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भट्ठा मालिक को बना दिया ‘गरीब’

Wed, 07 Sep 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Wed, 07 Sep 2016 01:59 AM IST
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bhatta maalik ko
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्रों की चयनित सूची ने पांच साल पहले जनगणना के दौरान हुई आर्थिक सामाजिक गणना की पोल खोल दी है। इस सूची में ऐसे लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर बताया गया है, जो अमीर होने के साथ ही जनप्रतिनिधि हैं या रह चुके हैं।
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ये है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
केंद्र सरकार ने इसी साल देश के गरीबों को मुफ्त में तीन साल के भीतर पांच करोड़ गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। 8 हजार करोड़ रुपये के बजट की इस योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री ने दो हजार करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए हैं। इस योजना में गैस सब्सिडी छोड़ने से प्राप्त हुए धन को उपयोग किया जा रहा है। योजना के तहत गरीब परिवारों में महिलाओं के नाम कनेक्शन दिया जाएगा। जिसका चयन वर्ष 2011 में हुई जनगणना के दौरान आर्थिक, सामाजिक व जातिवार गणना के डाटा से किया गया है। इस गणना की सूची के तहत आये परिवारों को गैस एजेंसी से ही निशुल्क आवेदन पत्र मिलेगा, जिसके साथ वह कुछ प्रमाण देकर अपना आवेदन जमा करा देंगे। योजना के तहत सरकार की तरफ से 1600 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जिससे लाभार्थी को खाली गैस सिलेंडर, रेगुलेटर और गैस पाइप के साथ कनेक्शन पत्र दिया जाएगा।
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मेरठ में 30 हजार आ चुके हैं आवेदन
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के जिला समन्वयक नीतिश भारद्वाज के अनुसार उनके द्वारा केंद्र सरकार से आई सूची को गैस एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिसके आधार पर अब तक जनपद में 29693 आवेदन पत्र गैस कनेक्शन के लिए आ चुके हैं और इनमें से 26131 को गैस कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गए हैं।
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ऐसे खुला गणना के फर्जीवाड़े का खेल
परीक्षितगढ़ में भारत पेट्रोलियम की मनोरमा गैस एजेंसी पर जो सूची उपलब्ध कराई गई है वह देखकर कर्मचारी दंग रह गए। क्योंकि इस सूची में वर्तमान चेयरपर्सन राखी मोहन गुप्ता उनके पति अमित मोहन गुप्ता का नाम था। इनके अलावा पूर्व चेयरमैन सुनील प्रकाश के परिवार का भी नाम है। सुनील प्रकाश पूर्व मंत्री और स्वाधीनता सेनानी कैलाश प्रकाश के पौत्र हैं और ईंट भट्ठे का व्यापार करते हैं। साथ ही कस्बे में तीन बार चेयरमैन का चुनाव लड़ चुके गण्यमान्य व्यक्ति कीर्ति गोयल, जिनकी हाल ही में बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है और उनका विवाह मंडप भी है। उनका नाम भी इस सूची में शामिल है। यही नहीं इस सूची में इसी कस्बे के बड़े कपड़ा व्यापारी प्रदुम्न माहेश्वरी का नाम भी दर्ज है। जबकि ये सभी आयकर दाता भी हैं।

ऐसे हुई थी गणना
वर्ष 2011 की जनगणना में मुख्य रूप से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। मेरठ में कुल 537449 घरों पर जाकर सर्वे करने की रिपोर्ट दी थी। जिसमें देहात के 667 गांवों में 261180 मकान और 14 स्थानीय निकायों के 276269 मकानों का सर्वे किया गया था। घर-घर जाकर हुए सर्वे में परिवार के व्यक्तियों की संख्या, उनकी शिक्षा, रोजगार का साधन, जाति आदि तमाम बातों को फार्म में भरा था। जिसके आधार पर पूरा डेटा तैयार हुआ। इसी डेटा रिपोर्ट को अलग-अलग बांट दिया गया। जिसमें एक डेटा सोशियो इकोनॉमिक कास्ट सेंसस (एसईसीसी) 2011 कहलाया। इसी एसईसीसी के डेटा पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्रों का चयन करने की बात केंद्र सरकार ने कही और योजना लागू कर दी।


सूची में नाम होना जरूरी
इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ बीपीएल कार्ड या पंचायत अधिकारी या स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारी द्वारा जारी बीपीएल प्रमाण पत्र होना चाहिए। जिनके पास यह नहीं होगा, उसे गैस कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। लेकिन पात्र होते हुए भी जिनका नाम एईसीसी 2011 की सूची में नहीं है और भले ही उनके पास बीपीएल कार्ड है, वह इस योजना में गैस कनेक्शन के पात्र नहीं होंगे।
 
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