{"_id":"6739115cc123066e37043344","slug":"auction-of-vehicles-held-in-police-station-without-magistrate-cancelled-sardana-news-c-44-1-smrt1055-105974-2024-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: थाने में बिना मजिस्ट्रेट के हुई वाहनों की नीलामी रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: थाने में बिना मजिस्ट्रेट के हुई वाहनों की नीलामी रद्द
विज्ञापन
सरधना। थाना सरधना में शनिवार को 75 वाहनों की नीलामी प्रक्रिया हुई। इसमें मजिस्ट्रेट की बिना मौजदूगी के प्रक्रिया को पूरा किया गया। नीलामी में शामिल ठेकेदारों ने नियम विरुद्ध प्रक्रिया की शिकायत एसडीएम से की। मामले में संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने वाहनों की नीलामी को रद्द कर दिया।
शनिवार को सरधना थाने में वाहनों की नीलामी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना ही कर दी गई। कुछ ठेकेदारों ने इसका विरोध किया तो नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा गया, लेकिन सभी ठेकेदार शामिल नहीं होने के कारण नीलामी को रद्द करना पड़ा। सरधना थाने में माल मुकदमाती और एमवी एक्ट के वाहनों की नीलामी की जानी थी। नीलामी में कार व बाइक समेत 75 वाहन शामिल थे। नीलामी में 20 ठेकेदार शामिल हुए।
थाना पुलिस ने नीलामी प्रक्रिया बिना मजिस्ट्रेट के ही पूरी कर दी। हालांकि, इस दौरान सीओ संजय कुमार जायसवाल व इंस्पेक्टर प्रताप सिंह मौजूद रहे। बोली शुरू हुई और 13.16 लाख रुपये में वाहनों की नीलामी कर दी गई। नीलामी प्रक्रिया के दौरान मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण कुछ ठेकेदार इसका विरोध करने लगे। ठेकेदारों ने पुलिस पर नीलामी गलत तरीके से करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित से शिकायत की गई तो नायब तहसीलदार राहुल सिंह को मौके पर भेजा गया। बाद में सभी ठेकेदार शामिल नहीं होने पर नीलामी को रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन
शनिवार को सरधना थाने में वाहनों की नीलामी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना ही कर दी गई। कुछ ठेकेदारों ने इसका विरोध किया तो नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा गया, लेकिन सभी ठेकेदार शामिल नहीं होने के कारण नीलामी को रद्द करना पड़ा। सरधना थाने में माल मुकदमाती और एमवी एक्ट के वाहनों की नीलामी की जानी थी। नीलामी में कार व बाइक समेत 75 वाहन शामिल थे। नीलामी में 20 ठेकेदार शामिल हुए।
विज्ञापन
थाना पुलिस ने नीलामी प्रक्रिया बिना मजिस्ट्रेट के ही पूरी कर दी। हालांकि, इस दौरान सीओ संजय कुमार जायसवाल व इंस्पेक्टर प्रताप सिंह मौजूद रहे। बोली शुरू हुई और 13.16 लाख रुपये में वाहनों की नीलामी कर दी गई। नीलामी प्रक्रिया के दौरान मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण कुछ ठेकेदार इसका विरोध करने लगे। ठेकेदारों ने पुलिस पर नीलामी गलत तरीके से करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित से शिकायत की गई तो नायब तहसीलदार राहुल सिंह को मौके पर भेजा गया। बाद में सभी ठेकेदार शामिल नहीं होने पर नीलामी को रद्द कर दिया गया।