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'अपराजिता अभियान' के तहत छात्राओं ने लिया ताइक्वांडो का प्रशिक्षण, सीखे सुरक्षा के गुर
Mon, 18 Mar 2019 06:19 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 18 Mar 2019 06:19 PM IST
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अपराजिता अभियान में हिस्सा लेती शिक्षिकाएं
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत पारस पब्लिक स्कूल में ताइक्वाडो प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय की सभी छात्राओं ने प्रतिभाग किया। ताइक्वांडो कोच सुहाना सईद ने छात्राओं को सुरक्षित रहने और नारी समाज की सुरक्षा के प्रति टिप्स दिए। उनसे अभ्यास कराया गया और इसके लिए स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक रहने को प्रेरित किया गया।
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इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि सुहाना सईद ने छात्राओं को महिला गरिमा के बारे के विस्तार से जानकारी दी और उन्हें महिला गरिमा को बनाए रखने को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करने की शपथ दिलाई।
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अपराजिता कार्यक्रम के तहत पारस पब्लिक स्कूल में ताइक्वांडों कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोच सुहाना सईद ने छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हमें अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं सचेत रहना चाहिए।
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आज बेटियां एवं बेटों के समान ही देश की हिफाजत के लिए तत्पर है। बेटियां देश की सरहदों पर डटी है। वायुसेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर नारी सम्मान को बढ़ावा देने का काम कर रही है। हालात के चलते वह युद्ध के मैदान में भी डटने को तैयार है।
आज नारी अपनी सुरक्षा की दृष्टि से जूडो कराटे आदि आत्मरक्षा के लिए गुर सीख कर अपनी मदद कर सकती है। नारी सुरक्षा के लिए पुलिस ने कई हेल्पलाइन के नंबर जैसे 1090 व अन्य दिए हुए हैं। यदि किसी महिला के साथ कोई छेड़खानी करता है, तो वह पुलिस के आने से पहले भी अपनी आत्मरक्षा कर सकती है।
इतना ही नहीं, वह दूसरी महिला की मदद के लिए भी खड़ी हो सकती है। नारी अगर एक-दूसरे को भी आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करें तो इससे नारियों का मनोबल बढ़ेगा। महिला अपनी व औरों की सुरक्षा के प्रति सक्षम होगी। इन कार्यक्रमों की वजह से देश में कल्पना चावला जैसी कितनी ही बेटियां सामने आएंगी।
सुरक्षा के प्रति रहें सजग
शिक्षिका राधा रानी का कहना है कि आज के माहौल में नारी को अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। इसके लिए वह जूडो कराटे आदि सीख कर सक्षम बन सकती है।
बेटियों को उनकी इच्छानुसार आगे बढ़ने को करें प्रेरित
शिक्षिका रेखा रानी का कहना है कि आज बेटियों को भी पढ़ा लिखा कर उनकी इच्छानुसार उनके क्षेत्र में भेजकर देश के लिए तैयार रहने को प्रेरित करना चाहिए। ऐसा करने से हम और हमारा देश और अधिक बलवान होगा।
इतना ही नहीं, वह दूसरी महिला की मदद के लिए भी खड़ी हो सकती है। नारी अगर एक-दूसरे को भी आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करें तो इससे नारियों का मनोबल बढ़ेगा। महिला अपनी व औरों की सुरक्षा के प्रति सक्षम होगी। इन कार्यक्रमों की वजह से देश में कल्पना चावला जैसी कितनी ही बेटियां सामने आएंगी।
सुरक्षा के प्रति रहें सजग
शिक्षिका राधा रानी का कहना है कि आज के माहौल में नारी को अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। इसके लिए वह जूडो कराटे आदि सीख कर सक्षम बन सकती है।
बेटियों को उनकी इच्छानुसार आगे बढ़ने को करें प्रेरित
शिक्षिका रेखा रानी का कहना है कि आज बेटियों को भी पढ़ा लिखा कर उनकी इच्छानुसार उनके क्षेत्र में भेजकर देश के लिए तैयार रहने को प्रेरित करना चाहिए। ऐसा करने से हम और हमारा देश और अधिक बलवान होगा।
देश की तरक्की में महिलाएं, पुरुषों से आगे
शिक्षिका दीपमाला का कहना है कि महिलाओं का जिम्मेदारी देश की तरक्की के पुरुषों से कहीं ज्यादा है। जहां पर पुरुष हार मान लेता है तो महिलाओं की जिम्मेदारी वहां से शुरू होती है।
सीखेंगी तो औरों की भी मदद करेंगी
शिक्षिका सोनी दीक्षित का कहना है कि अगर महिला आत्मरक्षा के गुर सीखती हैं तो वह समाज के ऐसे छेड़छाड़ व अन्य घटनाओं को अंजाम देने वाले दानवों का डटकर मुकाबला कर सकती है। वहीं दूसरों के भी काम आ सकती है।
अभियान की सराहना की
शिक्षिका शहला अंजुम ने इस अभियान की सराहना की। कहा कि नारी सम्मान के लिए पुरुषों को भी आगे आकर शपथ लेनी चाहिए। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी। इसके लिए उन्होंने अमर उजाला का धन्यवाद ज्ञापित किया।
शिक्षिका दीपमाला का कहना है कि महिलाओं का जिम्मेदारी देश की तरक्की के पुरुषों से कहीं ज्यादा है। जहां पर पुरुष हार मान लेता है तो महिलाओं की जिम्मेदारी वहां से शुरू होती है।
सीखेंगी तो औरों की भी मदद करेंगी
शिक्षिका सोनी दीक्षित का कहना है कि अगर महिला आत्मरक्षा के गुर सीखती हैं तो वह समाज के ऐसे छेड़छाड़ व अन्य घटनाओं को अंजाम देने वाले दानवों का डटकर मुकाबला कर सकती है। वहीं दूसरों के भी काम आ सकती है।
अभियान की सराहना की
शिक्षिका शहला अंजुम ने इस अभियान की सराहना की। कहा कि नारी सम्मान के लिए पुरुषों को भी आगे आकर शपथ लेनी चाहिए। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी। इसके लिए उन्होंने अमर उजाला का धन्यवाद ज्ञापित किया।
देश का नाम रोशन कर रहीं हैं बेटियां
छात्रा जसप्रीत कौर का कहना है कि बेटियां आज देश का नाम रोशन कर रही है। यदि अवसर मिलता है तो वह भी पीछे नही हटेंगी ।
मां-बाप, बेटियों के प्रति सोच बदलें
छात्रा अतूफा का कहना है कि बेटियों को अवसर मिलेगा तो वह कहीं भी बेटों से पीछे नहीं है। आज बेटियां भी देश की सरहदों पर डटी है। पर इसके लिए अभिभावकों को बेटों के सामान बेटियों को भी उच्च शिक्षा दिलाने को सोच में बदलाव करना होगा।
नारियों का बढ़ा है हौसला
छात्रा महकदीप का कहना है कि बेटियां आज स्वयं वायुसेना जैसी सेवाएं कर घर, परिवार और देश के नाम को रोशन कर रही है। इससे नारियों का हौसला निरंतर बढ़ रहा है।
छात्रा जसप्रीत कौर का कहना है कि बेटियां आज देश का नाम रोशन कर रही है। यदि अवसर मिलता है तो वह भी पीछे नही हटेंगी ।
मां-बाप, बेटियों के प्रति सोच बदलें
छात्रा अतूफा का कहना है कि बेटियों को अवसर मिलेगा तो वह कहीं भी बेटों से पीछे नहीं है। आज बेटियां भी देश की सरहदों पर डटी है। पर इसके लिए अभिभावकों को बेटों के सामान बेटियों को भी उच्च शिक्षा दिलाने को सोच में बदलाव करना होगा।
नारियों का बढ़ा है हौसला
छात्रा महकदीप का कहना है कि बेटियां आज स्वयं वायुसेना जैसी सेवाएं कर घर, परिवार और देश के नाम को रोशन कर रही है। इससे नारियों का हौसला निरंतर बढ़ रहा है।
आगे भी चलता रहे ऐसा कार्यक्रम
छात्रा सिमरन राही का कहना है कि वह भी महिला सुरक्षा के लिए जागरूक है। वह नारी सम्मान के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा रखती है। राही ने अमर उजाला के नारी गरिमा कार्यक्रम की सराहना की। आगे भी ऐसे ही कार्यक्रमों को आयोजित महिलाओं को उनके दायित्वों का निर्वहन कराते रहने का सुझाव दिया।
बेटियां देशहित में हर तरह से तैयार
छात्रा हर्षदीप का कहना है कि बेटियों को भी बेटों के समान समझना चाहिए। आज वह देशहित के लिए हर तरह से तैयार रहती है।
छात्रा सिमरन राही का कहना है कि वह भी महिला सुरक्षा के लिए जागरूक है। वह नारी सम्मान के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा रखती है। राही ने अमर उजाला के नारी गरिमा कार्यक्रम की सराहना की। आगे भी ऐसे ही कार्यक्रमों को आयोजित महिलाओं को उनके दायित्वों का निर्वहन कराते रहने का सुझाव दिया।
बेटियां देशहित में हर तरह से तैयार
छात्रा हर्षदीप का कहना है कि बेटियों को भी बेटों के समान समझना चाहिए। आज वह देशहित के लिए हर तरह से तैयार रहती है।