रिमांड पर आते ही नाजिम ने उगला ज़हर, रची थी ये खतरनाक साजिश
मुंबई से पकड़े गए नहटौर के नाजिम व बढ़ापुर की मोती मस्जिद के पेश इमाम फैजान अपने साथियों के साथ मिलकर पाकिस्तानी मूल के तारिक फतह की हत्या करना चाहते थे। साथ ही इनकी मंशा किसी त्योहार पर उत्तराखंड के सबसे बडे़ तीर्थ स्थल हरिद्वार को दहलाने की थी। आईएस प्रशिक्षित आतंकियों का यह नया गुट अमरोहा की एक शिया इबादतगाह, बिहार की एक चीनी मिल में आग लगाने की भी योजना बना रहा था। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आतंकियों ने इसका ताना- बाना बुन लिया था और अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सही वक्त व अपने आकाओं के आदेश का इंतजार कर रहे थे। इन्हें रिमांड पर लेकर की गई एटीएस की पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है।
रिमांड पर आते ही नाजिम ने उगला जहर
बता दें, आईएस से प्रशिक्षित और युवकों बरगलाकर नया आतंकी गुट तैयार कर रहे बिजनौर के नहटौर निवासी नाजिम को पुलिस और एटीएस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसके बाद 19 अप्रैल को एटीएस और कई राज्यों की पुलिस ने बढापुर की मोती मस्जिद से पेश इमाम मुफ्ती फैजान सहित पांच युवकों को पकड़ा था। जिनमें से चार को एटीएस ने चेतावनी देकर उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया था। नाजिम, मुफ्ती फैजान, जालंधर पंजाब निवासी गाजीबाबा और बिहार के नटकटियागंज निवासी एहतेशाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले दो आतंकियों को रिमांड पर लेकर एटीएस ने पूछताछ की। उन्होंने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एटीएस के भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि नहटौर का नाजिम सऊदी अरब में आईएस के आकाओं से ट्रेनिंग लेकर लौटा था। मुफ्ती फैजान व बाकी साथियों के साथ मिलकर नाजिम ने देश में आतंकियों का नया सगठन बनाया था। इनकी इरादा हरिद्वार में किसी बड़े त्योहार पर भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र को दहलाने का था। इसके साथ अमरोहा जिले की नौगावा सादात में स्थित शिया इबादतगाह भी उनके निशाने पर थी। पाकिस्तान मूल के कनाडा मे बसे पत्रकार तारिक फतह की हत्या भी ये करना चाहते थे। मुबंई में अकेले घूमते मिलने वाले पुलिस कर्मी को भी मार डालने का भी इरादा था। नटकटियागंज बिहार की शुगर मिल को आतंकी आग के हवाले करना चाहते थे। इसके अलावा किसी बाजार में गैस सिलेंडर, बैटरी की दुकान में विस्फोट करना चाहते थे, ताकि विस्फोट के बाद आग लगने से ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो। पूछताछ के बाद हुए खुलासों के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई है। पूछताछ के मिले सुरागों के आधार इनके सहयोगियों और मदद करने वालों की तलाश में जुट गई है।