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करीब आते ही ब्रेसलेट कहेगा सोशल डिस्टेंस का पालन करो
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शालू अग्रवाल
मेरठ। नजदीकी बढ़ी दुघर्टना घटी। कोविड 19 से बचने के लिए सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। सामाजिक दूरी के इस नियम का बखूबी पालन अब इलेक्टानिक डिवाइस कराएगी। मेरठ में इंजीनियरिंग के छात्र ने ऐसा ब्रेसलेट बनाया है जो किसी के भी आपके पास आते ही फौरन अलर्ट देगा। यानि दो गज दूरी का नियम टूटते ही यह डिवाइस आपको आगाह कर देगा। 16 दिन में बनकर तैयार हुए इस ब्रेसलेट को बनाने मे महज 150 रूपए लागत आई है।
यह ब्रेसलेट बनाया है रोहटा के गांव में रहने पुनीत उपाध्याय ने। डाइट संस्थान से बीटेक कर रहे पुनीत के पिता ओमपाल सिंह किसान हैं, जबकि माता बबीता गृहणी हैं। पुनीत इस ब्रेसलेट से पहले इंफ्रारेडियशन रिसीवर बना चुके हैं। जो दुश्मन द्वारा भेजे गए इफ्रारेडियेषन संदेशों को पढ़ सकता है। इस रिसीवर पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर पुनीत को बधाई दी थी। अब पुनीत ने यह सोशल डिस्टेंसिंग इलेक्ट्रानिक डिवाइस बनाई है। पुनीत का दावा है यह एक ब्रेसलेट है जिसे लगातार हाथ में पहना जाए तो 15 दिन में हम सोशल डिस्टेंसिंग की बदौलत देश में कोरोना की चेन तोड़ सकते हैं।
चाहकर भी नहीं आ सकेंगे पास
पुनीत कहते हैं कोरोना से बचने के लिए लोग मास्क पहन रहे हैं। दवाएं खा रहे हैं। इस ब्रेसलेट को पहनने के बाद इंसान सोशल डिस्टेंस को आसानी से फॉलो कर सकता है। दो गज की दूरी का नियम टूटते ही यह ब्रेसलेट बिजली के करंट जैसा झटका देगा। ब्रेसलेटर में ट्राएंगलर वेब्स बनेंगीं और इससे झटका लगते ही व्यक्ति फौरन मानसिक तौर पर सावधान हो जाएगा। दिन में कई बार नियम टूटने पर करंट लगता है तो भी ये करंट हानिकारक नहीं होगा। ब्रेसलेट में चार्जेबल बैटरी लगी है, जो एक बार चार्ज होने पर 6 महीने चलेगी। इस डिवाइस के लिए पुनीत ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
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नाडी की गति से करेगी पहचान
सामाजिक दूरी बनाए रखने वाली इस डिवाइस को अगर बाजार या भीड़भाड़ वाले इलाके में उतारना चाहें तो यह नहीं उतरेगा। डिवाइस नाडी और धडकनों की गति को पहचान कर ब्रे्रसलेट को शरीर पर लॉक कर देगी। चलते और दौडते वक्त व्यक्ति की नाड़ी व धड़कनें सामान्य से तेज चलती हैं। धडकनों के पुन: सामान्य होेने पर ही डिवाइस उतरेगी। इसमें एम्पलीफायर, रिसीवर और ट्रांसमीटर लगे हैं जो डायरेक्शन, मोशन को पकड़ते हैं।
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मेरठ। नजदीकी बढ़ी दुघर्टना घटी। कोविड 19 से बचने के लिए सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। सामाजिक दूरी के इस नियम का बखूबी पालन अब इलेक्टानिक डिवाइस कराएगी। मेरठ में इंजीनियरिंग के छात्र ने ऐसा ब्रेसलेट बनाया है जो किसी के भी आपके पास आते ही फौरन अलर्ट देगा। यानि दो गज दूरी का नियम टूटते ही यह डिवाइस आपको आगाह कर देगा। 16 दिन में बनकर तैयार हुए इस ब्रेसलेट को बनाने मे महज 150 रूपए लागत आई है।
यह ब्रेसलेट बनाया है रोहटा के गांव में रहने पुनीत उपाध्याय ने। डाइट संस्थान से बीटेक कर रहे पुनीत के पिता ओमपाल सिंह किसान हैं, जबकि माता बबीता गृहणी हैं। पुनीत इस ब्रेसलेट से पहले इंफ्रारेडियशन रिसीवर बना चुके हैं। जो दुश्मन द्वारा भेजे गए इफ्रारेडियेषन संदेशों को पढ़ सकता है। इस रिसीवर पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर पुनीत को बधाई दी थी। अब पुनीत ने यह सोशल डिस्टेंसिंग इलेक्ट्रानिक डिवाइस बनाई है। पुनीत का दावा है यह एक ब्रेसलेट है जिसे लगातार हाथ में पहना जाए तो 15 दिन में हम सोशल डिस्टेंसिंग की बदौलत देश में कोरोना की चेन तोड़ सकते हैं।
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चाहकर भी नहीं आ सकेंगे पास
पुनीत कहते हैं कोरोना से बचने के लिए लोग मास्क पहन रहे हैं। दवाएं खा रहे हैं। इस ब्रेसलेट को पहनने के बाद इंसान सोशल डिस्टेंस को आसानी से फॉलो कर सकता है। दो गज की दूरी का नियम टूटते ही यह ब्रेसलेट बिजली के करंट जैसा झटका देगा। ब्रेसलेटर में ट्राएंगलर वेब्स बनेंगीं और इससे झटका लगते ही व्यक्ति फौरन मानसिक तौर पर सावधान हो जाएगा। दिन में कई बार नियम टूटने पर करंट लगता है तो भी ये करंट हानिकारक नहीं होगा। ब्रेसलेट में चार्जेबल बैटरी लगी है, जो एक बार चार्ज होने पर 6 महीने चलेगी। इस डिवाइस के लिए पुनीत ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
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नाडी की गति से करेगी पहचान
सामाजिक दूरी बनाए रखने वाली इस डिवाइस को अगर बाजार या भीड़भाड़ वाले इलाके में उतारना चाहें तो यह नहीं उतरेगा। डिवाइस नाडी और धडकनों की गति को पहचान कर ब्रे्रसलेट को शरीर पर लॉक कर देगी। चलते और दौडते वक्त व्यक्ति की नाड़ी व धड़कनें सामान्य से तेज चलती हैं। धडकनों के पुन: सामान्य होेने पर ही डिवाइस उतरेगी। इसमें एम्पलीफायर, रिसीवर और ट्रांसमीटर लगे हैं जो डायरेक्शन, मोशन को पकड़ते हैं।