अमर उजाला अपराजिता अभियान: बहुत हुआ सहना, अब शोहदों को देंगे मुंहतोड़ जवाब
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अक्सर लड़कियां शोहदों को देखकर या तो अपना रास्ता बदल देती हैं या फिर डर के कारण घर से निकलना बंद कर देती हैं। लड़कियां है इसीलिए सब उनको कमजोर समझाकर परेशान करते हैं। छात्राओं ने कहा, बस अब बहुत हुआ सहना, अब शोहदों को देंगे मुंहतोड़ जवाब। लड़कियों को सशक्त बनाने और उनको स्वयं की रक्षा करने के लिए प्रेरित करते हुए अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल, शिव नगर में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इसमें शिहरान सिराज अहमद के साथ नीलम, अर्पित और अन्य प्रशिक्षकों ने ट्रेनिंग दी। छात्राओं को सड़कों, बसों, ट्रेनों, टेंपो में यात्रा करते समय होती छेड़छाड़ से बचाव के टिप्स दिए। इस दौरान मैनेजर राहुल केसरवानी, वाइस प्रिंसिपल वीनू अग्रवाल, कोआर्डिनेटर इंदु मेहरा, राजीव, विकास तोमर, अरशिया, सारिका सिंघल आदि शिक्षण-शिक्षिकाएं मौजूद रही।
छात्राओं ने किया अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने स्वयं भी कई तकनीक पर हाथ आजमाया। मोबाइल, चश्मा, किताब, पेन, हेयर पिन, सेफ्टी पिन, क्लेचर, हेयर बेंड, स्कूल बैग, दुपट्टे की मदद से सुरक्षा करना सीखा। अगर कोई आपको पीछे से पकड़ ले तो स्वयं को उससे कैसे बचाओगे, इसके बारे में बताया। छात्राओं ने सवाल भी पूछे जिसका जवाब देकर प्रशिक्षण टीम ने उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
बातचीत-
खुद की सुरक्षा करना आना चाहिए
लड़कियों को खुद की सुरक्षा करना आना चाहिए। आखिर कब तक हम दूसरों की मदद के भरोसे रहेंगी। - श्रेया
कैंप से आत्म सुरक्षा की भावना आई
इस तरह के ट्रेनिंग कैंप से लड़कियों में आत्म सुरक्षा की भावना जाग्रत होती है। हमें भी खुद की रक्षा करने का साहस आता है। - हंसिका
हेयर पिन से खुद की सुरक्षा कराना सीखा
हेयर पिन और क्लेचर से भी हम अपनी सुरक्षा कर सकते हैं, इसके बारे में पता ही नहीं था। कैंप के जरिए काफी कुछ सीखने को मिला। - शगुन
दुपट्टे से बचाव की तकनीक सीखी
कभी सोचा नहीं था कि हम दुपट्टे की मदद से किसी को गिरा भी सकते हैं। दुपट्टे से खुद के बचाव की कई तकनीक सीखी। - कनक
पेन से बचाव के टिप्स सीखे
पेन को कैसे हथियार के तरह इस्तेमाल करके खुद को बचाया जाएं, यह आज कैंप के जरिए सीखा। - यतिका
दूसरे भरोसे न बैठे, स्वयं की रक्षा करें
दिन पर दिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है। कब तक हम पुलिस के भरोसे बैठे रहेंगे। हमें खुद की सुरक्षा कराना आना चाहिए। - अनुष्का ठाकुर
पहली बार सेल्फ डिफेंस कैंप में भाग लिया
पहली बार किसी सेल्फ डिफेंस कैंप में भाग लिया। इससे आत्मविश्वास बढ़ा। साथ की खुद की रक्षा कैसे की जाए, इसकी कई तकनीक सीखी। - प्रियांशी
लड़कियां नहीं है कमजोर
लड़कियों को हमेशा से ही कमजोर समझा जाता रहा है। आज कैंप के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली से चीजों से खुद की सुरक्षा करना सीखा। - आकांक्षा
कैंप में नई जानकारी मिली
समय-समय पर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह के कैंप का आयोजन होना चाहिए। इससे बहुत कुछ नई जानकारी मिलती है। - महक सिसौदिया
बढ़ रही छेड़खानी की घटनाएं
बसों में, ऑटो में छेड़खानी की घटनाएं बढ़ गई है। हर समय हमारे साथ कोई परिवार वाला नहीं रह सकता। कैंप के जरिए हमें स्वयं की रक्षा करने के टिप्स मिले। - अवनी
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