फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Black marketing by adding fake names to cards

Meerut News: कार्डों में फर्जी नाम जोड़कर हो रही कालाबाजारी, कई मामले आए सामने

Wed, 12 Apr 2023 02:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 12 Apr 2023 02:44 AM IST
सार

तमाम दावों के बावजूद सरकारी राशन वितरण में भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। अब भी हाल यह है कि राशन माफिया उपभोक्ताओं के कार्डों में फर्जी नाम जोड़कर उनके नाम पर राशन बाहर खुले बाजार में भेज रहे हैं।

विज्ञापन
Black marketing by adding fake names to cards
- फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

तमाम दावों के बावजूद सरकारी राशन वितरण में भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। अब भी हाल यह है कि राशन माफिया उपभोक्ताओं के कार्डों में फर्जी नाम जोड़कर उनके नाम पर राशन बाहर खुले बाजार में भेज रहे हैं। हद तो यह है कि कुछ कार्ड में सदस्य जाेड़ते समय सदस्यों की जाति और धर्म को भी मुखिया से अलग कर दिया गया। अनुमान है कि हर माह करीब 400 क्विंटल राशन की कालाबाजारी हो रही है। ऐसे मामले सत्यापन के दायरे में हैं। इनकी जांच हुई तो पूरी स्थिति सामने आ जाएगी।
विज्ञापन


जिले में सरकारी राशन की 932 दुकानें हैं। इनमें 549616 राशन कार्ड हैं। इनमें पात्र गृहस्थी के साथ 9229 अंत्योदय परिवार भी शामिल हैं। सरकार ने राशन की कालाबाजारी रोकने और हर पात्र परिवार को राशन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम लागू किया। बायोमेट्रिक मशीन से वितरण शुरू कराया गया। राशन वितरक का कमीशन भी बढ़ाया गया। अमर उजाला ने एक पाठक की शिकायत पर पड़ताल की तो बड़ा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आया।
विज्ञापन

यह हैं कुछ मामले
केस एक :
राशन कार्ड संख्या 213840417154 : मुखिया पप्पी देवी, आमिर पुत्र सुरेंद्र, नदीम पुत्र सुरेंद्र, रिहान पुत्र सुरेंद्र, सुरेंद्र पुत्र छोटे सिंह, वरीशा पुत्री सुरेंद्र के नाम है।
केस दो : राशन कार्ड संख्या 2138405705 : मुखिया ऊषा सैनी , शाइना पुत्री जब्बार, जब्बार शोहर पति सराज अंसारी, नूरजहां, अमाना बेटी, कुरबान और अरमान पुत्र जब्बार के नाम हैं।
केस तीन : राशन कार्ड संख्या 113840735494 : परिवार की मुखिया रेखा वर्मा पत्नी जसवंत, जसवंत, छोटी सास, मानव सिंह पुत्र जसवंत, रिया सिंह पुत्री जसवंत, रूपा कुमारी पोती राजेंद्र, प्रभात रंजन देव पोता राजेंद्र के नाम हैं।
केस चार : एक कार्ड पर परिवार के मुखिया का नाम सपना जैन, पिता और पति का नाम एक ही पीयूष, पीयूष जैन पुत्र पुष्पेंद्र, उदय जंगरा पुत्र पीयूष निवासी दिल्ली, अखिलेश शर्मा पुत्र पियूष निवासी दिल्ली, पूजा झा पुत्री पीयूष निवासी दिल्ली, देवेंद्र सैनी पुत्र पीयूष निवासी दिल्ली के नाम हैं।

प्रति यूनिट पर मिलता है दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल
शासनादेश के मुताबिक कार्ड धारक के प्रत्येक सदस्य के नाम पर दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल निशुल्क मिलता है। सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में दो बार भी निशुल्क राशन का वितरण किया। गरीबों के नाम का यही राशन बाहर बाजार तक भी पहुंच रहा है।

राशन कार्ड और लाभार्थियों का लेखाजोखा
पात्र गृहस्थी राशन कार्ड - 540387
सदस्यों की संख्या - 2407766 अन्त्योदय परिवार - 9229
सदस्यों की संख्या - 30597
कुल राशन कार्ड - 549616
कुल लाभार्थी - 2438363

299 क्विंटल गेहूं, 447 क्विंटल चावल देने में गड़बड़ी
मेरठ। मवाना ब्लाॅक में कोटेदारों को 299 क्विंटल गेहूं और 447 क्विंटल चावल देने के मामले की जांच में गड़बड़झाला मिला है। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में ठेकेदार शिवकुमार शर्मा की भूमिका संदिग्ध मिली है। अब ठेकेदार पर कार्रवाई हो सकती है।

एसडीएम मवाना अखिलेश कुमार ने बताया कि ठेकेदार शिवकुमार ने पांच मार्च 2023 को मवाना ब्लाॅक के राशन कोटेदारों को देने के लिए 299 क्विंटल गेहूं और 447 क्विंटल चावल उठाया था। आठ दिन बीतने के बावजूद भी कोटेदारों के पास गरीबों का राशन नहीं पहुंचा। 13 मार्च को अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचा। इसके बाद ठेकेदारों ने यह राशन कोटेदारों को भेजा है।

इस मामले में एडीएम प्रशासन ने ठेकेदार और कोटेदारों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध मिली है। बताया गया कि नियमानुसार ठेकेदार को राशन सिर्फ 48 घंटे में कोटेदारों तक पहुंचाने का समय मिलता है। वहीं, ठेकेदार ने तर्क दिया है कि त्योहार के चलते राशन भेजने में देरी हुई है। इस बारे में एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है। मामले में जल्द ही कार्रवाई होगी।

राशन कार्डों में गड़बड़ी की शिकायतों का सत्यापन हर बार कराया जाता है। यदि अब भी फर्जी तरीके से परिवारों के सदस्यों के नाम और आधार कार्ड जोड़े गए हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद अपात्र मिलने पर राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। - विनय सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed