{"_id":"591364f64f1c1b2d3f85118a","slug":"break-his-vein-as-much","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘इसकी जितनी नसें फोड़नी हैं फोड़ो, मैं सब देख लूंगा’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘इसकी जितनी नसें फोड़नी हैं फोड़ो, मैं सब देख लूंगा’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 02:36 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘मुझे या किसी को एक भी शब्द बोला तो.. (गाली).. दिमाग ठीक कर दूंगा। फोड़ो.. इसकी जितनी भी नसें फोड़नी हैं। मैं भी देखता हूं कि कौन क्या बोलता है।’ यह किसी फिल्म का डायलाग नहीं, बल्कि सोशल साइट्स पर वायरल हो रहा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का वीडियो है। वीडियो में एक डॉक्टर साहब स्ट्रेचर पर लेटे मरीज को इस तरह से डांट रहे हैं।
डॉक्टर्स मरीजों के प्रति समर्पित रहते हैं। उनका व्यवहार बेहद सौम्य रहता है। वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में किसी एक डॉक्टर द्वारा स्ट्रेचर पर लेटे मरीज से इस तरह का व्यवहार किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि यह डॉक्टर कौन हैं और उन्होंने इस तरह व्यवहार क्यों किया, यह पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि वायरल हो रहा यह वीडियो मरीज के किसी तीमारदार ने बनाया है। वीडियो 31 सेकेंड का है, जिसे सीएम के दौरे से एक दिन पहले का बताया जा रहा है। चर्चा तो यह भी है कि इस मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया। केवल प्राथमिक उपचार ही दिया गया था।
डॉक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने वीडियो देखा है। मरीज लेटा और एक जूनियर डॉक्टर उससे अभद्रता कर रहा है। जूनियर डॉक्टर के बारे में जानकारी की जा रही है, उसे सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। मुजफ्फरनगर के एक मरीज को भी भर्ती करने से इमरजेंसी में इंकार किया गया था, यह बात भी सामने आई है। जांच कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉक्टर्स मरीजों के प्रति समर्पित रहते हैं। उनका व्यवहार बेहद सौम्य रहता है। वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में किसी एक डॉक्टर द्वारा स्ट्रेचर पर लेटे मरीज से इस तरह का व्यवहार किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि यह डॉक्टर कौन हैं और उन्होंने इस तरह व्यवहार क्यों किया, यह पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि वायरल हो रहा यह वीडियो मरीज के किसी तीमारदार ने बनाया है। वीडियो 31 सेकेंड का है, जिसे सीएम के दौरे से एक दिन पहले का बताया जा रहा है। चर्चा तो यह भी है कि इस मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया। केवल प्राथमिक उपचार ही दिया गया था।
विज्ञापन
डॉक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने वीडियो देखा है। मरीज लेटा और एक जूनियर डॉक्टर उससे अभद्रता कर रहा है। जूनियर डॉक्टर के बारे में जानकारी की जा रही है, उसे सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। मुजफ्फरनगर के एक मरीज को भी भर्ती करने से इमरजेंसी में इंकार किया गया था, यह बात भी सामने आई है। जांच कराएंगे।
विज्ञापन