भाजपा ने अटकायी दावेदारों की सांसें, शहर की इन दो सीटों पर दंगल जारी
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रविवार का दिन भाजपा नेताओं के लिए काफी कठिन रहा। कभी कैंट सीट से किसी के नाम की चर्चा उड़ती तो कभी सिवालखास सीट पर चल रहे दंगल की खबरें सोशल मीडिया से लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में चलती रहीं। यह बात और है कि भाजपा प्रत्याशियों की पहली सूची रविवार देर रात भी जारी नहीं हो सकी। केंद्रीय समिति की बैठक में प्रत्याशी चयन पर हुए विवाद के बीच सोमवार तक के लिए सूची को टाल दिया गया। इस बीच लगातार प्रत्याशी चयन को लेकर चर्चाओं के बीच अफवाहें उड़ती रहीं और कई के समर्थकों ने मिठाईयां तक बांट डालीं। वहीं, दूसरी ओर सपा नेताओं के साथ रालोद और कांग्रेस नेताओं की आज सपा में सिंबल को लेकर होने वाले फैसले पर निगाहें हैं।
हर खबर पर लगी रही निगाह
भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पश्चिमी क्षेत्र की 140 सीटों सहित कुल 240 सीटों पर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने की बात कही गयी थी। रविवार को सुबह से ही भाजपा के साथ दूसरे दलों के नेताओं की निगाहें भी इस सूची पर लगी रहीं। भाजपा के नेता लगातार पार्टी के बड़े नेताओं के संपर्क में रहे। दोपहर से शहर की सातों सीटों की सूची सोशल मीडिया पर चलती रही। सूची के चलते ही समर्थक एक-दूसरे से फोन पर अपडेट लेते रहे, तो कई जगह खुशियां भी मनाई जाने लगीं। सूत्रों के अनुसार बैठक में कई वर्तमान विधायकों के साथ ही करीब एक दर्जन सीटों पर आम सहमति नहीं बन पायी। जिसे लेकर बैठक में जमकर अंतर्विरोध सामने आया और सूची को सोमवार दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। मेरठ में भाजपा के चार विधायक हैं। सरधना और मेरठ शहर सीट पर ज्यादा रस्साकसी नहीं है। लेकिन कैंट और दक्षिण पर कई दावेदार हैं। वहीं, दूसरी ओर सिवालखास पर जाट और गैर जाट के हिसाब से दावेदार अपनी दावेदारी जताते रहे। खास बात यह रही कि सोशल मीडिया पर समर्थक अपने हिसाब से सूची बनाकर माहौल बनाने में जुटे रहे।
चर्चाओं पर बांट दी मिठाई
भाजपा ने भले ही प्रत्याशियों की सूची जारी न की हो। लेकिन दावेदारों के समर्थकों ने अपने नेता का टिकट फाइनल होने की बात कहते हुए मिठाइयां वितरित कर दी। कैंट क्षेत्र में जहां विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के चौथी बार चुनाव लड़ने की खुशी में उनके समर्थकों ने मिठाई बांटते हुए जश्न मनाया, तो दक्षिण में विधायक रविंद्र भड़ाना के समर्थकों ने मिठाई बांटी। वहीं, हस्तिनापुर में पूर्व जिला महामंत्री दिनेश खटीक के समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और सिवालखास में प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह बिल्लू सतवाई के समर्थकों ने मिठाई बांटी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी धन्यवाद देने और जिताने के संदेश चलने लगे। दूसरी पार्टियों के नेता अपनी रणनीति इसी हिसाब से बनाते रहे। सिवालखास सीट जातिगत समीकरणों के हिसाब से रालोद के लिए भी अहम है। यही वजह है कि अभी रालोद नेताओं की अपनी पार्टी के टिकट से ज्यादा भाजपा के टिकट की फिक्र रही। इस सीट पर जाट और गैर जाट एक अहम पहलू है। गैर जाट वर्ग के दावेदार आसपास की सीटों पर जाट वर्ग के दावेदारों को देखते हुए इस सीट पर अपना हक जताकर समर्थकों को भरोसा देते रहे।
सपा नेताओं को भी आज का इंतजार
भाजपा नेता जहां टिकट का इंतजार करते रहे, तो रविवार को सपाईयों को पार्टी में सुलह की आस लगी रही। सपा नेताओं को उम्मीद रही कि आखिरी समय तक पार्टी में सुलह की संभावना बन सकती है। टिकट के दावेदारों के साथ-साथ संगठन के लोगों में भी यही चर्चा का विषय रहा कि सिंबल नहीं मिला तो पार्टी संगठन किस ओर से काम करेगा। दरअसल खास बात यह रही कि शहर सीट से रफीक अंसारी को मुख्यमंत्री की सूची में टिकट दिया गया था, जबकि सपा ने पहले उनका टिकट काट दिया था। रविवार को रफीक अंसारी ने अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया तो एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल प्रमुख तौर मौजूद रहीं। अभी तक सपा में चल रहे घमासान पर डॉ. सरोजिनी ने बीच का रास्ता ही अपनाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की लिस्ट में शामिल उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय उद्घाटन में मौजूद रहकर डॉ. सरोजिनी के साथ संगठन के दूसरे सदस्यों ने भी अपनी मंशा जाहिर कर दी है। इस कार्यक्रम में चौ. राजपाल सिंह के अलावा महानगर अध्यक्ष अब्दुल अलीम अल्वी, आदिल चौधरी, शाहिद अब्बासी और वसीम राहुल आदि रहे। ऐसे में आज सपा के सिंबल को लेकर फैसले की संभावना के बीच सपा की राजनीति में भी नए समीकरण साफ हो जाएंगे।