बागपत: सिनौली गांव में उत्खनन जारी, यहां मिले थे मानव कंकाल और सोने के कंगन
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली द्वारा सिनौली में तृतीय चरण का उत्खनन जारी है। उत्खनन स्थल पर सर्वेक्षण करने के लिए मेघालय व अन्य जगहों से आए छात्र-छात्राओं की 15 सदस्यीय टीम ने तंबू लगाकर कार्य शुरू कर दिया है। वहीं शुक्रवार को डीपीएस स्कूल दिल्ली के शिक्षकों व छात्रों का एक दल उत्खनन स्थल पर पहुंचा और जानकारियां जुटाईं।
बता दें कि 2005 में सिनौली में वरिष्ठ पुरातत्वविद डॉ. डीवी शर्मा के निर्देशन में एएसआई द्वारा प्रथम चरण की खुदाई कराई गई थी, यहां 177 मानव कंकाल, सोने के कंगन, मनके, तलवार के साथ-साथ एक विशाल शवाधान केंद्र की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद 15 फरवरी 2018 को सिनौली साइट पर एएसआई लालकिला संस्थान के निदेशक डॉ. संजय मंजुल के निर्देशन में साढ़े तीन माह तक उत्खनन हुआ। इसमें आठ मानव कंकाल, तीन एंटीना सोर्ड यानी तलवारें, काफी संख्या में मृदभांड, विभिन्न दुर्लभ पत्थरों के मनके, सर्वाधिक महत्वपूर्ण पांच हजार साल प्राचीन मानव योद्धाओं के तीन ताबूत तांबे से सुसज्जित और भारतीय योद्वाओं के तीन रथ प्राप्त हुए, जो इतिहास की दुर्लभतम घटना साबित हुई। अभी इस स्थल पर पुरातत्वविदों को अधिक महत्वपूर्ण प्राचीन अवशेष मिलने की संभावना है। इसी को लेकर पुन: उत्खनन शुरू कर दिया गया है।
शुक्रवार को डीपीएस स्कूल दिल्ली से शिक्षकों व छात्रों का एक दल उत्खनन स्थल पर पहुंचा, जहां एएसआई लालकिला संस्थान के निदेशक डॉ. संजय मंजुल ने उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्हें बताया कि अब तक उत्खनन स्थल पर क्या-क्या प्राप्त हुआ है और कितना प्राचीन है, आदि जानकारियां दी।
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