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सरधना में ठाकुर और दलितों के बीच खूनी संघर्ष, बरसा दी ताबड़तोड़ गोलियां, सांप्रदायिक तनाव

Thu, 11 May 2017 01:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सरधना, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ सरधना, मेरठ Updated Thu, 11 May 2017 01:43 PM IST
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Bloody conflicts between Thakur and Dalits in Sardhana, fierce tablets, communal tension
अस्पताल में घायल युवक

मेरठ में सरधना के दौलतपुर गांव के जंगल में बुधवार दोपहर जमीन पर कब्जे को लेकर ठाकुर-दलित समाज के लोगों में खूनी संघर्ष हो गया। एक पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। एक बसपा नेता (पूर्व ब्लॉक प्रमुख) अपने एक साथी के साथ थाने पहुंचे और आरोप लगाया कि घायलों ने उस पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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सरधना थानाक्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी अधिवक्ता मोहर सिंह की पत्नी पाली अपने बेटे प्रमोद, पवन व प्रतीश और पड़ोसी सचिन के साथ खेत में काम कर रही थी। आरोप है कि सलावा और ज्वालागढ़ के ग्रामीण (ठाकुर समाज) लाठी डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और उन्होंने हमला बोल दिया। हमलावरों पर फायरिंग करने भी आरोप लगाया। मोहर सिंह (दलित पक्ष) का परिवार घायल हो गया। सूचना पर सरधना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। पुलिस ने घायल पक्ष की शिकायत पर हमलावर संजय और सन्नी समेत दस लोगों पर केस दर्ज कराया। इस दौरान बसपा नेता अतरसिंह दलित भी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोहर सिंह के परिवार ने खेत में काम करते समय उन पर जानलेवा हमला किया। जिसमें वह और संजय घायल हुए हैं। 

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दलित समाज के दो लोगों पर रिपोर्ट 

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सरधना में जमीन को लेकर बवाल

इंस्पेक्टर सरधना मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में दो रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। मोहर सिंह पक्ष की तहरीर पर ठाकुर समाज के लोगों पर केस दर्ज हुआ, जबकि अतर सिंह  की तहरीर पर दलित समाज के लोगों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुटी है।

मामला कोर्ट में विचाराधीन 
एसपी देहात के मुताबिक अधिवक्ता मोहर सिंह के तीनों भाइयों ने सलावा निवासी अतरसिंह दलित को जमीन बेची थी। इस जमीन को अतरसिंह ने खेती करने के लिये संजय निवासी सलावा को दी हुई है। मोहर सिंह पक्ष कुर्रबंदी नहीं होने की बात कहते हुए उस भूमि पर कब्जे को लेकर कोर्ट पहुंच गया। मामला कोर्ट में विचाराधीन हैं। जिसने जमीन बेची और जिसने खरीदी दोनों ही दलित समाज से हैं। मामला जातीय नहीं बल्कि एक ही समाज व परिवार के बीच का है। 

एसपी देहात, सीओ गांव पहुंचे

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ठाकुर और दलितों के बीच खूनी संघर्ष

सहारनपुर बवाल का अंदेशा देखते एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह और सीओ सरधना सीपी सिंह पुलिस फोर्स के साथ दौलतपुर और सलावा गांव पहुंचे। मामला दलितों के दो पक्षों का है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर दोनों गांव में पुलिस फोर्स लगा दी। पुलिस का कहना है कि जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। प्रशासनिक  अफसरों से बातचीत कर पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का निपटारा कराने का प्रयास जल्द करेंगी।

पहले भी हो चुका है दलित और ठाकुर संघर्ष  
13 मार्च 2015 को इंचौली क्षेत्र के मैथना गांव में भिड़े। 
2014 में खतौली के सिम खुर्द गांव में संघर्ष हुआ था। 
2012 में सरधना के मुल्हैड़ा गांव में टकराव हुआ था।
2012 में मुजफ्फरनगर के गुनाई घुढ़ी गांव में संघर्ष हुआ था।
2008 में मुंडाली के सिसौली गांव में मारपीट और पथराव हुआ था।

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