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AQI 231: देश में पांचवां सबसे प्रदूषित शहर मेरठ, ला-नीना से बदलेगा मौसम पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

Mon, 14 Oct 2024 11:14 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Mon, 14 Oct 2024 11:14 AM IST
सार

मेरठ का एक्यूआई 135 से बढ़कर रविवार को 231 के स्तर पर पहुंच गया।  गंगानगर के हालात खराब रहे। वहीं ला-नीना के असर से इस बार सर्दी का सितम ज्यादा रहेगा।

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AQI 231: Meerut is the fifth most polluted city in the country, weather will change due to La-Nina
मेरठ में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से एनसीआर की हवा प्रदूषित होती जा रही है। रविवार को शहर का एक्यूआई स्तर बढ़कर 231 पहुंच गया। देश के 241 शहरों में प्रदूषण को लेकर की गई मॉनीटिरिंग में मेरठ पांचवां सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि मुजफ्फरनगर व गाजियाबाद क्रमश: पहले व दूसरे स्थान पर प्रदूषित शहरों की गिनती में शामिल रहे। 

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मेरठ का एक्यूआई 135 से बढ़कर रविवार को 231 के स्तर पर पहुंच गया। सबसे ज्यादा हालात गंगानगर के खराब रहे। यहां एक्यूआई का स्तर 168 से बढ़कर 329 पर पहुंच गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। प्रदूषण पर काबू पाने के लिए इस बार सितंबर में ही ग्रेप सिस्टम लागू कर दिया था, लेकिन पंजाब, हरियाणा में पराली जलाए जाने से हवा की सेहत अभी से खराब होने लगी है। 
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शहर में भी जगह-जगह कूड़ा जलाए जाने से प्रदूषण बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल साबित हो रहे हैं। पड़ोसी जिला मुजफ्फरनगर सबसे प्रदूषित शहरों की गिनती में शामिल किया गया, यहां एक्यूआई का स्तर 277 पर पहुंच गया।
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गाजियाबाद में 264 स्तर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मेरठ शहर के जयभीमनगर में 174, गंगानगर में 329, पल्लवपुर में 191, दिल्ली रोड 221, बेगमपुल 215 एक्यूआई दर्ज किया गया।

रात में बढ़ने लगा ठंड का प्रकोप
अक्तूबर के बीतने के साथ ही रात में ठंड का असर होने लगा है। दिन का तापमान अभी भी 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। रात का तापमान कम होने से ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। 

रविवार को दिन का तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अक्तूबर के अंत में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा।

हृदय रोगी रहें सावधान 
दीपावली से पहले एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर की हवा प्रदूषित होने से शहरवासियों की सेहत पर भी इसका असर होने की आशंका बढ़ गई है। ठंड का असर बढ़ते ही शहर में स्मॉग की चादर का प्रकोप भी बढ़ेगा, जिस कारण सबसे अधिक ह्दय रोगी, दमा रोगी, बच्चों व बुजुर्गों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

ला-नीना से बदलेगा मौसम पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, 20 अक्तूबर के बाद होगा बदलाव
मेरठ जिले समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार सर्दी का सितम अधिक होगा। नवंबर से जनवरी तक सबसे अधिक ठंड महसूस होगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ला-नीना के 20 अक्तूबर के बाद से सक्रिय होने के कारण ही मौसम अपना रंग बदलेगा।

कृषि विवि के मौसम विभाग के पास जो इनपुट आया है, उससे साफ है कि इस बार सर्दी लंबे समय तक पड़ेगी और ला-नीना समय से पहले सक्रिय हो जाएगा। रात के तापमान में भी तेजी से बदलाव आ रहा है।

ला-नीना के सक्रिय होने से ठंड में इजाफा होगा। इसलिए आने वाले कुछ हफ्तों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है।

सामान्य तौर पर नवंबर में न्यूनतम औसत तापमान 15 से 18 डिग्री, दिसंबर में 8 से 12 डिग्री और जनवरी में 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इस बार तापमान इससे भी कम हो सकता है।

वहीं, तेजी से बदल रहे माैसम को देखते हुए चिकित्सक भी सेहत के प्रति सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. तनुराज सिरोही का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से ही दिन और रात के माैसम में काफी बदलाव आ चुका है।

रात में पहले से अधिक ठंड होने लगी है। लगातार ठंड बढ़ने से सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में सर्दी और असर दिखाएगी। इसलिए संतुलित जीवनशैली अपनाएं।

ये है ला-नीना 
ला-नीना का आशय भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में महासागर की सतह के तापमान के आवधिक शीतलन से है। आमतौर पर ला नीना तीन से पांच साल या उससे अधिक समय में अधिक सक्रिय होता है। इस परिस्थिति में समुद्र के अधिक ठंडा होने का असर हवाओं पर पड़ता है। यही स्थिति इस बार बन रही है। 

इस बार ला नीना का असर अक्तूबर में ही दिखाई देने से कड़ाके की सर्दी के पड़ने के आसार हैं। सर्दी का समय लंबा हो सकता है। नवंबर, दिसंबर और जनवरी में पड़ने वाली ठंड काफी अधिक होगी। - डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि

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