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बिंदल मालिक पर मुकदमा, आबूलेन वाले शोरूम में बिक रहा था नकली सामान

Sat, 23 Jan 2021 01:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:29 AM IST
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Bindal's owner sued for selling fake apparel
मेरठ। आबूलेन स्थित बिंदल शोरूम (फव्वारा चौक) में ब्रांडेड कंपनियों के नकली कपड़े बेचने पर पुलिस ने शोरूम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत मिलने पर ब्रांड प्रोटेक्टर टीम ने पुलिस के साथ शोरूम पर छापा मारा था। मामले की पुलिस ने भी जांच पड़ताल शुरू की है।
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एसओ सदर बाजार दिनेश चंद के मुताबिक, ब्रांड प्रोटेक्टर जांच अधिकारी अमनप्रीत ने शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया कि आबूलेन के बिंदल शोरूम पर ऐलन सोली और वन हाउसन ब्रांड का नकली सामान बेचा जा रहा है। टीम ने पुलिस के साथ छापा मारा तो दोनों ब्रांड के नकली परिधान मिले। सदर बाजार पुलिस ने नकली परिधान अपने कब्जे में ले लिए। जांच अधिकारी अमनप्रीत की शिकायत पर बिंदल शोरूम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अमनप्रीत ने बताया कि उनका हेड ऑफिस गुड़गांव में है। बॉम्बे बाजार में ऐलन सोली का शोरूम है। वहां से शिकायतें आ रही थीं कि बिंदल शोरूम में छूट देकर ऐलन सोली ब्रांड के परिधान बेचे जा रहे हैं। दूसरे ब्रांड की बाजार में छवि खराब करने और अपना माल ज्यादा बेचने के लिए व्यापारी नकली कपड़े बेचते हैं। शोरूम मालिक की तलाश में पुलिस ने दबिश देने का दावा किया है।
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शोरूम मालिक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट का सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शोरूम में मिले कर्मचारियों के सामने बरामद कपड़े सील किए हैं। इस मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी।
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डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी
शहर में नकली परिधान का 3.20 करोड़ का कारोबार
मेरठ। शहर में ब्रांडेड परिधानों की आड़ में ग्राहकों को नकली कपड़े बेचे जा रहे हैं। कुछ बाजार तो नकली माल बेचने के लिए नगर से देहात तक चर्चित हैं। इनका सालाना कारोबार 3.20 करोड़ रुपये तक है। कुछ सालों से सदर, आबूलेन, सेंट्रल मार्केट, वैलीबाजार, शारदा रोड में भी कुछ व्यापारी मोटा मुनाफा कमाने के लिए नकली परिधान बेच रहे हैं।
शहर में प्रमुख ब्रांड के एक्सक्लूसिव कंपनी स्टोर और फैक्टरी आउटलेट लगभग 19 हैं। इन स्टोर की औसतन मासिक बिक्री आठ लाख के आसपास है। सीजन में 20 लाख तक पहुंच जाती है। शहर में प्रति माह 1.52 करोड़ रुपये का पक्के में ब्रांडेड परिधानों का कारोबार होता है। इसके विपरीत लालकुर्ती, लिसाड़ी क्षेत्र और भगत सिंह मार्केट समेत शहर के मुख्य बाजारों में करीब 800 विक्रेता खुलेआम नाइक, रीबॉक, एडिडास, पीटर इंग्लैंड, पूमा जैसे बड़े ब्रांड के नकली परिधान बेच रहे हैं। ये दुकानदार बिल भी नहीं देते।
नकली माल पर अंकुश जरूरी
नकली परिधानों की बिक्री पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है। इससे ब्रांड की छवि खराब होती है। लाखों रुपये की टैक्स चोरी की जाती है। कंपनी के एक्सक्लूसिव स्टोर या फैक्टरी आउटलेट से ही सामान खरीदना चाहिए। -विशाल आनंद, ऐलन सोली फ्रेंचाइजी संचालक

कई कंपनियों ने बदले लोगो
बड़े ब्रांड नकली माल पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अपने लोगो और डिजाइन में परिवर्तन करते रहते हैं। हाल ही में रीबॉग ने अपना लोगो बदला था। कई ब्रांडेड कंपनियों की टीम शहरों में जांच करती रहती है। व्यापारियों के अनुसार मेरठ में नकली माल की सप्लाई दिल्ली, लुधियाना और बंगलुरू से होती है।
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