काशी टोल फायरिंग मामला: 16 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, भाकियू इंडिया का थाने में धरना, पुलिस पर साठगांठ का आरोप
मेरठ के काशी टोल फायरिंग केस में 16 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज भाकियू इंडिया के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को परतापुर थाने में धरना दिया। पुलिस पर साठगांठ और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए।
विस्तार
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में काशी टोल प्लाजा पर 16 दिन पहले हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस की निष्क्रियता से नाराज भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा।
मेरठ मंडल अध्यक्ष रितिन गुर्जर के भाइयों पर हुई फायरिंग के आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक न होने से नाराज कार्यकर्ता मंगलवार सुबह ट्रैक्टर-ट्राली लेकर परतापुर थाने पहुंचे और परिसर में त्रिपाल बिछाकर धरने पर बैठ गए।
यह भी पढ़ें: Meerut: 'सैयारा' ने दिखाई तलाक का दंश झेलने वाली महिलाओं की कशमकश, जूही बब्बर का शानदार अभिनय
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान रितिन गुर्जर ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति को धत्ता बताया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले जब वे अस्पताल में भाइयों से मिलने जा रहे थे, तो रास्ते में उन पर भी फायरिंग हुई, लेकिन उस मामले में भी पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई।
यह भी पढ़ें: Meerut Weather: मानसून की बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत, मगर उमस ने फिर ली करवट
रितिन गुर्जर ने बताया कि मुख्य आरोपी अवनीश ने पुलिस की मिलीभगत से गुपचुप कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि बाकी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन किसान नेता अपने मांगों पर अड़े रहे।