अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: बेटियां जरूर सीखें आत्मरक्षा के गुर
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मुजफ्फरनगर जनपद में खतौली के सेंट थॉमस स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुभारंभ मैनेजर फादर सन्नी व प्रधानाचार्य फादर जिम्मी ने किया।
कार्यक्रम में सीओ आशीष प्रताप सिंह ने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए। अगर छात्राएं गुर सीखेंगी, तो वे खुद भी अपनी रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगर आपके साथ कोई छेड़छाड़ करता है, तो उसका डटकर मुकाबला करें। पीछे कतई हटना नहीं चाहिए।
हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पुलिस को सूचना दें। किसी भी घटना की जानकारी अपनी अध्यापिकाओं को भी देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को हेल्पलाइन 1090, 181, 100 की जानकारी दी। सीओ ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुरु भी सिखाए।
समाज के लोगों को बेटियों को आगे बढ़ाने की पहल करनी पड़ेगी। बेटियों को कामकाज करने तक ही अपने घरों में सीमित न रखें। लड़कियों को शिक्षित कराना चाहिए। अगर बेटियां शिक्षित होंगी, तो वे समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। - फादर सन्नी, मैनेजर।
महिला सशक्तीकरण के कार्यक्रमों में महिलाओं के साथ लड़कियों को भी भाग लेना चाहिए। हमारी सरकार का भी यह मकसद है कि महिलाएं और लड़कियां सशक्तीकरण बनें। - फादर जिम्मी, प्रधानाचार्य।
बेटियों को हर घर में सम्मान मिलना चाहिए। बेटियों को सशक्तीकरण बनाने में अभिभावकों को भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। बेटियों को शिक्षित कराकर आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। - जजा अली, छात्रा
दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या करना, कन्या भ्रूण हत्या अपराधों के खिलाफ नारी शक्ति को आवाज उठानी होगी। इसके लिए महिलाओं को जागरूक करना पड़ेगा। इसके लिए समाज को भी आगे आना चाहिए। - अनम मिर्जा, छात्रा
महिलाओं को उन पर होने वाले अत्याचारों को सहन करने के बजाए उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। महिलाएं अगर अत्याचारों को सहती रहीं, तो समाज में कभी बदलाव नहीं आएगा। - सना सैफी, छात्रा
स्कूल की छात्राओं को पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों को जानकारी होनी चाहिए। आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए। छात्राएं आत्मरक्षा के गुर से अपनी खुद की रक्षा स्वयं कर सकती हैं। - खनसा, छात्रा
लड़कियों को पढ़ाने का समाज को भरपूर मौका देना चाहिए। उनकी शिक्षा में कभी रुकावट नहीं होनी चाहिए। शिक्षा के बिना भी लड़कियां कभी सशक्त नहीं बन सकतीं। इसलिए लड़कियों को बेहतर शिक्षा दिलाएं। - शवनंदनी, छात्रा
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