डेरामुखी राम रहीम को लेकर यूपी में अब ये राज भी खुल गया, जांच शुरू...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के जेल पहुंचते ही यूपी के इकलौते डेरे बरनावा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वन विभाग की टीम ने आश्रम के बाहर वन क्षेत्र की पैमाइश की। डीएफओ ने स्वीकार किया है आश्रम ने वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया है। कितनी जमीन कब्जाई गई, यह सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा। एसडीएम बड़ौत ने कहा जांच के लिए चकबंदी और वन विभाग की टीम बनाई गई है।
डेरा सच्चा सौदा ने 15 अगस्त 1980 को बरनावा में डेरे की स्थापना की। सवाल और शिकायतें कई बार हुई, लेकिन जांच का शिकंजा पहली बार कसता दिख रहा है। उप प्रभागीय वन अधिकारी बड़ौत सुधीर कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को आश्रम से सटी वन विभाग की जमीन की पैमाइश शुरू की। करीब एक घंटे तक वन विभाग की टीम वन क्षेत्र में पैमाइश करती रही। गाटा संख्या 2884 की करीब डेढ़ बीघा जमीन मौके पर नहीं मिली है। इसके अलावा गाटा संख्या 2725, 2727, 2870, 2874 और 2876 की पैमाइश में जमीन कम मिली है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया डीएफओ को मामले से अवगत दिया गया है। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा प्राथमिक जांच में वन विभाग की जमीन पर आश्रम का अतिक्रमण होने की पुष्टि हो रही है। मंगलवार को जांच के लिए पहुंची टीम के साथ विभाग का सर्वेयर नहीं था, इस कारण स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चकबंदी विभाग की टीम और सर्वेयर के साथ यहां बुधवार से दोबारा सर्वे कराया जा सकेगा।
इसके बाद ही यह स्थिति स्पष्ट होगी कि वन विभाग की कितनी जमीन कब्जाई गई है। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने कहा जांच के लिए वह पहले ही टीम गठित कर चुके हैं। वन विभाग की टीम में रेंजर राजपाल सिंह, डिप्टी रेंजर, वन दारोगा चंद किरण शर्मा, वन रक्षक मनोज कुमार, ओम सिंह, चौकीदार नीटू शामिल हैं। उधर, बरनावा आश्रम सरकारी कार्यक्रमों का भी केंद्र रहा। चुनावी जागरूकता, बच्चों की प्रतियोगिता से लेकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आश्रम में ही कराए गए।
सिरसा का बिगड़ा खेल, बरनावा का क्या होगा
डेरा सच्चा सौदा के सिरसा डेरे पर हरियाणा सरकार ने शिकंजा कस दिया है। डेरे के सेफ्टी टैंक से लेकर यहां से निकाले जा रहे पाइस जांच की रडार पर हैं। बरनावा आश्रम की स्थापना के पिछले 37 साल में शिकायतें हुई, लेकिन मामला फाइलों तक ही दबकर रह गया। कई दशक से बरनावा की चकबंदी प्रक्रिया लटकी है। डेरे की जमीन की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। सिरसा पर शिकंजा कसा गया तो यूपी के सबसे बड़े डेरे बरनावा भी जांच में घिरता नजर आ रहा है। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने दो दिन पहले ही चकबंदी और वन विभाग से जमीन की जांच कराने की बात कही थी। वन विभाग की टीम पहुंच भी गई और यह भी स्वीकार किया कि उनकी जमीन पर कब्जा किया गया है। कब्जा कितना है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
प्रबंधक बोले, सिरसा में है जमीन का रिकॉर्ड
बरनावा आश्रम के प्रबंधक अनिरुद्ध उर्फ गुड्डन त्यागी ने कहा कोई कब्जा नहीं किया गया। आश्रम के पास बैनामा के कागजात हैं, इसके अलावा एक इंच जमीन नहीं कब्जाई गई। आश्रम और कृषि भूमि के सवाल पर उन्होंने कहा जमीन का रिकॉर्ड सिरसा में है। चकबंदी की प्रक्रिया की देखरेख में सिरसा आश्रम के पदाधिकारी ही कर रहे। सिरसा से फिलहाल संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। आश्रम के पास कितनी जमीन है, प्रबंधक इस बाबत नहीं बता पाए।
आश्रम में इन होते ही आउट हो गई टीम
करीब एक घंटे तक आश्रम के बाहर जमीन की छानबीन करने वाली वन विभाग की टीम आश्रम के भीतर जांच नहीं कर सकी। मुख्य गेट से टीम ने आश्रम में एंट्री की, मार्ग पर ही प्रबंधक गुड्डन त्यागी मिल गए। कुछ देर बात कर टीम यहीं से बगैर अंदर जांच किए लौट गई। डीएफओ अरुण कुमार ने कहा मेरठ से विभाग का सर्वेयर बुलाकर जांच की जाएगी।
बरनावा में 226 हेक्टेयर में फैला वन क्षेत्र
वन विभाग के डीसीओ बड़ौत सुधीर कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि इस क्षेत्र में वन विभाग की करीब 226 हेक्टेयर जमीन है। इसे 104 ब्लॉक में बांटा गया है। विभाग गाटा संख्या के हिसाब से जांच में जुटा है।
देरी से जागा सिस्टम
आश्रम के शौचालयों से निकलने वाली गंदगी को वन विभाग की जमीन पर ब्लॉक बनाकर पाइप के जरिये सीधे कृष्णा नदी में डाला है। इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। कृष्णा नदी का यही पानी आगे हिंडन से मिलता है। आश्रम से कई पाइप सीधे नदी में डाले हैं। एक तरफ नदियों को बचाने और पानी स्वच्छ करने का संदेश आश्रम से ही दिया जा रहा है और दूसरी तरफ गंदा पानी नदी में निकाला जा रहा है। डीएफओ का कहना है कि इसकी जांच शुरू कर दी। यही नहीं वन विभाग की जमीन की तरफ एक दरवाजा लगा है, जिसे वन विभाग की जमीन पर बताया जा रहा है।
वन विभाग ने बरती बड़ी लापरवाही
डेरा अनुयायी हरियाणा और पंजाब में हिंसक हो रहे हैं। बरनावा में पीएसी तैनात है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने अदूरदर्शिता का परिचय दिया। एसडीएम बड़ौत और बिनौली थाने की पुलिस को बगैर सूचना दिए और बगैर सुरक्षा के टीम जांच के लिए पहुंच गई। जबकि खुफिया इनपुट है कि बरनावा में डेरा अनुयायी हंगामा कर सकते हैं। ऐसे में टीम ने जांच भी की और एकबारगी आश्रम में भी घुसी, इसके विरोध की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता, ऐसे में वन विभाग की अदूरदर्शिता से माहौल खराब हो सकता है।
ऐसे होगी जमीन की जांच
बरनावा गांव में चकबंदी प्रक्रिया पिछले तीन दशक से चल रही है। आश्रम की जमीन की तफ्तीश अब राजस्व विभाग, वन विभाग और चकबंदी विभाग की टीम करेंगी।
डेरे की बिजली आपूर्ति की जांच
बरनावा आश्रम के बिल की पहले ही शिकायत हो चुकी है। यहां से गुजरने वाली लाइनों की भी अधिकारियों से शिकायत की गई है। कुछ लोगों का कहना है कि डेरे को दी जा रही बिजली आपूर्ति की जांच होनी चाहिए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/