{"_id":"5d87d8668ebc3e013662ae67","slug":"bijli-bill-meerut-news-mrt4447445106","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल जमा नहीं किया तो गुल होगी नलकूपों, स्ट्रीट लाइटों की बत्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल जमा नहीं किया तो गुल होगी नलकूपों, स्ट्रीट लाइटों की बत्ती
विज्ञापन
bijli bill
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल जमा नहीं किया तो गुल होगी नलकूपों, स्ट्रीट लाइट की बत्ती
मेरठ। प्रदेश की नगर निकायों पर नलकूप और पथ प्रकाश की मद में करोड़ों रुपया बकाया होने पर यूपीपीसीएल सख्त हो गया है। इसमें पीवीवीएनएल का भी नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं पर 600 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया बिल फंसा हुआ है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने बकाया नहीं देने वाले निकाय के कनेक्शन काटने और बकाया वसूलकर प्रीपेड मीटर लगाने के आदेश दिए हैं। पीवीवीएनएल एमडी ने भी सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकारी विभागों व बड़े उपभोक्ताओं के पास बकाया बिल फंसा होने और बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगने के चलते घाटे में चल रहे बिजली विभाग ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) का लक्ष्य पूरा नहीं होने के चलते केंद्र सरकार ने भी मदद से हाथ खड़े कर दिए है। ऐसे में यूपीपीसीएल ने प्रदेश की सभी पांचों कंपनियों पर बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने और बकाया नहीं देने पर कनेक्शन काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कड़ी में पहले चरण में बड़े बकायेदार नगर विकास विभाग को टारगेट किया गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों की नगर निगम, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं पर पब्लिक ट्यूबवेल (नलकूप) और पब्लिक लैंप (पथ प्रकाश) मद में 628 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है। इसमें नलकूप मद में 528 करोड़ और पथ प्रकाश मद में 100 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है। इसमें मेरठ जोन में 123 करोड़ रुपये बकाया है।
बकाया नहीं देने पर कटेंगे कनेक्शन
यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार के सख्त आदेश है कि नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं की ट्यूबवेलों और पथ प्रकाश के कनेक्शन काटे जाए और बकाया जमा कर उस पर प्रीपेड मीटर स्थापित किए जाएं। प्रीपेड मीटर लगने के बाद विभाग को दोनों मदों के लिए एडवांस बिजली बिल जमा कराना होगा। पैसा खत्म होने पर कनेक्शन बिजली स्वत: ही गुल हो जाएगी। मजबूरी में विभाग को मीटर रीचार्ज कराना होगा।
विज्ञापन
........................
ये है पश्चिमांचल में नगर निगम/नगर महापालिका पर बकाये का हाल
जोन पब्लिक लैंप पब्लिक ट्यूबवेल
मेरठ 104 9620
गाजियाबाद 466 6665
बुलंदशहर 444 7763
सहारनपुर 2944 22461
नोएडा 08 2124
मुरादाबाद 973 4237
.............................................................................
नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं पर बकाये की स्थिति
मेरठ 357 2769
गाजियाबाद 00 875
बुलंदशहर 147 1186
सहारनपुर 434 2146
नोएडा 04 107
मुरादाबाद 82 2282
.........................................................................................
(नोट: बकाया बिल लाख रुपये में हैं और आंकड़े ऊर्जा भवन से लिए गए हैं।)
------
जल्द करना होगा भुगतान
नगर विकास विभाग पर नलकूप और पथ प्रकाश मद में 600 करोड़ से ज्यादा बकाया बिल हो चुका है। सभी नलकूपों और पथ प्रकाश के कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके आदेश सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को जारी कर दिए हैं। कनेक्शन कटने की कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अविलंब बकाया भुगतान करना होगा। -आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
विज्ञापन
मेरठ। प्रदेश की नगर निकायों पर नलकूप और पथ प्रकाश की मद में करोड़ों रुपया बकाया होने पर यूपीपीसीएल सख्त हो गया है। इसमें पीवीवीएनएल का भी नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं पर 600 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया बिल फंसा हुआ है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने बकाया नहीं देने वाले निकाय के कनेक्शन काटने और बकाया वसूलकर प्रीपेड मीटर लगाने के आदेश दिए हैं। पीवीवीएनएल एमडी ने भी सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकारी विभागों व बड़े उपभोक्ताओं के पास बकाया बिल फंसा होने और बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगने के चलते घाटे में चल रहे बिजली विभाग ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) का लक्ष्य पूरा नहीं होने के चलते केंद्र सरकार ने भी मदद से हाथ खड़े कर दिए है। ऐसे में यूपीपीसीएल ने प्रदेश की सभी पांचों कंपनियों पर बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने और बकाया नहीं देने पर कनेक्शन काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कड़ी में पहले चरण में बड़े बकायेदार नगर विकास विभाग को टारगेट किया गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों की नगर निगम, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं पर पब्लिक ट्यूबवेल (नलकूप) और पब्लिक लैंप (पथ प्रकाश) मद में 628 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है। इसमें नलकूप मद में 528 करोड़ और पथ प्रकाश मद में 100 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है। इसमें मेरठ जोन में 123 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
बकाया नहीं देने पर कटेंगे कनेक्शन
यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार के सख्त आदेश है कि नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं की ट्यूबवेलों और पथ प्रकाश के कनेक्शन काटे जाए और बकाया जमा कर उस पर प्रीपेड मीटर स्थापित किए जाएं। प्रीपेड मीटर लगने के बाद विभाग को दोनों मदों के लिए एडवांस बिजली बिल जमा कराना होगा। पैसा खत्म होने पर कनेक्शन बिजली स्वत: ही गुल हो जाएगी। मजबूरी में विभाग को मीटर रीचार्ज कराना होगा।
विज्ञापन
........................
ये है पश्चिमांचल में नगर निगम/नगर महापालिका पर बकाये का हाल
जोन पब्लिक लैंप पब्लिक ट्यूबवेल
मेरठ 104 9620
गाजियाबाद 466 6665
बुलंदशहर 444 7763
सहारनपुर 2944 22461
नोएडा 08 2124
मुरादाबाद 973 4237
.............................................................................
नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं पर बकाये की स्थिति
मेरठ 357 2769
गाजियाबाद 00 875
बुलंदशहर 147 1186
सहारनपुर 434 2146
नोएडा 04 107
मुरादाबाद 82 2282
.........................................................................................
(नोट: बकाया बिल लाख रुपये में हैं और आंकड़े ऊर्जा भवन से लिए गए हैं।)
------
जल्द करना होगा भुगतान
नगर विकास विभाग पर नलकूप और पथ प्रकाश मद में 600 करोड़ से ज्यादा बकाया बिल हो चुका है। सभी नलकूपों और पथ प्रकाश के कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके आदेश सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को जारी कर दिए हैं। कनेक्शन कटने की कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अविलंब बकाया भुगतान करना होगा। -आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ