किसानों की कई मांगों को लेकर हरिद्वार से दिल्ली जा रही भाकियू की किसान क्रांति पदयात्रा मुजफ्फरनगर से मेरठ की तरफ बढ़ रही है। यात्रा आज भैंसी में पड़ाव डाले हुए है। शुक्रवार सुबह यहां से चलकर यात्रा शाम को दौराला पहुंचकर पड़ाव डालेगी। हजारों किसानों की इस पदयात्रा को लेकर गांवों में भी भारी उत्साह है। इस यात्रा में सैंकड़ों पुराने ट्रैक्टर शामिल हैं। वहीं एनजीटी द्वारा दस साल पुराने ट्रैक्टरों के एनसीआर में संचालन पर प्रतिबंध के चलते इन्हें दिल्ली में ले जाने को लेकर भाकियु कार्यकर्ताओं और दिल्ली प्रशासन में ठन सकती है।
भाकियू की किसान यात्रा के एनसीआर में घुसने पर रोक लगा सकता है दिल्ली प्रशासन, ये रही बड़ी वजह
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किसानों ने न केवल पदयात्रा के स्वागत की तैयारी करनी शुरू कर दी है बल्कि खानपान की तैयारी भी होने लगी है। शनिवार को यह यात्रा परतापुर में, रविवार को मोदीनगर और सोमवार को हज हाउस गाजियाबाद में पड़ाव डालेगी। मंगलवार को यात्रा दिल्ली स्थित किसान घाट पहुंचेगी।
10 साल से ज्यादा पुराने ट्रैक्टर जाएंगे दिल्ली
मुजफ्फरनगर और शामली में भाकियू का सबसे ज्यादा प्रभाव माना जाता है। यहां से पदयात्रा में किसानों की भारी भीड़ शामिल होगी। भाकियू नेता पदयात्रा में 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की बात कह रहे हैं। हालांकि एलआईयू इतनी भीड़ से फिलहाल इंकार कर रही है। यात्रा के साथ ट्रैक्टरों और कारों का काफिला भी चल रहा है। इनकी संख्या 400 से ज्यादा बताई जा रही है। मेरठ से भी यात्रा में ट्रैक्टरों की संख्या और किसानों की भारी भीड़ शामिल होगी।
मुजफ्फरनगर से बढ़ेगा किसानों का सैलाब
एनजीटी ने एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहनों के साथ ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। भाकियू की मांगों में 10 साल पुराने ट्रैक्टरों को आदेश से बाहर करने की मांग है। पदयात्रा में दस साल से पुराने ट्रैक्टरों की संख्या सर्वाधिक है। हालांकि दिल्ली प्रशासन ने एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए पुराने ट्र्रैक्टरों को दिल्ली के अंदर नहीं ले जाने की बात कही है। इस मामले को लेकर दिल्ली प्रशासन और भाकियू कार्यकर्ताओं में टकराव के आसार हो गए हैं।
शहर के अंदर से यात्रा निकालने पर जोर
पदयात्रा में चल रहे किसानों का जोर यात्रा को मोदीपुरम-परतापुर बाईपास से न निकालकर शहर के अंदर से निकालने पर है। किसानों का कहना है कि शहर के लोग भी क्रांति यात्रा को देखे। इस पर भाकियू नेताओं ने विचार करना शुरू कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि फिलहाल यात्रा को एनएच-58 से ही निकालने का प्लान है। लेकिन शहर के अंदर से भी यात्रा को निकालने पर विचार किया जा रहा है।
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