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ाइल 55......आशुतोष...... शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी

Sun, 18 Apr 2021 01:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Apr 2021 01:58 AM IST
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black marketing of remedishir injection
शहर में हो रही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी
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मेरठ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में फेफड़ों के इनफेक्शन के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया जाता है। यह इंजेक्शन तीन कंपनी बनाती हैं। सीमित लोगों के पास इंजेक्शन रखने की अनुमति होने के कारण बाजार में इसकी कालाबाजारी तेजी से बढ़ी है। चार हजार रुपये की कीमत वाला इंजेक्शन पांच से सात हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन सभी दवाएं स्वयं उपलब्ध कराता है, लेकिन इंजेक्शन के लिए तीमारदारों को पर्चे दे दिए जाते हैं। होम आइसोलेशन में भी लोग इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में सिप्ला और हैक्टो के इंजेक्शन की कीमत चार हजार और कैडिले के इंजेक्शन के कीमत 900 रुपये है। कंपनियों ने शहर में एक या दो होलसेलर को ही इंजेक्शन बेचने की अनुमति दी है। इसके चलते इंजेक्शन का स्टॉक रोककर कालाबाजारी बढ़ी है।
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केस एक : एक दिन बाद मिला इंजेक्शन
- बड़ौत निवासी परिवार के तीन सदस्य हापुड़ रोड अस्पताल में भर्ती रहे। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन को लाने में काफी परेशानी हुई। डाक्टर का पर्चा होने के बाद भी तमाम सिफारिशों के बाद अगले दिन पांच हजार रुपये में उपलब्ध हुई।
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केस दो: मनमानी कीमत मांगी जा रही
-- कंकरखेड़ा निवासी युवक ने बताया कि उसके परिवार के दो लोग अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल प्रबंधन ने सभी दवा उपलब्ध कराईं, लेकिन इंजेक्शन बाहर से लाने को कहा गया। एक बार सात हजार और दूसरी बार पांच हजार का इंजेक्शन मिला।
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मेडिकल कॉलेज में इंजेक्शन पर्याप्त
-- मेडिकल कॉलेज में रेमडेसिविर इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था है। जरूरतमंद मरीजों को इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। -- डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी
-- रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। जिन अस्पतालों में कोविड का इलाज हो रहा है। उन स्थानों पर इंजेक्शन उपलब्ध हैं। बाजार में भी कुछ लोगों को इंजेक्शन रखने की अनुमति प्राप्त है। संपूर्ण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। -- पवन शाक्य, ड्रग इंस्पेक्टर।
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-- शहर में इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने की मांग
-- जिला मेरठ केमिस्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय बंसल ने ड्रग कंट्रोलर एके जैन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। जिला मेरठ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने कहा कि इंजेक्शन का वितरण ड्रग अथॉरिटी और एसोसिएशन के माध्यम से किया जाना चाहिए।

एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपा
- मेरठ ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि इस इंजेक्शन की कालाबाजारी पर अंकुश लगना चाहिए। इंजेक्शन को डीपीसीयू ड्रग पाइस कंट्रोल यूनिट में लाया जाए। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर में इंजेक्शन आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। इससे कालाबाजी पर अंकुश लग जाएगा।
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