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एटीएस के पहरे में गढ़ गंगा मेला

Wed, 06 Nov 2019 02:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 02:36 AM IST
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Ats sequerty in Garh ganga mela
एटीएस के पहरे में गढ़ गंगा मेला
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मेरठ। गढ़ गंगा मेले में सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। आईजी के निर्देश पर मेला और आसपास के क्षेत्र में मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, गाजियाबाद और बुलंदशहर से पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है। मेला परिसर को चार सुपर जोन, 11 जोन, 21 सेक्टरों में बांटा गया है। वहीं 21 अस्थायी थाने बनाए गए हैं। भारी संख्या में पीएसी, यूपी पुलिस और अन्य फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है।
आईजी आलोक सिंह के अनुसार मेला दो नवंबर से प्रारंभ हो चुका है। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। इस बार मेले में करीब 60 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। वेस्ट यूपी के बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बागपत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद के अलावा दिल्ली और दूसरे राज्यों के श्रद्धालु भी यहां आते हैं। ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी, भैंसा-बुग्गी और अन्य वाहनों से श्रद्धालु डेरा डालते हैं। एएसपी हापुड़ सर्वेश कुमार मिश्र को गढ़ गंगा मेले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। मेले में व्यवस्था के लिए निजी वाहन और सरकारी वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग और मार्ग बनाए गए हैं। सभी जिलों और राज्यों के अनुसार जोन व सेक्टर बनाए गए हैं।
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46 स्थानों पर बैरियर लगाए
मेला परिसर और मुख्य मार्गों पर 46 स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं। सुचारु व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन भी किया गया है। दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले यातायात, मेरठ से मुरादाबाद, गजरौला से दिल्ली एवं गाजियाबाद, स्याना से मेरठ और हापुड़ जाने वाले यातायात को डायवर्जन किया गया है।
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तीन हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई
मेला परिसर में सुरक्षा के लिए तीन हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी सेक्टरों में दमकल की गाड़ी, पीएसी, घुड़सवार, बम निरोधक दस्ता, एंटी रोमियो स्क्वायड की टीम लगाई गई हैं। गंगा के किनारों के लिए अलग से दो कंपनी पीएसी के गोताखोर लगाए गए हैं। तीन कंपनी पीएसी के अलावा एटीएस लगाई गई है।
प्राचीन है मेले का इतिहास : आईजी
आईजी आलोक सिंह ने बताया कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर मेले का प्राचीन इतिहास है। यह एक प्राचीन तीर्थ स्थल है। गंगा के तट पर हापुड़ जिले की सीमा में अंतिम छोर पर स्थल है। हापुड़ से 40 और मेरठ से 45 किमी दूरी पर यह मेला लगता है। मेले की लंबाई करीब आठ किमी से अधिक रहती है। गढ़मुक्तेश्वर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में उल्लेख है।

मखदूमपुर मेला
मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में मखदूमपुर मेले में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालु जाते हैं। ऐसे में यहां पीएसी और स्थानीय फोर्स लगाई गई है। पीएसी समेत यहां 300 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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