नगर निगम द्वारा कराए गए जीआईएस सर्वे को लागू करने में होने वाली अनियमितता को लेकर सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने महापौर कैम्प कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के अधिकारियों पर बिना नोटिस भेजे सभी उपभोक्ताओं पर।पांच गुना हाउस टैक्स लगाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता व पूर्व पार्षद नरेंद्र उपाध्याय ने महापौर हरिकांत अहलूवालिया के सामने आरोप लगाया कि नगर निगम में लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ाकर बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि उससे पहले नोटिस भेजे जाने चाहिए थे। महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने निगम अधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए अपनी समस्या को रखा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि निगम अधिकारियों ने इस बार टैक्स बढ़ाकर भेजा है। सर्वे के बाद टैक्स निर्धारण में तय नियमों और अधिनियमों की स्पष्ट रूप से अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। नगर निगम अधिनियम की धारा-213 के तहत किसी भी भवन स्वामी का टैक्स निर्धारित करने से पहले उसे विवरण (जैसे कुल भूमि, कवर्ड एरिया, कार्पेट एरिया और वार्षिक मूल्यांकन) के साथ नोटिस भेजना अनिवार्य है, लेकिन निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे टैक्स थोप दिया है। पुरानी इमारतों को भी छूट नहीं दी गई है। अधिनियम में भवन की आयु के आधार पर छूट का प्रावधान है। लेकिन निगम ऐसा नहीं कर रहा। विभिन्न सोसायटियों और मोहल्लों की दरों में भी भारी अंतर है। सर्वे की विसंगतियों को दूर कर पारदर्शी तरीके से अधिनियम के तहत ही टैक्स की गणना की जाए। नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि महापौर से लोगों को राहत दिलाने की मांग की गई।