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एएनएम भर्ती पर शासन से कार्रवाई की संस्तुति

Sat, 07 May 2016 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 07 May 2016 01:54 AM IST
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मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
 एएनएम भर्ती पर वसूली करने के मामले में फंसे स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। जिलाधिकारी पंकज यादव ने मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है।
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जिसमें विभाग के दो डिप्टी सीएमओ और दो लिपिक ों के साथ ही विभाग के अहम अधिकारी की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिलास्तरीय जांच में स्पष्ट हो गया है कि भर्ती के नाम पर खेल हुआ और असली लिस्ट जारी होने से पहले विभाग ने अपनी लिस्ट बनाई। अब शासन सारे मामले में कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
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जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाना से साफ हो गया है कि अब मौजूद एएनएम भर्ती किसी भी सूरत में फाइनल नहीं होगी। हालांकि, अब खाली पड़े पदों को भरने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिसकी निगरानी पूरी तरह से जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ से हो सकती है, लेकिन यह सब बाद का विषय है।
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खासकर, जब शासन एएनएम भर्ती घोटाले की जांच रिपोर्ट पर कोई एक्शन नहीं ले लेता है।  

‘अमर उजाला’ ने किया खुलासा
‘अमर उजाला’ ने 14 अप्रैल के अंक में एएनएम भर्ती घोटाले का खुलासा किया था। जिसके बाद डीएम ने एडीएम (वित्त) गौरव वर्मा को जांच सौंपकर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी। जांच रिपोर्ट में खबर पर मोहर लगाते हुए धांधली की बात स्वीकार गई।
जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीएमओ कार्यालय में हाथ से चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट और जिलाधिकारी की तरफ से फाइनल की गई रिपोर्ट का मिलान करने से स्पष्ट होता है कि वो सभी उम्मीदवार स्वास्थ्य विभाग की लिस्ट में है जो जिलाधिकारी कार्यालय से फाइनल की गई।
यही नहीं, चयनित उम्मीदवारों के नाम भी क्रम से लिखे हुए हैं, जिससे स्पष्ट होता है लिस्ट तैयार कर भारी धांधली की गई है। एक साल में बढ़ा धांधली का ग्राफबीते एक साल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की छवि आम लोगों के बीच में काफी खराब हुई है।

पहले अवैध तरीके से बाबुओं को नियुक्त कराना। उसके बाद अस्पताल, नर्सिंग होम से लेकर डाइग्नोस्टिक सेंटरों की पंजीकरण व नवीनीकरण पर वसूली के आरोप लगे।
उसके बाद करीब 40 लाख से ऊपर की मारकिन व गॉजथान खरीदने में धांधली हुई, जिस पर नेशनल हेल्थ मिशन निदेशक अमित घोष ने स्वयं जांच बैठाई। इन सब के बाद अब एएनएम भर्ती का मामला सभी के सामने है।
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