्यक है, जिस कारण मरीजों को जल्द वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।
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सांसद ने मेडिकल में जाना मरीजों का हाल
मेरठ। सांसद राजेंद्र अग्रवाल बृहस्पतिवार को मरीजों का हाल जानने और चिकित्सा सुविधा का जायजा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीजों के बीच पहुंचकर चिकित्सकों से इलाज को लेकर जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने इमरजेंसी व फार्मेसी में जाकर मरीजों का हाल जाना।
ओपीडी में डॉक्टरों ने सांसद को बताया कि अधिकांश मामले वायरल बुखार के हैं। इसके बाद चिकनगुनिया और डेंगू के मरीजों की संख्या है। सांसद ने चिकित्सकों से कहा कि अगर मरीजों के इलाज में किसी भी तरह के संसाधन और दवा की दिक्कत आ रही हो तो हमें जानकारी दें, ताकि समय रहते सारी जरूरत पूरी की जा सके। ईएमओ डॉ. अजीत चौधरी और पीआरओ डॉ. दिनेश राणा ने कहा कि मरीजों को भर्ती करने के साथ ही उचित ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।