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अमर उजाला की खबर का असर: स्कूल को जारी हुआ नोटिस, बंदरों के खौफ में बच्चे

Fri, 16 Nov 2018 01:39 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 16 Nov 2018 01:39 PM IST
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Baghpat, Monkeys attacked school children and notice issued to director
बंदरों का खौफ - फोटो : अमर उजाला

बागपत में खेकड़ा नगर स्थित जैन बाल अकादमी विद्यालय में बच्चों पर कक्षा में घुसकर बंदरों के हमले का मामला तूल पकड़ गया है। सीडब्ल्यूसी ने स्कूल संचालक व प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर बच्चों की सुरक्षा के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य बंदरों की बढ़ती संख्या के लिए प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं। 

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अमर उजाला के 14 नवंबर 2018 के अंक में खेकड़ा नगर स्थित जैन बाल अकादमी शिक्षण संस्था में बच्चों पर बंदरों के हमले का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। इसमें बंदरों के झुंड ने स्कूल के कमरे में घुस कर शिक्षा ग्रहण कर रहे बालकों पर हमला किया। इसमें एक छात्र शिवा व एक छात्रा रश्मि बंदरों के काटने से घायल हुए, इनको स्थानीय उपचार के बाद गंभीर हालत के चलते दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। 
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न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी बागपत ने इस मामले को गंभीरता से लेकर गुरुवार को स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया। न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी व मालती शर्मा ने बताया कि बच्चों को स्कूल में कक्षा में आकर बंदर घायल कर जाते है यह मामला गंभीर है। 
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यह बाल अधिकार, शिक्षा का अधिकार और जेजे एक्ट के सेक्शन 75 व 76 के प्राविधान को प्रभावित करने वाला है। किशोर न्याय अधिनियम देख रेख व संरक्षण 2015 की धारा 30.2 व 30.12 के प्राविधान के तहत स्वत संज्ञान में लिया है। नोटिस में 22 नवंबर 2018 को सुबह दस बजे सीडब्ल्यूसी में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा।

प्रधानाचार्या बीना जैन का कहना है कि बच्चों पर बंदरों के हमले का पूरे स्कूल प्रबंध तंत्र व शिक्षकों को गहरा सदमा लगा है। समय रहते तुरंत बंदरों को लाठी डंडों से भगाया गया। और बच्चों को उपचार दिलाया गया। उन्होंने कहा कि बंदरों की बढ़ती तादात के लिए प्रशासन दोषी है। प्रशासन बंदरों पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहा है।

वह सीडब्ल्यूसी को स्पष्टीकरण देने के साथ जिलाधिकारी से खेकड़ा को बंदरों से निजात दिलवाने की मांग भी करेंगी। जिलाधिकारी नगर पालिका परिषद को बंदरों को पकड़कर दूर जंगल में भेजने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित करें।

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