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भाजपा सरकार किसानों की नहीं अदाणी-अंबानी की : ओमपाल
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खरखौदा। औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में छतरी मोड़ पर चल रहे धरने के 40वें बृहस्पतिवार को करीब 30 गांवों के किसानों की पंचायत आयोजित की गई। इसमें सपा के प्रदेश सचिव एवं स्वाभिमान समिति के अध्यक्ष ओमपाल गुर्जर ने पंचायत को समर्थन देते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा सरकार किसानों की नहीं, अदाणी-अंबानी की है।
उन्होंने कहा कि किसानों की वोट के दम पर संसद व विधानसभा में पहुंचे जनप्रतिनिधि आज गायब हो गए हैं। वह हर समय किसानों के साथ हैं। वह पहले किसान और उसके बाद नेता हैं। ओमपाल गुर्जर ने धरने के लिए 51 हजार की धनराशि आर्थिक मदद के तौर पर दी। ओमपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने का प्रयास कर रही है। सरकार किसानों की भूमि सस्ते दाम में लेकर किसानों का शोषण कर उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
उन्होंने जनता को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनाव के समय जांच, परख और देखकर वोट करनी चाहिए। सत्ता के जनप्रतिनिधि आपकी वोट लेकर गायब हो गए। जो आपके दुख में आपके साथ खड़ा हो, आपको भी उसका साथ देना चाहिए। पंचायत की अध्यक्षता गोपीचंद सिंह और संचालन कमल सिंह ने किया।
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पंचायत को किसान नेता मामचंद नागर, प्रबोध शास्त्री, इंद्रमुनि त्यागी, प्रमोद नागर, योगेंद्र कुमार, मुकुल त्यागी, शौराज सिंह, सुबोध फफूंडा, सतेंद्र खरखौदा, रामवीर खड़खड़ी, प्रमोद भगत सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
धरने को यह दे चुके समर्थन
अब तक धरने को 20 से अधिक गांवों के प्रधान, दो जिला पंचायत सदस्य, छह किसान संगठन का समर्थन प्राप्त हो चुका है।
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उन्होंने कहा कि किसानों की वोट के दम पर संसद व विधानसभा में पहुंचे जनप्रतिनिधि आज गायब हो गए हैं। वह हर समय किसानों के साथ हैं। वह पहले किसान और उसके बाद नेता हैं। ओमपाल गुर्जर ने धरने के लिए 51 हजार की धनराशि आर्थिक मदद के तौर पर दी। ओमपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने का प्रयास कर रही है। सरकार किसानों की भूमि सस्ते दाम में लेकर किसानों का शोषण कर उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
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उन्होंने जनता को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनाव के समय जांच, परख और देखकर वोट करनी चाहिए। सत्ता के जनप्रतिनिधि आपकी वोट लेकर गायब हो गए। जो आपके दुख में आपके साथ खड़ा हो, आपको भी उसका साथ देना चाहिए। पंचायत की अध्यक्षता गोपीचंद सिंह और संचालन कमल सिंह ने किया।
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पंचायत को किसान नेता मामचंद नागर, प्रबोध शास्त्री, इंद्रमुनि त्यागी, प्रमोद नागर, योगेंद्र कुमार, मुकुल त्यागी, शौराज सिंह, सुबोध फफूंडा, सतेंद्र खरखौदा, रामवीर खड़खड़ी, प्रमोद भगत सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
धरने को यह दे चुके समर्थन
अब तक धरने को 20 से अधिक गांवों के प्रधान, दो जिला पंचायत सदस्य, छह किसान संगठन का समर्थन प्राप्त हो चुका है।