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ढाई लाख के इनामी 'बद्दो' की लोकेशन से पुलिस कन्फ्यूज, अब मूंछ पर दांव, दोस्तों की कुंडली खंगाली

Thu, 06 Feb 2020 03:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 06 Feb 2020 03:17 PM IST
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Badan Singh Badoo confused police by posting his location in Netherlands
बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ - फोटो : फाइल
 ढाई लाख के इनामी मोस्ट वांटेड बदन सिंह बददो ने पूर्व डीजीपी बृजलाल और केबिल कारोबारी रोमी के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट डालकर पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। बद्दो की लोकेशन नीदरलैंड है या पंजाब में या फिर किसी तीसरी जगह, इसको लेकर मेरठ पुलिस अटकी हुई है। फिलहाल पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो 28 मार्च 2019 को मेरठ से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। उसकी फरारी के बाद रविंद्र गुर्जर और संजय गुर्जर के परिजनों को जान का खतरा बना है। आरोप है कि रविंद्र के अलावा संजय की हत्या की पटकथा बद्दो ने रची थी। रंगदारी न देने पर बद्दो ने स्कूल संचालक राजेश दीवान को भी धमकी दी थी। 
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एसएसपी अजय साहनी का कहना कि फेसबुक के मुख्यालय कैलिफोर्निया को चिट्ठी भेजी है ताकि बद्दो की पोस्ट का सच पता लग सके। बद्दो की फरारी के बाद उसके खिलाफ मार्च 2019 में ही लुकआउट नोटिस जारी कराया गया था, जो एक साल तक मान्य है। अंदेशा कि बद्दो विदेश नहीं गया। नीदरलैंड से लोकेशन डालने के पीछे उसका क्या मकसद है, इसकी भी जांच की जा रही है।
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Badan Singh Badoo confused police by posting his location in Netherlands
प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ रेंज  - फोटो : अमर उजाला
भारत में छिपा हो सकता है बद्दो
बद्दो के फेसबुक अकाउंट से डाली गई पोस्ट की पुलिस और एसटीएफ जांच कर रही है। बद्दो की तलाश जारी है। बद्दो भारत में छिपा हो सकता है। पोस्ट डालने के पीछे उसका क्या मकसद है, इसकी गंभीरता से जांच चल रही है। -प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ रेंज 

11 माह बाद भी चुनौती, अब मूंछ पर दांव
कुख्यात बदन सिंह बद्दो को ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। बद्दो ने फेसबुक पर 11 माह बाद प्रकट होकर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। बद्दो तक पहुंचने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां कुख्यात सुशील मूंछ पर दांव लगा रही है।

जेल में सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर से पुलिस पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस का दावा है कि बद्दो और मूंछ में गहरी दोस्ती थी। बद्दो की फरारी से दो दिन पहले मूंछ सेटिंग से जेल गया था।

वेस्ट यूपी में जरायम की दुनिया में कुख्यात सुशील मूंछ व बदन सिंह बद्दो के हाथ मिलाने के बाद दस साल पहले नया नेटवर्क तैयार हुआ था। इस नई दोस्ती से कई दूसरे बदमाशों से अदावत का सिलसिला शुरू हुआ। कई बदमाशों की हत्या हुई। ये दोस्ती भूपेंद्र बाफर को रास नहीं आयी और दोनों की दोस्ती में उसने दरार डाल दी। 

रास्ते अलग-अलग हुए। लेकिन संबंध बरकरार रहे। 28 मार्च 2019 को बद्दो पुलिसं कस्टडी से फरार हुआ। लेकिन फरारी से दो दिन पहले सुशील मूंछ परतापुर मेरठ के सोहरका दोहरे हत्याकांड में सेटिंग से मुजफ्फरनगर में सरेंडर हो गया था। बद्दो की फरारी व सुशील के जेल में पहुंचने की काफी चर्चा रही थी।

इसको लेकर पुलिस ने बद्दो के विरोधी भूपेंद्र बाफर पर हाथ रखा। बाफर को दो दो गनर तक दिए गए। लेकिन नतीजा शून्य रहा। पुलिस मामले को समझ नहीं सकी। बद्दो के बारे में सुशील मूंछ से पूछताछ की गई। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अब बद्दो के फेसबुक पर प्रकट होने पर पुलिस ने फिर से पुराना रिकॉर्ड खंगाला है। जिसमें सुशील मूंछ से उसके करीबी संबंधों की जानकारी पुलिस को मिली है।

कानपुर जेल में मूंछ से होगी पूछताछ 
सुशील मूंछ फिलहाल कानपुर जेल में तो भूपेंद्र बाफर आजमगढ़ जेल में है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस बाफर से ज्यादा मूंछ पर फोकस कर रही है। इसको लेकर मेरठ पुलिस कानपुर जेल में मूंछ से पूछताछ करने की तैयारी में जुटी है। पुलिस ने मूंछ से मुलाकात करने वालों की कुंडली भी खंगाली है। जेल में बंद मूंछ से कौन-कौन मिलने जाता है, इसके बारे में पुलिस काफी जानकारी जुटा चुकी है।  

दोस्तों की खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस ने बद्दो के दोस्तों की कुंडली भी खंगाली है। बद्दो की फरारी के दौरान दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल मालिक मुकेश गुप्ता, करन पब्लिक स्कूल के मालिक भानुप्रताप सिंह, पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़ समेत 20 लोगों के नाम सामने आए थे। जिनको पुलिस ने जेल भी भेजा था। बद्दो की पोस्ट के बाद पुलिस ने फिर इन लोगों को रडार पर लिया है। इसके अलावा भी कई लोगों पर पुलिस की नजर है।

साल 1996 में वकील रविंद्र गुर्जर और साल 2011 में संजय गुर्जर की बद्दो ने हत्या की। रविंद्र गुर्जर की हत्या में बद्दो को उम्रकैद की सजा हुई, संजय की हत्या में केस ट्रायल पर है। स्कूल संचालक राजेश दीवान से दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी। इसके अलावा भी कई लोगाें को बद्दो से खतरा बना है। पुलिस ने पीड़ित परिवारों की सुरक्षा बढ़ा दी है। 
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