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नीला ड्रम केस: फैसला आते ही रोते हुए बैरक लौटे मुस्कान-साहिल, जेलर डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताई पूरी बात
Thu, 01 Oct 2026 03:02 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 01 Oct 2026 03:02 AM IST
सार
Meerut News: ब्रह्मपुरी में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने 125 तारीखों के बाद दोनों को हत्या का दोषी माना। कुल 22 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। 14 अक्तूबर को अदालत सजा सुनाएगी।
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साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बुधवार शाम करीब 4:35 बजे मुस्कान और साहिल की पेशी हुई। जब जिला जज ने उन्हें दोषी करार दिया तो दोनों रोने लगे। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान अपने दुपट्टे से और साहिल अपने हाथों से आंसू पोंछते हुए बैरक में लौटा। मुस्कान तीन दिन से जेल में पूजा कर रही थी। बुधवार को दोनों ने जेल में खाना भी कम खाया।
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अदालत के निर्णय से राहत, मिले फांसी की सजा
मुस्कान और साहिल को दोषी करार देने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी, भाई बबलू, ताई इंद्रा और बुआ कुसुम आदि परिजन भी न्यायालय में मौजूद रहे। परिजनों ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें राहत मिली है। दोनों आरोपियों ने निर्मम तरीके से सौरभ की हत्या की है। उन्हें उम्मीद है कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी।
मुस्कान और साहिल को दोषी करार देने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी, भाई बबलू, ताई इंद्रा और बुआ कुसुम आदि परिजन भी न्यायालय में मौजूद रहे। परिजनों ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें राहत मिली है। दोनों आरोपियों ने निर्मम तरीके से सौरभ की हत्या की है। उन्हें उम्मीद है कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी।
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बदल गया था व्यवहार
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों पहले जेल में सामान्य जिंदगी व्यतीत कर रहे थे, लेकिन 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय होने के बाद से उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। कुछ दिनों से दोनों खानपान भी सही से नहीं ले रहे थे। मुस्कान तीन दिन पहले से सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने में लगी रही।
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों पहले जेल में सामान्य जिंदगी व्यतीत कर रहे थे, लेकिन 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय होने के बाद से उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। कुछ दिनों से दोनों खानपान भी सही से नहीं ले रहे थे। मुस्कान तीन दिन पहले से सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने में लगी रही।
मां-बाप और बड़ी बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान
मुस्कान ने जेल अधिकारियों से अपने मां-बाप और बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर जेल अधिकारियों ने उसे बताया कि उसके मां-बाप मिलने आएंगे तो उसे मिलवा दिया जाएगा। जेल में किसी को विशेष रूप से घर से बुलाकर नहीं मिलवाया जाता। मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए काफी इच्छुक है। उसकी छोटी बेटी उसके साथ जेल में रह रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अब तक मुस्कान से मिलने कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं आया है।
मुस्कान ने जेल अधिकारियों से अपने मां-बाप और बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर जेल अधिकारियों ने उसे बताया कि उसके मां-बाप मिलने आएंगे तो उसे मिलवा दिया जाएगा। जेल में किसी को विशेष रूप से घर से बुलाकर नहीं मिलवाया जाता। मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए काफी इच्छुक है। उसकी छोटी बेटी उसके साथ जेल में रह रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अब तक मुस्कान से मिलने कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं आया है।
घटनाक्रम की टाइमलाइन
24 फरवरी 2025: सौरभ लंदन से मेरठ अपने घर लौटा।
3 मार्च 2025: नशीली दवा देकर उस्तरे से गर्दन और कलाइयां काटकर सौरभ की हत्या की।
4 मार्च 2025: शव को नीले ड्रम में सीमेंट से जमाकर आरोपी शिमला-मनाली घूमने चले गए थे।
18 मार्च 2025: सौरभ के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। शव बरामद।
19 मार्च 2025: दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।
24 फरवरी 2025: सौरभ लंदन से मेरठ अपने घर लौटा।
3 मार्च 2025: नशीली दवा देकर उस्तरे से गर्दन और कलाइयां काटकर सौरभ की हत्या की।
4 मार्च 2025: शव को नीले ड्रम में सीमेंट से जमाकर आरोपी शिमला-मनाली घूमने चले गए थे।
18 मार्च 2025: सौरभ के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। शव बरामद।
19 मार्च 2025: दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।