अतुल प्रधान ने किया कोर्ट में सरेंडर, पुलिस पर लगाया ये आरोप, दो मामलों में भेजा जेल
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नोएडा के सुमित गुर्जर एनकाउंटर में पुलिस अफसरों को चुनौती देने वाले सपा नेता अतुल प्रधान ने मंगलवार को एसीजेएम-10 नीरज कुमार बख्शी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने 13 में से तीन मामलों में जमानत अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
समाजवादी छात्र सभा के पूर्व अध्यक्ष अतुल प्रधान के खिलाफ जिले के तमाम थानों में मुकदमे दर्ज चले आ रहे हैं। सुमित गुर्जर एनकाउंटर को लेकर अतुल प्रधान ने मखदूमपुर मेले में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। जिसकी वीडियो भी वायरल हो गई थी। एनकाउंटर के विरोध में अतुल ने कमिश्नरी पर भी धरना प्रदर्शन किया था। जिसके बाद पुलिस ने अतुल प्रधान पर दो मुकदमे दर्ज कराते हुए पुराना रिकॉर्ड खंगाला था।
कोर्ट ने अतुल प्रधान के खिलाफ 13 मुकदमों में वारंट जारी किया था। लेकिन पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर पाई थी। अतुल प्रधान के अधिवक्ता गगन राणा ने बताया कि कोर्ट ने अतुल प्रधान के खिलाफ जारी 13 वारंटों में सुनवाई करते हुए सात मामलों में जमानत स्वीकार कर निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए। दो मामलों में वारंट रिकॉल हुए। कातिलाना हमले से संबंधित मुकदमे में वारंट निरस्त करने की अर्जी के साथ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने से संबंधित दो मुकदमों में जमानत अर्जी खारिज कर दी। एक मामले का निस्तारण विचाराधीन है।
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सरेंडर से पहले साधा भाजपा पर निशाना
कोर्ट में सरेंडर करने से पहले अतुल प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन भाजपा के लोगों को खुश करने के लिए काम कर रहा है। नगर निकाय और छात्र संघ चुनाव से दूर रखने केलिए पुलिस कई महीने से उन पर दबाव बना रही थी। वह हाईकोर्ट के आदेशानुसार कोर्ट में पेश होने जा रहे हैं।
अतुल प्रधान ने कहा कि भाजपाई एसपी सिटी के ऑफिस में घुसकर उन्हें खुली चेतावनी देते हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। मुख्यमंत्री 20 हजार से ज्यादा राजनीतिक मुकदमे वापस लेने की बात कहते हैं। लेकिन क्या सरकार अन्य पार्टियों के नेताओं पर हुए इसी तरह के मुकदमों को वापस लेगी।
कहा कि एक व्यापारी के घर से 25 करोड़ रुपये मिलने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। एक बेटी के छेड़छाड़ से आहत होकर जान दे देती है। लेकिन पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी अभी तक उसके घर नहीं पहुंचा। सवाल किया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के साथ क्या एसएसपी का रवैया सही था। आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था चौपट है। संगठित अपराध खत्म करने के नाम पर एनकाउंटर कर सुमित जैसे लड़कों की हत्या की जा रही है। वह डरे नहीं थे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे। कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे थे।
प्रेस कांफ्रेंस से दूर रहे सपाई
अतुल प्रधान की प्रेस कांफ्रेंस में उनकी पत्नी और पूर्व जिपं अध्यक्ष सीमा प्रधान और सपा नेता आदिल चौधरी व समर्थक ही मौजूद थे। लेकिन जिला और महानगर के पदाधिकारी दूर ही रहे। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि वह कचहरी में अतुल प्रधान के साथ थे।
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