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सपा सरकार जाते ही वाहनों के कमेले में 250 पुलिसकर्मियों समेत अधिकारियों ने मारा छापा

Wed, 12 Apr 2017 08:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 12 Apr 2017 08:33 PM IST
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Big action of the police as soon as the government changes, prison will be straightforward
सोतीगंज में छापेमारी

सोतीगंज में पुलिस की दबिश बेअसर दिखी। एसपी सिटी, एक एएसपी और पांच सीओ समेत करीब 250 पुलिसकर्मियों ने एक घंटा मशक्कत की, लेकिन सोतीगंज की मंडी में एक वाहन चोरी का नहीं मिला। क्योंकि वाहन माफिया सतर्क थे, उनको जानकारी थी कि छापेमारी होगी। जिसके चलते सुबह से उनके गोदाम और दुकानें बंद थी। पुलिस की छापेमारी का  असर सोतीगंज मात्र दो घंटे ही दिखा। शाम होते ही रोजाना की तरह बाजार खुल गया। इस दौरान लोगों में यह चर्चा भी हुई कि सूबे में भाजपा की सरकार आ गई है अब विरोध किया तो सीधा जेल भेजा जाएगा।

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सोतीगंज में छापेमारी करने की प्लानिंग बुधवार को बनी थी। बृहस्पतिवार दोपहर 1:35 बजे पुलिस अमला एक साथ सोतीगंज में पहुंचा। पुलिस फोर्स देखकर सोतीगंज के बाजार में अफरातफरी मच गई। लेकिन वाहन ‘कमेला’ का एक भी माफिया सोतीगंज में नहीं मिला। वाहन माफियों की दुकान और गोदामों में ताला देखकर पुलिस फोर्स भी हैरान थी कि आखिर वह बंद क्यों। लेकिन पुलिस को एक मेसेज देना था कि चोरी और लूट की गाड़ियां काटने पर शिकंजा कसना शुरू हो गया।  

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सोतीगंज में मची अफरा-तफरी

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पुलिस ने मारा छापा

पुलिस फोर्स ने मस्जिद के पास एक कबाड़ी के गोदाम में पहुंची। पुलिस ने कबाड़ी से पूछा कि बड़े माफियों आज छुट्टी पर है क्या? इतना सुनते कबाड़ी हंसने लगा और बोला कि साहब उनको पहले से सूचना थी कि आप लोग आओगे। इससे पहले कबाड़ी पुलिस की कार्यशैली की पोल खोलता कि पुलिस वहां से चलती हो गई। उसके बाद पुलिस फौरी तौर पर सोतीगंज में छापेमारी करती रही। करीब एक घंटे पुलिस का यह अभियान बेअसर रहा। क्योंकि ठीक दो घंटे बाद सोतीगंज में लगभग सभी दुकान खुल गई थी। 

माफियों को पुलिस जानती है? 
पुलिस फोर्स की छापेमारी के दौरान इक्का दुक्का दुकानें सोतीगंज में खुली थी। पुलिस ने उक्त दुकानदारों से पूछताछ की। दुकानदारों ने कहा कि पुलिस छापेमारी करके आखिर क्या साबित करना चाहती है। चोरी व लूट की गाड़ियों कौन कौन काटते है, इसकी जानकारी लोकल पुलिस को है। क्या पुलिस उन माफियों से हर महीने पैसा नहीं लेती। छापेमारी करके तो बेकसूर लोगों के कारोबार को पुलिस ठप करना चाहती है। 

गल्ला व यासीन कबाड़ी को पूछती रही पुलिस

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सोतीगंज में छापेमारी

सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान समेत कई पुलिस अफसरों ने सोतीगंज पहुंचते ही हाजी गल्ला व यासीन कबाड़ी का नाम पूछा। उन्होंने बताया कि यासीन वाहन चोरी और लूट के मामले में दिल्ली से वांटेड है। जिसकी तलाश में पुलिस ने कई दफा सोतीगंज में दबिश दी। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस पर सोतीगंज के कुछ कबाड़ियों ने दो बार हमला भी किया। जिसका मुकदमा सदर बाजार थाने में दर्ज है। 

आखिर किसने दी माफियों को सूचना? 
वाहन ‘कमेला’ माफियों की बृहस्पतिवार सुबह से दुकान और गोदाम बंद थे। उनको जानकारी थी कि पुलिस फोर्स छापेमारी करेगी। सवाल उठता है कि जब पुलिस महकमे में छापेमारी की प्लानिंग बनी तो आखिर किसने वाहन माफियों को सूचना दी। इसको लेकर पुलिस विभाग में चर्चा है। पुलिस का मानना है कि विभाग के कुछ लोगों ने माफियों को सूचना दी है। जिसकी जांच होगी।

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