{"_id":"673bb1fdcc034430450a89da","slug":"aqi-reaches-413-all-schools-from-nursery-to-12th-coaching-centers-closed-meerut-news-c-76-1-smrt1039-104201-2024-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: एक्यूआई पहुंचा 413, नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल, कोचिंग सेंटर बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: एक्यूआई पहुंचा 413, नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल, कोचिंग सेंटर बंद
विज्ञापन
मेरठ--------मोदीपुरम हाईवे पर सुबह 8:00 बजे कोहरा में गुजरते वाहन------नीटू
मेरठ/मोदीपुरम। तापमान गिरने के साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को दिन में एक्यूआई 384 और रात का 413 दर्ज किया गया। प्रदूषण बढ़ने के कारण जिले के नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि कोई भी विद्यालय ऑफलाइन कक्षाएं संचालित नहीं करेंगे। इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
दिन में लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हुई। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में 4739 मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादा संख्या खांसी-जुकाम, बुखार, गले में इंफेक्शन आदि के रहे। बच्चों और बुजुर्गों की भी संख्या काफी रही।
जिलाधिकारी ने बताया कि वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण के प्रावधान लागू किए गए हैं। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में छात्रों को प्रदूषण से बचाने के लिए अग्रिम आदेशों तक समस्त बोर्ड के स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
ये रहा स्तर
समय एक्यूआई
सुबह आठ बजे 302
सुबह 10 बजे 325
दोपहर 12 बजे 340
दोपहर दो बजे 366
शाम चार बजे 372
साढ़े पांच बजे 384
शहर के विभिन्न इलाकों में एक्यूआई
इलाका एक्यूआई
केसरगंज 350
शॉप्रिक्स मॉल 372
गंगानगर 341
जयभीमनगर 392
पल्लवपुरम 419
कैंट स्टेशन 390
दिल्ली रोड 392
हापुड़ चौराहा 366
बेगमपुल 380
सदर बाजार 385
ये हो सकती हैं बीमारियां
प्रदूषण के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें अस्थमा, फेफड़ों की समस्या, हृदय रोग, आंखों की रोशनी, आंखों में इंफेक्शन, फेफड़ों का कैंसर, मधुमेह और स्ट्रोक सहित कई बीमारियां हो सकती हैं।
बच्चों के लिए साइलेंट किलर
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि बच्चों के लिए प्रदूषण साइलेंट किलर है। वायु प्रदूषण के कारण भारत सहित दुनिया भर के देशों में हर दिन कई बच्चों की मौत हो रही है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से सांस संबंधी समस्या और आंखों के स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव पड़ता है। भारत की स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर (एसओजीए) 2024 रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण भारत में हर दिन पांच साल से कम उम्र के 464 बच्चों की मौत हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की मौत का आंकड़ा तंबाकू और शुगर से होने वाली मौतों की संख्या से भी अधिक है।
पॉल्यूशन से सबसे ज्यादा किसको खतरा
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने से सबसे ज्यादा बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और बाहरी कर्मचारी प्रभावित होते हैं। इसके अलावा पॉल्यूशन युवाओं को भी बहुत परेशान करता है। वायु प्रदूषण बच्चों के विकास को प्रभावित करता है। यह उनके फेफड़ों के विकास को रोकता है और उनकी इम्यूनिटी को कमजोर करता है। इसके चलते बच्चों सांस लेने में दिक्कत होती है और 5 साल से कम बच्चों की मौत तक हो जाती है। इस मौसम में एक आदमी 12 सिगरेट के बराबर धुआं पी रहा है।
ये करें बचाव
प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलने से बचें। प्रदूषित हवा में सांस लेने और ऑक्सीजन की कमी होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बाहर जा भी रहे हैं तो मास्क का उपयोग करें। वायु गुणवत्ता की अनदेखी नहीं करें। इसके साथ ही अपने खानपान पर खास ध्यान रखें। अधिक से अधिक पानी पिएं, जिससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और इम्यूनिटी भी स्ट्रांग रहेगी।
सीजन में सबसे ठंडा रहा सोमवार
पहाड़ों पर बर्फबारी व बारिश के कारण मैदानी इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है। सीजन में सोमवार सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। तापमान गिरकर 21 डिग्री के पास पहुंच गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति चार से छह किमी प्रति घंटा रही।
लोगों को भी जागरूक रहना होगा
प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। अधिकांश लोग कूड़ा जला देते है और किसान पराली। इसे रोकना होगा। साथ ही खुले में डस्ट न रहने दें। रेत को कवर करके रखें। - भुवन प्रकाश यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
विज्ञापन
दिन में लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हुई। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में 4739 मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादा संख्या खांसी-जुकाम, बुखार, गले में इंफेक्शन आदि के रहे। बच्चों और बुजुर्गों की भी संख्या काफी रही।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण के प्रावधान लागू किए गए हैं। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में छात्रों को प्रदूषण से बचाने के लिए अग्रिम आदेशों तक समस्त बोर्ड के स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
ये रहा स्तर
समय एक्यूआई
सुबह आठ बजे 302
सुबह 10 बजे 325
दोपहर 12 बजे 340
दोपहर दो बजे 366
शाम चार बजे 372
साढ़े पांच बजे 384
शहर के विभिन्न इलाकों में एक्यूआई
इलाका एक्यूआई
केसरगंज 350
शॉप्रिक्स मॉल 372
गंगानगर 341
जयभीमनगर 392
पल्लवपुरम 419
कैंट स्टेशन 390
दिल्ली रोड 392
हापुड़ चौराहा 366
बेगमपुल 380
सदर बाजार 385
ये हो सकती हैं बीमारियां
प्रदूषण के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें अस्थमा, फेफड़ों की समस्या, हृदय रोग, आंखों की रोशनी, आंखों में इंफेक्शन, फेफड़ों का कैंसर, मधुमेह और स्ट्रोक सहित कई बीमारियां हो सकती हैं।
बच्चों के लिए साइलेंट किलर
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि बच्चों के लिए प्रदूषण साइलेंट किलर है। वायु प्रदूषण के कारण भारत सहित दुनिया भर के देशों में हर दिन कई बच्चों की मौत हो रही है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से सांस संबंधी समस्या और आंखों के स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव पड़ता है। भारत की स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर (एसओजीए) 2024 रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण भारत में हर दिन पांच साल से कम उम्र के 464 बच्चों की मौत हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की मौत का आंकड़ा तंबाकू और शुगर से होने वाली मौतों की संख्या से भी अधिक है।
पॉल्यूशन से सबसे ज्यादा किसको खतरा
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने से सबसे ज्यादा बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और बाहरी कर्मचारी प्रभावित होते हैं। इसके अलावा पॉल्यूशन युवाओं को भी बहुत परेशान करता है। वायु प्रदूषण बच्चों के विकास को प्रभावित करता है। यह उनके फेफड़ों के विकास को रोकता है और उनकी इम्यूनिटी को कमजोर करता है। इसके चलते बच्चों सांस लेने में दिक्कत होती है और 5 साल से कम बच्चों की मौत तक हो जाती है। इस मौसम में एक आदमी 12 सिगरेट के बराबर धुआं पी रहा है।
ये करें बचाव
प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलने से बचें। प्रदूषित हवा में सांस लेने और ऑक्सीजन की कमी होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बाहर जा भी रहे हैं तो मास्क का उपयोग करें। वायु गुणवत्ता की अनदेखी नहीं करें। इसके साथ ही अपने खानपान पर खास ध्यान रखें। अधिक से अधिक पानी पिएं, जिससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और इम्यूनिटी भी स्ट्रांग रहेगी।
सीजन में सबसे ठंडा रहा सोमवार
पहाड़ों पर बर्फबारी व बारिश के कारण मैदानी इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है। सीजन में सोमवार सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। तापमान गिरकर 21 डिग्री के पास पहुंच गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति चार से छह किमी प्रति घंटा रही।
लोगों को भी जागरूक रहना होगा
प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। अधिकांश लोग कूड़ा जला देते है और किसान पराली। इसे रोकना होगा। साथ ही खुले में डस्ट न रहने दें। रेत को कवर करके रखें। - भुवन प्रकाश यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी