फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   attendance from the biometric machine, salary from mustola

हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से, वेतन मस्टररोल से

Sat, 16 Feb 2019 01:28 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Sat, 16 Feb 2019 01:28 AM IST
सार


- प्रतिमाह सफाई कर्मचारियों के नाम निकलता है तीन करोड़ का वेतन
- मशीनों पर खर्च किए गए 17 लाख, हो रहे बेकार
- स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम कर चुका है बायोमेट्रिक से हाजिरी के दावे

विज्ञापन
attendance from the biometric machine, salary from mustola
मेरठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार


विज्ञापन
मेरठ। नगर निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के लिए सभी वार्डों में बायोमेट्रिक मशीनें लगवाने के बाद भी मस्टररोल से वेतन दिया जा रहा है। इसमें निगम के अधिकारी, कर्मचारी नेता और आउट सोर्सिंग कंपनियों की मिलीभगत उजागर हो रही है। वहीं निगम प्रशासन ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें मशीन से हाजिरी लगाने की बात कही है।
 महानगर में आउट सोर्सिंग पर 2366 सफाईकर्मी काम करते हैं। सरकार ने शहर की सफाई व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन कराया था। इसमें सफाई कर्मचारियों के नियमित कार्य न करने की रिपोर्ट शासन के सामने पहुंची थी। शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन को जरूरी कर दिया। स्वच्छता सर्वेक्षण में बायोमेट्रिक से हाजिरी होने पर कुछ अंक भी रखे गए थे। नगर निगम प्रशासन ने एक जनवरी 2019 से शहर के 90 वार्डों में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगवा दी थी। मशीनों पर लगभग 17 लाख रुपये भी खर्च किए गए। जनवरी का वेतन जारी करने के लिए तैयार किए अभिलेख बताते हैं कि अभी भी मस्टररोल पर हाजिरी से ही वेतन निकाला जा रहा है।
विज्ञापन

 प्रतिमाह वेतन पर तीन करोड़ रुपये खर्च
नगर निगम में प्रतिमाह सफाई कर्मचारियों के वेतन पर तीन करोड़ रुपये खर्च होते हैं। तीन करोड़ खर्च को लेकर भी नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायक गंभीर नहीं हैं। यदि हम मस्टररोल में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी की बात करें तो 97.5 प्रतिशत है। माह में इतने प्रतिशत हाजिरी का दर्शाया जाना भी मस्टररोल तैयार करने वाले निगम अधिकारी और कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सफाई इंस्पेक्टरों को नगरायुक्त ने लगाई फटकार
बायोमेट्रिक
मशीन लगाए जाने के बाद भी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी मस्टररोल पर ही दर्ज करने और इस प्रकार भुगतान की संस्तुति कराने पर नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायकों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि फरवरी में हाजिरी का रिकार्ड बायोमेट्रिक मशीन से नहीं लिया गया तो सफाई इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हम नहीं करते विरोध
2215
संविदा सफाई कर्मचारी संघर्ष समिति नगर निगम के अध्यक्ष दिनेश सूद ने कहा कि आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने कभी बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी का विरोध नहीं किया है। कुछ अन्य नेता विरोध करते हैं। उन्होंने ने ही कुछ मशीनें छीनी थी। हम तो चाहते हैं कि बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी हो और काम करने वाले को उनका अधिकार मिले।


नगर निगम ने अपने खजाने से ही बायोमेट्रिक मशीनें लगवाई थीं। एक जनवरी से सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगाने के लिए मशीनें सफाई इंस्पेक्टरों को दी थी। इनमें से कुछ मशीनें खो गई हैं और तीन मशीनें टूट गई। नई मशीनें मिली नहीं हैं। इसलिए मैनुअल मस्टररोल के अनुसार ही वेतन दिया जा रहा है। मशीनें मिलेंगी तो बायोमेट्रिक हाजिरी कराई जाएगी।  -डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed