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Meerut News: यूजीसी कानून के विरोध में भाकियू क्रांतिकारी ने सरकार का पुतला फूंका
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सरधना। गांव सलावा में यूजीसी बिल के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते भाकिय
भाकियू क्रांतिकारी संगठन ने कानून के खिलाफ निकाला जुलूस
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून के विरोध में सरधना के सलावा गांव में सोमवार को भाकियू क्रांतिकारी संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्य बाजार से बस स्टैंड तक जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार का पुतला भी दहन किया गया।
भाकियू क्रांतिकारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर राजीव राणा ने कहा कि यूजीसी का नया कानून समाज में जातिगत विवाद बढ़ाएगा और इससे समाज में एकता कमजोर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और अगर केंद्र सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो संगठन के समर्थक आगामी चुनाव में मोदी सरकार को वोट नहीं देंगे। प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार से बस स्टैंड तक मार्च कर रहे थे। इस दौरान सभी ने शपथ ली कि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन ने कहा कि युवा और किसान कानून के विरोध में हर स्तर पर आवाज उठाएंगे। संगठन ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सरकार को कानून की कमियों पर ध्यान देना चाहिए और इसे पुनर्विचार के लिए वापस लिया जाना चाहिए, ताकि युवा और किसानों के बीच असंतोष न फैले। इस दौरान सुनील सोम, प्रधान बंटी सोम, निश्चय रावत (करणी सेना), मोहित सोम, भूमेश सोम, मनीष दहिया, जयवंश रावत, अमित सोम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून के विरोध में सरधना के सलावा गांव में सोमवार को भाकियू क्रांतिकारी संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्य बाजार से बस स्टैंड तक जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार का पुतला भी दहन किया गया।
भाकियू क्रांतिकारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर राजीव राणा ने कहा कि यूजीसी का नया कानून समाज में जातिगत विवाद बढ़ाएगा और इससे समाज में एकता कमजोर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और अगर केंद्र सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो संगठन के समर्थक आगामी चुनाव में मोदी सरकार को वोट नहीं देंगे। प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार से बस स्टैंड तक मार्च कर रहे थे। इस दौरान सभी ने शपथ ली कि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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संगठन ने कहा कि युवा और किसान कानून के विरोध में हर स्तर पर आवाज उठाएंगे। संगठन ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सरकार को कानून की कमियों पर ध्यान देना चाहिए और इसे पुनर्विचार के लिए वापस लिया जाना चाहिए, ताकि युवा और किसानों के बीच असंतोष न फैले। इस दौरान सुनील सोम, प्रधान बंटी सोम, निश्चय रावत (करणी सेना), मोहित सोम, भूमेश सोम, मनीष दहिया, जयवंश रावत, अमित सोम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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