बिजनौर में आवारा कुत्तों का आतंक, धारा 144 लागू, अफसर बोले- जंगल में अकेले न जाएं ग्रामीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के बिजनौर में डीएम सुजीत कुमार ने आवारा हिंसक पशुओं को चिह्नित करके उन्हें पकड़ने के निर्देश दिए हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए मथुरा से टीमों को बुलाकर कुत्तों को पकड़ना और उपचारित कराना सुनिश्चित कराएं। जिले में कोई भी कुत्ता हिंसक न होने पाए। वहीं एसडीएम बृजेश कुमार ने बिजनौर तहसील में 27 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी है।
उन्होंने कहा कि गांव और उसके आसपास के क्षेत्र में मुनादी कराई जाए और लोगों के अकेले जंगल में जाने पर रोक लगाई जाए। बुधवार को ग्राम मुकीमपुर धर्मसी के आसपास के क्षेत्रों में हिंसक कुत्तों ने एक व्यक्ति को मार डाला था।
डीएम के निर्देश पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बिजनौर के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह, वन क्षेत्राधिकारी शरद गुप्ता, बीडीओ मोहम्मदपुर देवमल, ईओ बिजनौर दुर्गेश्वर त्रिपाठी, शहर कोतवाल ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में पता चला कि मुकीमपुर धर्मसी, गजरौला शिव आसपास गांव वाले मरे हुए पशुओं को जमीन के अंदर न गाड़कर खुले में डालते हैं। कुत्ते मरे हुए जानवरों का मांस खाकर हिंसक हो गए हैं।
वहीं डीएम ने अपर मुख्य अधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि जिला पंचायत मृत जानवरों के शवों को गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबवाना सुनिश्चित करें, ताकि कुत्ते मृत जानवरों का मांस न खा सकें। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी द्वारा हिंसक कुत्तों को चिह्नित करने और डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन, सीओ सिटी अरुण कुमार आदि से आपस में समन्वय स्थापित करके जो हिंसक कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए। बीडीओ मोहम्मदपुर देवमल को हिंसक कुत्तों के न पकड़े जाने तक गांव वालों से अकेले बाहर न जाने की मुनादी कराने के निर्देश दिए।
जनता में रोष, कानून व्यवस्था को खतरा
एसडीएम बृजेश कुमार ने बिजनौर तहसील में 27 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी है। एसडीएम ने बताया कि ग्राम गजरौला शिव के आसपास स्थित मुर्गी फार्मों से मृत पक्षियों एवं आम व्यक्तियों द्वारा मृत जानवरों को खुले में फेंक दिया जाता है। इससे इधर-उधर पड़े मृत पक्षियों एवं जानवरों को कुत्तों द्वारा खाने से उनके हिंसक होने की प्रबल संभावना रहती है। हिंसक कुत्तों द्वारा तीन लोगों के मारे जाने की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे जनता में रोष उत्पन्न हो रहा है, जिससे तहसील क्षेत्रांतर्गत शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। कुत्तों को हिंसक बनने के कारणों पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने के लिए उक्त आदेश में प्राविधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस आदेश के किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा-188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/