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Baghpat: जिला पूर्ति अधिकारी-एआरओ के पकड़े जाने पर राशन डीलर ने बताया रुपये मांगने का तरीका

Sat, 30 May 2026 03:28 PM IST
Dimple Sirohi निशांत भारद्वाज, अमर उजाला, बागपत
निशांत भारद्वाज, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 30 May 2026 03:28 PM IST
सार

बागपत के पूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच चार दिन में जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और दो पूर्ति निरीक्षक कार्रवाई की जद में आ गए हैं। राशन वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

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Baghpat: Corruption Exposed in Food Supply Department, Four Officials Trapped in Four Days
भ्रष्टाचार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हेलो.. साहब याद कर रहे हैं, बस समझ जाओ। इसी तरह जिला पूर्ति कार्यालय से राशन डीलरों को फोन करके कमीशन और रिश्वत देने का दबाव बनाया जाता था। शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी व एआरओ के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद बुढ़सैनी के राशन डीलर ने पूरा खुलासा किया।  

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बुढ़सैनी गांव के राशन डीलर नरेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी दुकान पर 335 राशन कार्ड पंजीकृत हैं और एक महीने में 70 क्विंटल चावल और गेहूं वितरित किया जाता है। राशन मिलने के बाद उसने चार मई को वितरण किया। इस दौरान थोड़े ही लोगों को राशन दिया जा सका। अगले दिन राशन वितरण कर रहा था, तभी ममेरे भाई की तबीयत खराब हो गई। दुकान पर राशन लेने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी होने के कारण वह अपने बेटों को जिम्मेदारी देकर ममेरे भाई का उपचार कराने चला गया।

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तभी जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी, एआरओ जोगेंद्र सिंह व अन्य कर्मी वहां आए। उन्होंने उसके गोदाम का निरीक्षण किया। आरोप है कि वहां पर स्टॉक ठीक होने के बाद भी कम बताकर उसके बेटे को दुकान निरस्त करने की धमकी देकर पीओएस मशीन भी अधिकारी अपने साथ ले गए। वापस आने पर बेटे ने सारी बात बताई तो अधिकारियों से संपर्क किया। उसके बाद उसे मिलने के लिए कार्यालय बुला लिया गया। वहां पर छह महीने के कमीशन के 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया। कई दिन तक उसने रुपये नहीं दिए तो कर्मचारियों से बार-बार फोन कराया गया। 

फोन पर रिकॉर्डिंग होने के डर से कर्मी सिर्फ यही कहते थे कि साहब याद कर रहे हैं। जब राशन डीलर नरेंद्र कारण पूछते थे तो उनको इतना कहा जाता था कि बस समझ जाओ। उनका मतलब था कि रुपये लेकर आ जाओ। उसने ज्यादा उत्पीड़न होने पर विजिलेंस से शिकायत कर दी। 

मोबाइल ऑन करते ही ढाबे पर पहुंच गई विजिलेंस 
जिला पूर्ति कार्यालय से बचकर भागे सहायक समीक्षा अधिकारी जोगेंद्र की तलाश में विजिलेंस की टीम लग गई। बताया कि जोगेंद्र ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। इसके बाद हापुड़ जिले के निजामपुर में शिव ढाबे पर पहुंचा। वहां उसने अपना मोबाइल ऑन किया तो उसकी लोकेशन विजिलेंस टीम को मिल गई।

दफ्तर से भागा सहायक समीक्षा अधिकारी
शिकायत मिलने पर विजिलेंस के अफसरों और शासन से अनुमति लेकर शुक्रवार को विजिलेंस सीओ आजाद सिंह केसरी के नेतृत्व में टीम जिला पूर्ति कार्यालय में पहुंची। वहां राशन डीलर ने सबसे पहले सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) जोगेंद्र सिंह को 10 हजार रुपये दिए। इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को कार्यालय में जाकर 40 हजार रुपये दिए।

विजिलेंस की टीम ने अनूप तिवारी को 40 हजार रुपये लेते ही पकड़ लिया। उसके पकड़े जाने का पता चलते ही सहायक समीक्षा अधिकारी भी वहां से भाग गया तो विजिलेंस की टीम ने उसका पीछा करके रास्ते में घेरकर उसे भी पकड़ लिया। दोनों के पास से रिश्वत में लिए गए रुपये बरामद किए गए।  
 
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Baghpat: Corruption Exposed in Food Supply Department, Four Officials Trapped in Four Days
भ्रष्टाचार - फोटो : अमर उजाला
अफसरों के बाद कर्मी भी निशाने पर आए
जिला पूर्ति कार्यालय में अफसरों के इशारों पर राशन डीलरों पर दबाव बनाने के लिए फोन करने वाले कर्मी भी विजिलेंस के निशाने पर हैं। उनकी कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। राशन डीलरों के अनुसार अधिकारी दबाव देकर बुलवाने के लिए कर्मियों से फोन कराते थे। आरोप है कि पूर्ति विभाग में कर्मचारी भी काफी साल से जमे हुए हैं, जो राशन डीलरों का उत्पीड़न करते हैं।

जिले में प्रशासनिक कार्यालयों में चरम पर भ्रष्टाचार
बागपत जिले में प्रशासनिक कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। यह कोई आरोप नहीं है, बल्कि जिस तरह से लगातार विभागों के अफसर और कर्मी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं, उससे यह साफ हो रहा है। विजिलेंस टीम और एंटी करप्शन की लगातार छापामारी के बाद भी भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में सरकारी योजनाओं और निशुल्क होने वाले कार्यों के बदले भी लोगों को रिश्वत देनी पड़ रही है। 

एसडीएम का निजी चालक एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
मार्च माह में भागोट गांव निवासी गोरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय कुमार से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए एसडीएम के निजी चालक निशु त्यागी को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने पकड़ लिया था। इसके बाद आरोपी को मेरठ जेल भेज दिया गया। 

कनिष्ठ सहायक पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया 
जनवरी माह में एंटी करप्शन विभाग की टीम ने पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार को पशुपालक सतीश कुमार निवासी बरनावा से पांच हजार की रिश्वत लेते हुए शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने विकास भवन की कैंटीन से गिरफ्तार कर लिया गया था।

तहसील का निजी कर्मी 10 हजार रुपये लेता हुआ पकड़ा गया
छह फरवरी 2026 को बड़ौत की तहसील में तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। कर्मचारी इससे पहले किसान प्रमोद से पांच हजार रुपये भी वसूल चुका था।

बड़ौत तहसील का कानूनगो भी हुआ था गिरफ्तार 
मई 2024 को एंटी करप्शन की टीम ने बड़ौत तहसील में राजस्व निरीक्षक नरेंद्र को सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर सोमपाल राणा से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बागपत में रिश्वत लेते पकड़ा गया कर्मी।
 

पांच साल पहले झांसी में हुई थी अनूप तिवारी के खिलाफ कार्रवाई
रिश्वत लेते पकड़ा गया जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी बागपत में तीन साल से तैनात है। इससे पहले यह झांसी में तैनात था। वहां पर गलत तरीके से अधिकारी के हस्ताक्षर करने के मामले में अनूप तिवारी को निलंबित किया गया था। इसके बाद उसे बागपत में तैनात कर दिया गया। तीन साल के कार्यकाल में अनूप तिवारी विवादों से घिरे रहे, जिनके खिलाफ गैस एजेंसी संचालकों ने भी मोर्चा खोल दिया था। 

गैस एजेंसी संचालकों पर भी दबाव बनाने का आरोप 
बागपत इंडेन एलपीजी फेडरेशन के अध्यक्ष अजय चौहान ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी ने गैस एजेंसी संचालकों से रुपये वसूलने का दबाव बनाया था। इस पर उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करते हुए मोर्चा खोल दिया था। आरोप लगाया कि गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ सिलिंडरों की कालाबाजारी करने की धमकी देकर वसूली करने का दबाव बनाया गया। आरोप लगाया कि कई एजेंसी संचालकों से रुपये भी वसूले गए और जिसने रुपये नहीं दिए तो उन पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।
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