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MEERUT : नगर निगम में भाजपा पार्षदों को संगठित नहीं कर पा रहा संगठन

Fri, 03 Jan 2020 02:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 02:06 AM IST
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bjp is unable to organize councilors
भाजपा पार्षदों को संगठित नहीं कर पा रहा संगठन
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धड़ों में बंटे हैं पार्षद, नहीं रख रहे वरिष्ठता का भी ध्यान
विपक्षी गुट भाजपाइयों की गुटबाजी का लगातार उठा रहे फायदा
मेरठ। नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या सबसे ज्यादा है, लेकिन आपसी गुटबाजी के चलते विपक्षी दलों के पार्षद भाजपा पार्षदों पर हावी हैं। विपक्षी दल जहां सधी हुई रणनीति के तहत अपने हितों को लगातार साध रहे हैं, वहीं भाजपाई आपसी गुटबाजी में ही उलझे हुए हैं। अहम बात ये है कि संगठन भी इन्हें संगठित करने की तरफ कोई प्रयास करता नजर नहीं आ रहा है।
निगम बोर्ड में भाजपा के 43 पार्षद हैं। पूर्व में बोर्ड बैठक से पहले एजेंडा सामने रखकर भाजपा नेतृत्व अपने पार्षदों की अलग से बैठक बुलाता था। इसके बाद सभी को एकजुट होकर बैठक में पहुंच कर अपने अपने मुद्दे उठाने के निर्देश दिए जाते थे, लेकिन अब लंबे समय से ऐसा कहीं नजर नहीं आ रहा है। भाजपा की तरफ से विपिन जिंदल भाजपा पार्षद दल के नेता हैं, लेकिन एक दर्जन से ज्यादा पार्षद ऐसे हैं जो कभी भी विपिन जिंदल के नेतृत्व को स्वीकारते नजर ही नहीं आए।
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वरिष्ठता को भी किया जा रहा नजरअंदाज
भाजपा के कार्यकर्ता कभी अनुशासन के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब ऐसा नजर नहीं आता है। निगम बोर्ड की बैठक में भी वरिष्ठ पार्षद आगे बैठते थे और नए पार्षद पीछे बैठते थे, लेकिन अब वरिष्ठता को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा के कुछ पार्षदों की मानें तो जिस दिन बोर्ड बैठक होती है, उस दिन कुछ पार्षद तो आगे की पंक्ति में बैठने के लिए बैठक के समय से तीन घंटा पहले ही निगम कार्यालय पहुंच जाते हैं।
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विपक्षी दलों की चाल हो रही पूरी
जब भी बोर्ड बैठक में कोई अहम मुद्दा होता है तो उसे लेकर विपक्ष जो रणनीति तैयार करता है उसमें कुछ भाजपा पार्षद भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो जाते हैं। इस बार भी बोर्ड की पुनरीक्षित बजट बैठक में भी यही हुआ। बैठक में पार्षद गफ्फार के मुद्दे को इस कदर हवा दे दी गई कि बैठक स्थगित हो गई। जबकि भाजपा का एक धड़ा बोर्ड बैठक के बाद इस विषय को उठाने का पक्षधर था, ताकि बैठक में बजट पर चर्चा शांतिपूर्वक हो जाए और उसके बाद पार्षद के विवादित बयान का मुद्दा उठाया जाए।

पार्टी से अलग जाने पर होगी कार्रवाई
मेरे संज्ञान में ऐसे मामले आ रहे हैं। जल्दी ही भाजपा पार्षदों की बैठक बुलाकर संगठित किया जाएगा। यदि फिर भी किसी ने पार्टी लाइन से अलग जाने का प्रयास किया तो संगठन स्तर पर कार्रवाई तय होगी। - मुकेश सिंघल, महानगर अध्यक्ष भाजपा
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